
آج کی تلاوتیں
کرسمس کے موسم کا جمعراتعام دن
اتوار کا دور B · ہفتے کے دنوں کا دور I
متن Urdu Indian Revised Version (IRV-UR) سے؛ آپ کے ملک میں کتابِ تلاوت کا سرکاری ترجمہ مختلف ہو سکتا ہے۔
پاک ماس کی تلاوتیں
پہلی تلاوت 1 یوحنا 3:22-4:6
22और जो कुछ हम माँगते हैं वो हमें उसकी तरफ़ से मिलता है, क्यूँकि हम उसके हुक्मों पर अमल करते हैं और जो कुछ वो पसन्द करता है उसे बजा लाते हैं। 23और उसका हुक्म ये है कि हम उसके बेटे ईसा मसीह के नाम पर ईमान लाएँ, जैसा उसने हमें हुक्म दिया उसके मुवाफ़िक़ आपस में मुहब्बत रख्खें। 24और जो उसके हुक्मों पर 'अमल करता है, वो इस में और ये उसमें क़ाईम रहता है; और इसी से या'नी उस पाक रूह से जो उसने हमें दिया है, हम जानते हैं कि वो हम में क़ाईम रहता है। 1ऐ 'अज़ीज़ो! हर एक रूह का यक़ीन न करो, बल्कि रूहों को आज़माओ कि वो ख़ुदा की तरफ़ से हैं या नहीं; क्यूँकि बहुत से झूठे नबी दुनियाँ में निकल खड़े हुए हैं। 2ख़ुदा के रूह को तुम इस तरह पहचान सकते हो कि जो कोई रूह इक़रार करे कि ईसा मसीह मुजस्सिम होकर आया है, वो ख़ुदा की तरफ़ से है; 3और जो कोई रूह ईसा का इक़रार न करे, वो ख़ुदा की तरफ़ से नहीं और यही मुख़ालिफ़ — ऐ — मसीह की रूह है; जिसकी ख़बर तुम सुन चुके हो कि वो आनेवाली है, बल्कि अब भी दुनिया में मौजूद है। 4ऐ बच्चों! तुम ख़ुदा से हो और उन पर ग़ालिब आ गए हो, क्यूँकि जो तुम में है वो उससे बड़ा है जो दुनिया में है। 5वो दुनिया से हैं इस वास्ते दुनियाँ की सी कहते हैं, और दुनियाँ उनकी सुनती है। 6हम ख़ुदा से है। जो ख़ुदा को जानता है, वो हमारी सुनता है; जो ख़ुदा से नहीं, वो हमारी नहीं सुनता। इसी से हम हक़ की रूह और गुमराही की रूह को पहचान लेते हैं।IRV-UR · Urdu Indian Revised Version (IRV) © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=urd). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. سیاق و سباق میں پڑھیں: 1 یوحنا 3:22-4:6
جوابی زبور زبور 2:7-8, 10-11
7मैं उस फ़रमान को बयान करूँगा:ख़ुदावन्द ने मुझ से कहा, “तू मेरा बेटा है। आज तू मुझ से पैदा हुआ। 8मुझ से माँग, और मैं क़ौमों को तेरी मीरास के लिए, और ज़मीन के आख़िरी हिस्से तेरी मिल्कियत के लिए तुझे बख़्शूँगा। 10इसलिए अब ऐ बादशाहो, अक़्लमंद बनो; ऐ ज़मीन की 'अदालत करने वालो, तरबियत पाओ। 11डरते हुए ख़ुदावन्द की इबादत करो, काँपते हुए ख़ुशी मनाओ।IRV-UR · Urdu Indian Revised Version (IRV) © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=urd). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. سیاق و سباق میں پڑھیں: زبور 2:7-8, 10-11
انجیل سے پہلے نعرہ متی 4:23
انجیل متی 4:12-17, 23-25
12जब उस ने सुना कि यूहन्ना पकड़वा दिया गया तो गलील को रवाना हुआ; 13और नासरत को छोड़ कर कफ़रनहूम में जा बसा जो झील के किनारे ज़बलून और नफ़्ताली की सरहद पर है। 14ताकि जो यसा'याह नबी की मारिफ़त कहा गया था, वो पूरा हो। 15“ज़बलून का इलाक़ा, और नफ़्ताली का इलाक़ा, दरिया की राह यर्दन के पार, ग़ैर क़ौमों की गलील: 16या'नी जो लोग अन्धेरे में बैठे थे, उन्होंने बड़ी रौशनी देखी; और जो मौत के मुल्क और साए में बैठे थे, उन पर रोशनी चमकी।” 17उस वक़्त से ईसा ने एलान करना और ये कहना शुरू किया “तौबा करो, क्यूँकि आस्मान की बादशाही नज़दीक आ गई है।” 23ईसा पुरे गलील में फिरता रहा, और उनके इबादतख़ानों में तालीम देता, और बादशाही की ख़ुशख़बरी का एलान करता और लोगों की हर तरह की बीमारी और हर तरह की कमज़ोरी को दूर करता रहा। 24और उस की शोहरत पूरे सूब — ए — सूरिया में फैल गई, और लोग सब बिमारों को जो तरह — तरह की बीमारियों और तकलीफ़ों में गिरफ़्तार थे; और उन को जिन में बदरूहें थी, और मिर्गी वालों और मफ़्लूजों को उस के पास लाए और उसने उन को अच्छा किया। 25और गलील, और दिकपुलिस, और येरूशलेम, और यहूदिया और यर्दन के पार से बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली।IRV-UR · Urdu Indian Revised Version (IRV) © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=urd). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. سیاق و سباق میں پڑھیں: متی 4:12-17, 23-25
عمومی رومی کیلنڈر۔ قومی کیلنڈروں میں (مثلاً اتوار کو عیدِ ظہور یا عیدِ صعود) تلاوتیں مختلف ہو سکتی ہیں۔
حوالے: Ordo Lectionum Missae، دوسرا معیاری ایڈیشن (Libreria Editrice Vaticana، 1981)۔ زبور کا جواب نہیں دکھایا گیا۔