
यहेजकेल · IRV-HI
यहेजकेल
31
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
ग्यारहवें वर्ष के तीसरे महीने के पहले दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा: यह भी देखें: यहेजकेल 30:20यिर्मयाह 52:5-6यहेजकेल 1:2“हे मनुष्य के सन्तान, मिस्र के राजा फ़िरौन और उसकी भीड़ से कह, अपनी बड़ाई में तू किसके समान है। यह भी देखें: यहेजकेल 29:19यहेजकेल 31:18यहेजकेल 30:10देख, अश्शूर तो लबानोन का एक देवदार था जिसकी सुन्दर-सुन्दर शाखें, घनी छाया देतीं और बड़ी ऊँची थीं, और उसकी फुनगी बादलों तक पहुँचती थी। यह भी देखें: यशायाह 10:33-34दानिय्येल 4:20-23दानिय्येल 4:10जल ने उसे बढ़ाया, उस गहरे जल के कारण वह ऊँचा हुआ, जिससे नदियाँ उसके स्थान के चारों ओर बहती थीं, और उसकी नालियाँ निकलकर मैदान के सारे वृक्षों के पास पहुँचती थीं। यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 17:15नीतिवचन 14:28यहेजकेल 17:8इस कारण उसकी ऊँचाई मैदान के सब वृक्षों से अधिक हुई; उसकी टहनियाँ बहुत हुईं, और उसकी शाखाएँ लम्बी हो गई, क्योंकि जब वे निकलीं, तब उनको बहुत जल मिला। यह भी देखें: दानिय्येल 4:11यहेजकेल 17:5स्तोत्र ग्रन्थ 37:35-36उसकी टहनियों में आकाश के सब प्रकार के पक्षी बसेरा करते थे, और उसकी शाखाओं के नीचे मैदान के सब भाँति के जीवजन्तु जन्म लेते थे; और उसकी छाया में सब बड़ी जातियाँ रहती थीं। (दानि. 4:12) यह भी देखें: यहेजकेल 17:23मत्ती 13:32दानिय्येल 4:21वह अपनी बड़ाई और अपनी डालियों की लम्बाई के कारण सुन्दर हुआ; क्योंकि उसकी जड़ बहुत जल के निकट थी। परमेश्वर की बारी के देवदार भी उसको न छिपा सकते थे, सनोवर उसकी टहनियों के समान भी न थे, और न अर्मोन वृक्ष उसकी शाखाओं के तुल्य थे; परमेश्वर की बारी का भी कोई वृक्ष सुन्दरता में उसके बराबर न था। यह भी देखें: यहेजकेल 28:13यशायाह 51:3स्तोत्र ग्रन्थ 80:10मैंने उसे डालियों की बहुतायत से सुन्दर बनाया था, यहाँ तक कि अदन के सब वृक्ष जो परमेश्वर की बारी में थे, उससे डाह करते थे। यह भी देखें: दानिय्येल 2:37-38यशायाह 51:3स्तोत्र ग्रन्थ 75:6-7“इस कारण परमेश्वर यहोवा ने यह कहा है, उसकी ऊँचाई जो बढ़ गई, और उसकी फुनगी जो बादलों तक पहुँची है, और अपनी ऊँचाई के कारण उसका मन जो फूल उठा है, यह भी देखें: दानिय्येल 5:20यहेजकेल 28:172 इतिहास 32:25इसलिए जातियों में जो सामर्थी है, मैं उसी के हाथ उसको कर दूँगा, और वह निश्चय उससे बुरा व्यवहार करेगा। उसकी दुष्टता के कारण मैंने उसको निकाल दिया है। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 18:12दानिय्येल 5:18-19नहूम 3:18परदेशी, जो जातियों में भयानक लोग हैं, वे उसको काटकर छोड़ देंगे, उसकी डालियाँ पहाड़ों पर, और सब तराइयों में गिराई जाएँगी, और उसकी शाखाएँ देश के सब नालों में टूटी पड़ी रहेंगी, और जाति-जाति के सब लोग उसकी छाया को छोड़कर चले जाएँगे। यह भी देखें: यहेजकेल 28:7यहेजकेल 35:8यहेजकेल 30:11उस गिरे हुए वृक्ष पर आकाश के सब पक्षी बसेरा करते हैं, और उसकी शाखाओं के ऊपर मैदान के सब जीवजन्तु चढ़ने पाते हैं। यह भी देखें: यहेजकेल 32:4यशायाह 18:6यहेजकेल 29:5यह इसलिए हुआ है कि जल के पास के सब वृक्षों में से कोई अपनी ऊँचाई न बढ़ाए, न अपनी फुनगी को बादलों तक पहुँचाए, और उनमें से जितने जल पाकर दृढ़ हो गए हैं वे ऊँचे होने के कारण सिर न उठाए; क्योंकि वे भी सब के सब कब्र में गड़े हुए मनुष्यों के समान मृत्यु के वश करके अधोलोक में डाल दिए जाएँगे। यह भी देखें: 2 पतरस 2:6स्तोत्र ग्रन्थ 63:9-101 कुरिन्थियों 10:11“परमेश्वर यहोवा यह कहता है: जिस दिन वह अधोलोक में उतर गया, उस दिन मैंने विलाप कराया और गहरे समुद्र को ढाँप दिया, और नदियों का बहुत जल रुक गया; और उसके कारण मैंने लबानोन पर उदासी छा दी, और मैदान के सब वृक्ष मूर्छित हुए। यह भी देखें: मलाकी 3:4प्रकाशितवाक्य 18:9-11नहूम 2:8-10जब मैंने उसको कब्र में गड़े हुओं के पास अधोलोक में फेंक दिया, तब उसके गिरने के शब्द से जाति-जाति थरथरा गई, और अदन के सब वृक्ष अर्थात् लबानोन के उत्तम-उत्तम वृक्षों ने, जितने उससे जल पाते हैं, उन सभी ने अधोलोक में शान्ति पाई। यह भी देखें: यशायाह 14:15यहेजकेल 26:15यशायाह 14:8वे भी उसके संग तलवार से मारे हुओं के पास अधोलोक में उतर गए; अर्थात् वे जो उसकी भुजा थे, और जाति-जाति के बीच उसकी छाया में रहते थे। