धर्मविधिक कैलेंडर

कैथोलिक कलीसिया के काल, रंग, महापर्व, पर्व और स्मृतियाँ, हर दिन के लिए गणना की गईं।

आज कलीसिया में

सामान्य काल · सप्ताह 30धर्मविधिक रंग: हरा

सामान्य काल के 30वें सप्ताह का शनिवारसप्ताह-दिवस

रविवार चक्र A · सप्ताह-दिवस चक्र II

मार्च 2027
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
1, बैंगनीचालीसा काल के 3वें सप्ताह का सोमवार2, बैंगनीचालीसा काल के 3वें सप्ताह का मंगलवार3, बैंगनीचालीसा काल के 3वें सप्ताह का बुधवार4, बैंगनीचालीसा काल के 3वें सप्ताह का गुरुवारसंत कासिमिर (वैकल्पिक)5, बैंगनीचालीसा काल के 3वें सप्ताह का शुक्रवार6, बैंगनीचालीसा काल के 3वें सप्ताह का शनिवार
7, गुलाबीचालीसा काल का 4वाँ रविवाररविवार8, बैंगनीचालीसा काल के 4वें सप्ताह का सोमवारईश्वर के संत योहन (वैकल्पिक)9, बैंगनीचालीसा काल के 4वें सप्ताह का मंगलवाररोम की संत फ़्रांसेस (वैकल्पिक)10, बैंगनीचालीसा काल के 4वें सप्ताह का बुधवार11, बैंगनीचालीसा काल के 4वें सप्ताह का गुरुवार12, बैंगनीचालीसा काल के 4वें सप्ताह का शुक्रवार13, बैंगनीचालीसा काल के 4वें सप्ताह का शनिवार
14, बैंगनीचालीसा काल का 5वाँ रविवाररविवार15, बैंगनीचालीसा काल के 5वें सप्ताह का सोमवार16, बैंगनीचालीसा काल के 5वें सप्ताह का मंगलवार17, बैंगनीचालीसा काल के 5वें सप्ताह का बुधवारसंत पैट्रिक, धर्माध्यक्ष (वैकल्पिक)18, बैंगनीचालीसा काल के 5वें सप्ताह का गुरुवारयेरूसालेम के संत सिरिल (वैकल्पिक)19, सफ़ेदसंत योसेफ, धन्य कुँवारी मरियम के पतिमहापर्व20, बैंगनीचालीसा काल के 5वें सप्ताह का शनिवार
21, लालखजूर रविवार (प्रभु का दुःखभोग)रविवार22, बैंगनीपुण्य सप्ताह का सोमवार23, बैंगनीपुण्य सप्ताह का मंगलवार24, बैंगनीपुण्य सप्ताह का बुधवार25, सफ़ेदपुण्य बृहस्पतिवारत्रिदिवसीय26, लालपुण्य शुक्रवार (प्रभु का दुःखभोग)त्रिदिवसीय27, बैंगनीपुण्य शनिवारत्रिदिवसीय
28, सफ़ेदपास्का रविवार (प्रभु का पुनरुत्थान)त्रिदिवसीय29, सफ़ेदपास्का अठवारे का सोमवार30, सफ़ेदपास्का अठवारे का मंगलवार31, सफ़ेदपास्का अठवारे का बुधवार

सामान्य रोमन कैलेंडर (सार्वभौमिक)। राष्ट्रीय कैलेंडर और पर्वों का रविवार को स्थानांतरण लागू नहीं है।

दिन के सभी पाठ · सामान्य रोमन पंचांग। राष्ट्रीय पंचांगों (जैसे प्रभु प्रकाश या स्वर्गारोहण रविवार को) में पाठ भिन्न हो सकते हैं।

रविवार चक्र B · सप्ताह-दिवस चक्र I

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मविधिक रंगों का क्या अर्थ है?

सामान्य काल में हरा, आगमन और चालीसा काल में बैंगनी, प्रभु, माता मरियम और गैर-शहीद संतों के पर्वों पर सफ़ेद, पेंतेकोस्त, दुःखभोग और शहीदों के लिए लाल, और गौदेते तथा लेतारे रविवारों को गुलाबी रंग का उपयोग होता है।

मेरी पल्ली आज किसी दूसरे संत का उत्सव क्यों मना सकती है?

धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों और धर्मप्रांतों के अपने पंचांग होते हैं और वे कुछ महापर्वों को रविवार पर ले जा सकते हैं। यह पृष्ठ सार्वभौमिक सामान्य रोमन पंचांग दिखाता है।