
آج کی تلاوتیں
طفل یسوع کی مقدسہ تریسایادگاری دن
اتوار کا دور C · ہفتے کے دنوں کا دور I
متن Urdu Indian Revised Version (IRV-UR) سے؛ آپ کے ملک میں کتابِ تلاوت کا سرکاری ترجمہ مختلف ہو سکتا ہے۔
پاک ماس کی تلاوتیں
پہلی تلاوت نحمیاہ 2:1-8
1अरतख़शशता बादशाह के बीसवें बरस नेसान के महीने में, जब मय उसके आगे थी तों मैंने मय उठा कर बादशाह को दी। इससे पहले मैं कभी उसके सामने मायूस नहीं हुआ था। 2इसलिए बादशाह ने मुझसे कहा, “तेरा चेहरा क्यूँ मायूस है, बावजूद ये कि तू बीमार नहीं है? तब ये दिल के ग़म के अलावा और कुछ न होगा।” तब मैं बहुत डर गया। 3मैंने बादशाह से कहा कि “बादशाह हमेशा ज़िन्दा रहे! मेरा चेहरा मायूस क्यूँ न हो, जबकि वह शहर जहाँ मेरे बाप — दादा की क़ब्रे हैं उजाड़ पड़ा है, और उसके फाटक आग से जले हुए हैं?” 4बादशाह ने मुझसे फ़रमाया, “किस बात के लिए तेरी दरख़्वास्त है?” तब मैंने आसमान के ख़ुदा से दुआ की, 5फिर मैंने बादशाह से कहा, “अगर बादशाह की मर्ज़ी हो, और अगर तेरे ख़ादिम पर तेरे करम की नज़र है, तो तू मुझे यहूदाह में मेरे बाप — दादा की क़ब्रों के शहर को भेज दे ताकि मैं उसे ता'मीर करूँ।” 6तब बादशाह ने (मलिका भी उस के पास बैठी थी) मुझ से कहा, “तेरा सफ़र कितनी मुद्दत का होगा और तू कब लौटेगा?” ग़रज़ बादशाह की मर्ज़ी हुई कि मुझे भेजे:और मैंने वक़्त मुक़र्रर करके उसे बताया। 7और मैंने बादशाह से ये भी कहा, “अगर बादशाह की मर्ज़ी हो, तो दरिया पार हाकिमों के लिए मुझे परवाने 'इनायत हों कि वह मुझे यहूदाह तक पहुँचने के लिए गुज़र जाने दें।” 8और आसफ़ के लिए जो शाही जंगल का निगहबान है, एक शाही ख़त मिले कि वह हैकल के क़िले' के फाटकों के लिए, और शहरपनाह और उस घर के लिए जिस में रहूँगा, कड़ियाँ बनाने को मुझे लकड़ी दे और चूँकि मेरे ख़ुदा की शफ़क़त का हाथ मुझ पर था, बादशाह ने 'अर्ज़ क़ुबूल की।IRV-UR · Urdu Indian Revised Version (IRV) © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=urd). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. سیاق و سباق میں پڑھیں: نحمیاہ 2:1-8
جوابی زبور زبور 137:1-2, 3, 4-5, 6
1हम बाबुल की नदियों पर बैठे, और सिय्यून को याद करके रोए। 2वहाँ बेद के दरख़्तों पर उनके वस्त में, हम ने अपने सितारों को टाँग दिया। 3क्यूँकि वहाँ हम को ग़ुलाम करने वालों ने हम्द गाने का हुक्म दिया, और तबाह करने वालों ने खु़शी करने का, और कहा, “सिय्यून के हम्दों में से हमको कोई हम्द सुनाओ!” 4हम परदेस में, ख़ुदावन्द का हम्द कैसे गाएँ? 5ऐ येरूशलेम! अगर मैं तुझे भूलूँ, तो मेरा दहना हाथ अपना हुनर भूल जाए। 6अगर मैं तुझे याद न रख्खूँ, अगर मैं येरूशलेम को, अपनी बड़ी से बड़ी ख़ुशी पर तरजीह न दूँ मेरी ज़बान मेरे तालू से चिपक जाए!IRV-UR · Urdu Indian Revised Version (IRV) © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=urd). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. سیاق و سباق میں پڑھیں: زبور 137:1-2, 3, 4-5, 6
انجیل سے پہلے نعرہ فلپیوں 3:8-9
انجیل لوقا 9:57-62
57जब वो राह में चले जाते थे तो किसी ने उससे कहा, “जहाँ कहीं तू जाए, मैं तेरे पीछे चलूँगा।” 58ईसा ने उससे कहा, “लोमड़ियों के भठ होते हैं और हवा के परिन्दों के घोंसले, मगर इब्न — ए — आदम के लिए सिर रखने की भी जगह नहीं।” 59फिर उसने दूसरे से कहा, “मेरे पीछे हो ले।” उसने जवाब में कहा, “ऐ ख़ुदावन्द! मुझे इजाज़त दे कि पहले जाकर अपने बाप को दफ़्न करूँ।” 60उसने उससे कहा, “मुर्दों को अपने मुर्दे दफ़्न करने दे, लेकिन तू जाकर ख़ुदा की बादशाही की ख़बर फैला।” 61एक और ने भी कहा, “ऐ ख़ुदावन्द! मैं तेरे पीछे चलूँगा, लेकिन पहले मुझे इजाज़त दे कि अपने घर वालों से रुख़्सत हो आऊँ।” 62ईसा ने उससे कहा, “जो कोई अपना हाथ हल पर रख कर पीछे देखता है वो ख़ुदा की बादशाही के लायक़ नहीं।”IRV-UR · Urdu Indian Revised Version (IRV) © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=urd). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied. سیاق و سباق میں پڑھیں: لوقا 9:57-62
عمومی رومی کیلنڈر۔ قومی کیلنڈروں میں (مثلاً اتوار کو عیدِ ظہور یا عیدِ صعود) تلاوتیں مختلف ہو سکتی ہیں۔
حوالے: Ordo Lectionum Missae، دوسرا معیاری ایڈیشن (Libreria Editrice Vaticana، 1981)۔ زبور کا جواب نہیں دکھایا گیا۔