
آج کی تلاوتیں
عام موسم کے 31ویں ہفتے کا ہفتہعام دن
اتوار کا دور C · ہفتے کے دنوں کا دور I
متن Urdu Indian Revised Version (IRV-UR) سے؛ آپ کے ملک میں کتابِ تلاوت کا سرکاری ترجمہ مختلف ہو سکتا ہے۔
پاک ماس کی تلاوتیں
پہلی تلاوت رومیوں 16:3-9, 16, 22-27
3प्रिस्का और अक्विला से मेरा सलाम कहो वो मसीह ईसा में मेरे हमख़िदमत हैं। 4उन्होंने मेरी जान के लिए अपना सिर दे रख्खा था; और सिर्फ़ में ही नहीं बल्कि ग़ैर क़ौमों की सब कलीसियाएँ भी उनकी शुक्रगुज़ार हैं। 5और उस कलीसिया से भी सलाम कहो जो उन के घर में है; मेरे प्यारे अपीनितुस से सलाम कहो जो मसीह के लिए आसिया का पहला फल है। 6मरियम से सलाम कहो; जिसने तुम्हारे वास्ते बहुत मेहनत की। 7अन्द्रनीकुस और यून्यास से सलाम कहो वो मेरे रिश्तेदार हैं और मेरे साथ क़ैद हुए थे, और रसूलों में नामवर हैं और मुझ से पहले मसीह में शामिल हुए। 8अम्पलियातुस से सलाम कहो जो ख़ुदावन्द में मेरा प्यारा है। 9उरबानुस से जो मसीह में हमारा हमख़िदमत है और मेरे प्यारे इस्तख़ुस से सलाम कहो। 16आपस में पाक बोसा लेकर एक दूसरे को सलाम करो मसीह की सब कलीसियाएँ तुम्हें सलाम कहती हैं। 22इस ख़त का कातिब तिरतियुस तुम को ख़ुदावन्द में सलाम कहता है। 23गयुस मेरा और सारी कलीसिया का मेहमानदार तुम्हें सलाम कहता है इरास्तुस शहर का ख़ज़ांची और भाई क्वारतुस तुम को सलाम कहते हैं। 24हमारे ख़ुदावन्द ईसा मसीह का फ़ज़ल तुम सब के साथ हो; आमीन। 25अब ख़ुदा जो तुम को मेरी ख़ुशख़बरी या'नी ईसा मसीह की मनादी के मुवाफ़िक़ मज़बूत कर सकता है, उस राज़ के मुक़ाशिफ़ा के मुताबिक़ जो अज़ल से पोशीदा रहा। 26मगर इस वक़्त ज़ाहिर हो कर ख़ुदा'ए अज़ली के हुक्म के मुताबिक़ नबियों की किताबों के ज़रिए से सब क़ौमों को बताया गया ताकि वो ईमान के ताबे हो जाएँ। 27उसी वाहिद हकीम ख़ुदा की ईसा मसीह के वसीले से हमेशा तक बड़ाई होती रहे। आमीन।IRV-UR · Urdu Indian Revised Version (IRV) © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=urd). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. سیاق و سباق میں پڑھیں: رومیوں 16:3-9, 16, 22-27
جوابی زبور زبور 145:2-3, 4-5, 10-11
2मैं हर दिन तुझे मुबारक कहूँगा, और हमेशा से हमेशा तक तेरे नाम की सिताइश करूँगा। 3ख़ुदावन्द बुजु़र्ग और बेहद सिताइश के लायक़ है; उसकी बुजु़र्गी बयान से बाहर है। 4एक नसल दूसरी नसल से तेरे कामों की ता'रीफ़, और तेरी कु़दरत के कामों का बयान करेगी। 5मैं तेरी 'अज़मत की जलाली शान पर, और तेरे 'अजायब पर ग़ौर करूँगा। 10ऐ ख़ुदावन्द, तेरी सारी मख़लूक़ तेरा शुक्र करेगी, और तेरे पाक लोग तुझे मुबारक कहेंगे! 11वह तेरी सल्तनत के जलाल का बयान, और तेरी कु़दरत का ज़िक्र करेंगे;IRV-UR · Urdu Indian Revised Version (IRV) © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=urd). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. سیاق و سباق میں پڑھیں: زبور 145:2-3, 4-5, 10-11
انجیل سے پہلے نعرہ 2 کرنتھیوں 8:9
انجیل لوقا 16:9-15
9और मैं तुम से कहता हूँ कि नारास्ती की दौलत से अपने लिए दोस्त पैदा करो, ताकि जब वो जाती रहे तो ये तुम को हमेशा के मुक़ामों में जगह दें। 10जो थोड़े में ईमानदार है, वो बहुत में भी ईमानदार है; और जो थोड़े में बेईमान है, वो बहुत में भी बेईमान है। 11पस जब तुम नारास्त दौलत में ईमानदार न ठहरे तो हक़ीक़ी दौलत कौन तुम्हारे ज़िम्मे करेगा। 12और अगर तुम बेगाना माल में ईमानदार न ठहरे तो जो तुम्हारा अपना है उसे कौन तुम्हें देगा?” 13“कोई नौकर दो मालिकों की ख़िदमत नहीं कर सकता: क्यूँकि या तो एक से 'दुश्मनी रख्खेगा और दूसरे से मुहब्बत, या एक से मिला रहेगा और दूसरे को नाचीज़ जानेगा। तुम ख़ुदा और दौलत दोनों की ख़िदमत नहीं कर सकते।” 14फ़रीसी जो दौलत दोस्त थे, इन सब बातों को सुनकर उसे ठठ्ठे में उड़ाने लगे। 15उसने उनसे कहा, “तुम वो हो कि आदमियों के सामने अपने आपको रास्तबाज़ ठहराते हो, लेकिन ख़ुदा तुम्हारे दिलों को जानता है; क्यूँकि जो चीज़ आदमियों की नज़र में 'आला क़द्र है, वो ख़ुदा के नज़दीक मकरूह है।”IRV-UR · Urdu Indian Revised Version (IRV) © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=urd). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. سیاق و سباق میں پڑھیں: لوقا 16:9-15
عمومی رومی کیلنڈر۔ قومی کیلنڈروں میں (مثلاً اتوار کو عیدِ ظہور یا عیدِ صعود) تلاوتیں مختلف ہو سکتی ہیں۔
حوالے: Ordo Lectionum Missae، دوسرا معیاری ایڈیشن (Libreria Editrice Vaticana، 1981)۔ زبور کا جواب نہیں دکھایا گیا۔