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 9:17यहेजकेल 31:6यहेजकेल 31:3“इसलिए महिमा और बड़ाई के विषय में अदन के वृक्षों में से तू किसके समान है? तू तो अदन के और वृक्षों के साथ अधोलोक में उतारा जाएगा, और खतनारहित लोगों के बीच तलवार से मारे हुओं के संग पड़ा रहेगा। फ़िरौन अपनी सारी भीड़-भाड़ समेत ऐसे ही होगा, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।” यह भी देखें: यहेजकेल 32:19यहेजकेल 32:21यहेजकेल 28:10
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मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)11 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
यहेजकेल 31:1
Ver. 1. Year, about a month before the fall of Jerusalem.
↑ 1यहेजकेल 31:3
Ver. 3. Assyrian. The ruin of this great empire (C.) might have admonished the king of Egypt of his frail condition. H. --- About thirty-eight years before (C.) Ninive had been taken, and its king (Sarac or Chinaladan) slain by his own general, Nabopolassar, and by Astyages, of Media. They divided the empire between them, and the father of Nabuchodonosor fixed his residence at Babylon. Usher, A. 3378. --- Cedar. Sept. "cypress." --- Top; the king of Ninive.
C. --- Egypt's monarch thought himself invincible; yet would fall like the Assyrians. W.
↑ 3यहेजकेल 31:4
Ver. 4. Roots. Various nations paid tribute to the Assyrians, (S. Jer. C.) while he sent his troops, like rivulets, to keep all in subjection. Theod.
↑ 4यहेजकेल 31:11
Ver. 11. I have delivered. Here the time past is put for the future; i.e. I shall deliver. --- The mighty one, &c. viz. Nabuchodonosor, who conquered both the Assyrians and Egyptians; (Ch.) or rather his father, Nabopolassar, subdued the former. v. 3. H.
↑ 11यहेजकेल 31:12
Ver. 12. Strangers; revolted Assyrians. See Ps. xvii. 46.
↑ 12यहेजकेल 31:13
Ver. 13. Branches. The nations continued, but submitted to another master.
↑ 13यहेजकेल 31:14
Ver. 14. Pit. The new king would appoint fresh governors.
↑ 14यहेजकेल 31:15
Ver. 15. Waters, as if they bewailed his fate. C. --- Those whom the king of Ninive had exalted, and the people, who wished not to submit to a foreigner, would no doubt lament the slaughtered monarch, new silent (H.) in the grave.
Theod.
↑ 15यहेजकेल 31:16
Ver. 16. Comforted. The ghosts of princes who had been subject to Serac, seeing his fall, bore their own misfortune with greater content. In the grave there is no distinction of master and slave. C. --- Surviving princes expected some emolument from the change. H.
↑ 16यहेजकेल 31:17
Ver. 17. Arm; those in power. Sept. "his seed." Heb. Zora, (H.) means both.
↑ 17यहेजकेल 31:18
Ver. 18. Famous king of Assyria, or of Egypt. --- Pharao. C. ---
Mutato nomine de te
Fabula narratur. Hor. 1. Sat. 1.
--- Though Egypt be like the most potent kingdoms, it shall likewise fall. W.
↑ 18लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस