
आज के पाठ
सामान्य काल के 34वें सप्ताह का बुधवारसप्ताह-दिवस
रविवार चक्र C · सप्ताह-दिवस चक्र I
पाठ Hindi Indian Revised Version (IRV-HI) से; आपके देश में पाठ-संग्रह का आधिकारिक अनुवाद भिन्न हो सकता है।
मिस्सा के पाठ
पहला पाठ दानिय्येल 5:1-6, 13-14, 16-17, 23-28
1बेलशस्सर नामक राजा ने अपने हजार प्रधानों के लिये बड़ी दावत की, और उन हजार लोगों के सामने दाखमधु पिया। 2दाखमधु पीते-पीते बेलशस्सर ने आज्ञा दी, कि सोने-चाँदी के जो पात्र मेरे पिता नबूकदनेस्सर ने यरूशलेम के मन्दिर में से निकाले थे, उन्हें ले आओ कि राजा अपने प्रधानों, और रानियों और रखैलों समेत उनमें से पीए। 3तब जो सोने के पात्र यरूशलेम में परमेश्वर के भवन के मन्दिर में से निकाले गए थे, वे लाए गए; और राजा अपने प्रधानों, और रानियों, और रखैलों समेत उनमें से पीने लगा। 4वे दाखमधु पी पीकर सोने, चाँदी, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवताओं की स्तुति कर ही रहे थे, (हब. 2:19, भज. 135:15-18) 5कि उसी घड़ी मनुष्य के हाथ की सी कई उँगलियाँ निकलकर दीवट के सामने राजभवन की दीवार के चूने पर कुछ लिखने लगीं; और हाथ का जो भाग लिख रहा था वह राजा को दिखाई पड़ा। 6उसे देखकर राजा भयभीत हो गया, और वह मन ही मन घबरा गया, और उसकी कमर के जोड़ ढीले हो गए, और काँपते-काँपते उसके घुटने एक दूसरे से लगने लगे। 13तब दानिय्येल राजा के सामने भीतर बुलाया गया। राजा दानिय्येल से पूछने लगा, “क्या तू वही दानिय्येल है जो मेरे पिता नबूकदनेस्सर राजा के यहूदा देश से लाए हुए यहूदी बंधुओं में से है? 14मैंने तेरे विषय में सुना है कि देवताओं की आत्मा तुझ में रहती है; और प्रकाश, प्रवीणता और उत्तम बुद्धि तुझ में पाई जाती है। 16परन्तु मैंने तेरे विषय में सुना है कि दानिय्येल भेद खोल सकता और सन्देह दूर कर सकता है। इसलिए अब यदि तू उस लिखे हुए को पढ़ सके और उसका अर्थ भी मुझे समझा सके, तो तुझे बैंगनी रंग का वस्त्र, और तेरे गले में सोने की कण्ठमाला पहनाई जाएगी, और राज्य में तीसरा तू ही प्रभुता करेगा।” 17दानिय्येल ने राजा से कहा, “अपने दान अपने ही पास रख; और जो बदला तू देना चाहता है, वह दूसरे को दे; वह लिखी हुई बात मैं राजा को पढ़ सुनाऊँगा, और उसका अर्थ भी तुझे समझाऊँगा। 23वरन् तूने स्वर्ग के प्रभु के विरुद्ध सिर उठाकर उसके भवन के पात्र मँगवाकर अपने सामने रखवा लिए, और अपने प्रधानों और रानियों और रखैलों समेत तूने उनमें दाखमधु पिया; और चाँदी-सोने, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवता, जो न देखते न सुनते, न कुछ जानते हैं, उनकी तो स्तुति की, परन्तु परमेश्वर, जिसके हाथ में तेरा प्राण है, और जिसके वश में तेरा सब चलना फिरना है, उसका सम्मान तूने नहीं किया। (अय्यू. 12:10, भज. 115:4-8) 24“तब ही यह हाथ का एक भाग उसी की ओर से प्रगट किया गया है और वे शब्द लिखे गए हैं। 25और जो शब्द लिखे गए वे ये हैं, मने, मने, तकेल, ऊपर्सीन। 26इस वाक्य का अर्थ यह है, मने, अर्थात् परमेश्वर ने तेरे राज्य के दिन गिनकर उसका अन्त कर दिया है। 27तकेल, तू मानो तराजू में तौला गया और हलका पाया गया है। 28परेस, अर्थात् तेरा राज्य बाँटकर मादियों और फारसियों को दिया गया है।”IRV-HI · Hindi Indian Revised Version (IRV) © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=hin2017). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. संदर्भ में पढ़ें: दानिय्येल 5:1-6, 13-14, 16-17, 23-28
अनुवाक्य भजन दानिय्येल 3:62, 63, 64, 65, 66, 67
62O all you powers of the Lord, bless the Lord! Praise and exalt him above all forever! 63O you sun and moon, bless the Lord! Praise and exalt him above all forever! 64O you stars of heaven, bless the Lord! Praise and exalt him above all forever! 65O every shower and dew, bless the Lord! Praise and exalt him above all forever! 66O all you winds, bless the Lord! Praise and exalt him above all forever! 67O you fire and heat, bless the Lord! Praise and exalt him above all forever!पाठ WEB-C से (आपके संस्करण में नहीं)। WEB-C · World English Bible (Catholic). Public Domain. Source: eBible.org. संदर्भ में पढ़ें: दानिय्येल 3:62, 63, 64, 65, 66, 67
सुसमाचार से पहले जयघोष प्रकाशितवाक्य 2:10c
सुसमाचार लूकस 21:12-19
12परन्तु इन सब बातों से पहले वे मेरे नाम के कारण तुम्हें पकड़ेंगे, और सताएँगे, और आराधनालयों में सौंपेंगे, और बन्दीगृह में डलवाएँगे, और राजाओं और राज्यपालों के सामने ले जाएँगे। 13पर यह तुम्हारे लिये गवाही देने का अवसर हो जाएगा। 14इसलिए अपने-अपने मन में ठान रखो कि हम पहले से उत्तर देने की चिन्ता न करेंगे। 15क्योंकि मैं तुम्हें ऐसा बोल और बुद्धि दूँगा, कि तुम्हारे सब विरोधी सामना या खण्डन न कर सकेंगे। 16और तुम्हारे माता-पिता और भाई और कुटुम्ब, और मित्र भी तुम्हें पकड़वाएँगे; यहाँ तक कि तुम में से कितनों को मरवा डालेंगे। 17और मेरे नाम के कारण सब लोग तुम से बैर करेंगे। 18परन्तु तुम्हारे सिर का एक बाल भी बाँका न होगा। (मत्ती 10:30, लूका 12:7) 19अपने धीरज से तुम अपने प्राणों को बचाए रखोगे।IRV-HI · Hindi Indian Revised Version (IRV) © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=hin2017). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. संदर्भ में पढ़ें: लूकस 21:12-19
सामान्य रोमन पंचांग। राष्ट्रीय पंचांगों (जैसे प्रभु प्रकाश या स्वर्गारोहण रविवार को) में पाठ भिन्न हो सकते हैं।
संदर्भ: Ordo Lectionum Missae, द्वितीय आदर्श संस्करण (Libreria Editrice Vaticana, 1981)। भजन का अनुवाक्य नहीं दिखाया गया है।