एआई द्वारा बनाया गया चित्र: मिस्सा में घोषित वचन
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आज के पाठ

ख्रीस्त जयंती अठवारे का 6वाँ दिनसप्ताह-दिवस

रविवार चक्र B · सप्ताह-दिवस चक्र I

पाठ Hindi Indian Revised Version (IRV-HI) से; आपके देश में पाठ-संग्रह का आधिकारिक अनुवाद भिन्न हो सकता है।

मिस्सा के पाठ

  1. पहला पाठ 1 योहन 2:12-17

    12हे बालकों, मैं तुम्हें इसलिए लिखता हूँ, कि उसके नाम से तुम्हारे पाप क्षमा हुए। (भज. 25:11) 13हे पिताओं, मैं तुम्हें इसलिए लिखता हूँ, कि जो आदि से है, तुम उसे जानते हो। हे जवानों, मैं तुम्हें इसलिए लिखता हूँ, कि तुम ने उस दुष्ट पर जय पाई है: हे बालकों, मैंने तुम्हें इसलिए लिखा है, कि तुम पिता को जान गए हो। 14हे पिताओं, मैंने तुम्हें इसलिए लिखा है, कि जो आदि से है तुम उसे जान गए हो। हे जवानों, मैंने तुम्हें इसलिए लिखा है, कि तुम बलवन्त हो, और परमेश्वर का वचन तुम में बना रहता है, और तुम ने उस दुष्ट पर जय पाई है। 15तुम न तो संसार से और न संसार की वस्तुओं से प्रेम रखो यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उसमें पिता का प्रेम नहीं है। 16क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात् शरीर की अभिलाषा, और आँखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है। (रोम. 13:14, नीति. 27:20) 17संसार और उसकी अभिलाषाएँ दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा।

    IRV-HI · Hindi Indian Revised Version (IRV) © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=hin2017). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. संदर्भ में पढ़ें: 1 योहन 2:12-17

  2. अनुवाक्य भजन स्तोत्र ग्रन्थ 96:7-8a, 8b-9, 10

    7हे देश-देश के कुल के लोगों, यहोवा का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को मानो! 8यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट लेकर उसके आँगनों में आओ! 9पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत् करो; हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके सामने काँपते रहो! 10जाति-जाति में कहो, “यहोवा राजा हुआ है! और जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं; वह देश-देश के लोगों का न्याय खराई से करेगा।”

    कुछ पद आंशिक रूप से पढ़े जाते हैं; पूरा पद दिखाया गया है।

    IRV-HI · Hindi Indian Revised Version (IRV) © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=hin2017). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. संदर्भ में पढ़ें: स्तोत्र ग्रन्थ 96:7-8a, 8b-9, 10

  3. सुसमाचार लूकस 2:36-40

    36और आशेर के गोत्र में से हन्नाह नामक फनूएल की बेटी एक भविष्यद्वक्तिन थी: वह बहुत बूढ़ी थी, और विवाह होने के बाद सात वर्ष अपने पति के साथ रह पाई थी। 37वह चौरासी वर्ष की विधवा थी: और मन्दिर को नहीं छोड़ती थी पर उपवास और प्रार्थना कर करके रात-दिन उपासना किया करती थी। 38और वह उस घड़ी वहाँ आकर परमेश्वर का धन्यवाद करने लगी, और उन सभी से, जो यरूशलेम के छुटकारे की प्रतीक्षा कर रहे थे, उसके विषय में बातें करने लगी। (यशा. 52:9) 39और जब वे प्रभु की व्यवस्था के अनुसार सब कुछ निपटा चुके तो गलील में अपने नगर नासरत को फिर चले गए। 40और बालक बढ़ता, और बलवन्त होता, और बुद्धि से परिपूर्ण होता गया; और परमेश्वर का अनुग्रह उस पर था।

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सामान्य रोमन पंचांग। राष्ट्रीय पंचांगों (जैसे प्रभु प्रकाश या स्वर्गारोहण रविवार को) में पाठ भिन्न हो सकते हैं।

संदर्भ: Ordo Lectionum Missae, द्वितीय आदर्श संस्करण (Libreria Editrice Vaticana, 1981)। भजन का अनुवाक्य नहीं दिखाया गया है।