AI-generated illustration: the prophet Ezekiel stands on a hillside at dawn as the breath of God sweeps through the valley and the people of the dry bones rise up alive. Classical sacred-art style.
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यहेजकेल

17
बाइबल पाठ

कृत्रिम आवाज़ (AI)

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यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा, “हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएल के घराने से यह पहेली और दृष्टान्त कह; प्रभु यहोवा यह कहता है, यह भी देखें: यहेजकेल 20:49मत्ती 13:35न्यायियों 9:8-15एक लम्बे पंखवाले, परों से भरे और रंग-बिरंगे बड़े उकाब पक्षी ने लबानोन जाकर एक देवदार की फुनगी नोच ली। यह भी देखें: होशे 8:1यिर्मयाह 48:40यहेजकेल 17:7तब उसने उस फुनगी की सबसे ऊपर की पतली टहनी को तोड़ लिया, और उसे लेन-देन करनेवालों के देश में ले जाकर व्यापारियों के एक नगर में लगाया। यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 18:3यशायाह 43:14यशायाह 47:15तब उसने देश का कुछ बीज लेकर एक उपजाऊ खेत में बोया, और उसे बहुत जलभरे स्थान में मजनू के समान लगाया। यह भी देखें: यशायाह 44:4व्यवस्थाविवरण 8:7-92 राजाओं 24:17वह उगकर छोटी फैलनेवाली अंगूर की लता हो गई जिसकी डालियाँ उसकी ओर झुकी, और उसकी जड़ उसके नीचे फैली; इस प्रकार से वह अंगूर की लता होकर कनखा फोड़ने और पत्तों से भरने लगी। यह भी देखें: यहेजकेल 17:14नीतिवचन 16:18-19“फिर एक और लम्बे पंखवाला और परों से भरा हुआ बड़ा उकाब पक्षी था; और वह अंगूर की लता उस स्थान से जहाँ वह लगाई गई थी, उस दूसरे उकाब की ओर अपनी जड़ फैलाने और अपनी डालियाँ झुकाने लगी कि वह उसे खींचा करे। यह भी देखें: यहेजकेल 17:15यहेजकेल 31:42 राजाओं 24:20परन्तु वह तो इसलिए अच्छी भूमि में बहुत जल के पास लगाई गई थी, कि कनखाएँ फोड़े, और फले, और उत्तम अंगूर की लता बने। यह भी देखें: यहेजकेल 17:5-6इसलिए तू यह कह, कि प्रभु यहोवा यह पूछता है: क्या वह फूले फलेगी? क्या वह उसको जड़ से न उखाड़ेगा, और उसके फलों को न झाड़ डालेगा कि वह अपनी सब हरी नई पत्तियों समेत सूख जाए? इसे जड़ से उखाड़ने के लिये अधिक बल और बहुत से मनुष्यों की आवश्यकता न होगी। यह भी देखें: यहेजकेल 17:10यिर्मयाह 32:5यहेजकेल 17:15-17चाहे, वह लगी भी रहे, तो भी क्या वह फूले फलेगी? जब पुरवाई उसे लगे, तब क्या वह बिलकुल सूख न जाएगी? वह तो जहाँ उगी है उसी क्यारी में सूख जाएगी।” यह भी देखें: होशे 13:15योहन 15:6मत्ती 21:19फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा: “उस बलवा करनेवाले घराने से कह, क्या तुम इन बातों का अर्थ नहीं समझते? फिर उनसे कह, बाबेल के राजा ने यरूशलेम को जाकर उसके राजा और प्रधानों को लेकर अपने यहाँ बाबेल में पहुँचाया। यह भी देखें: यहेजकेल 24:19यहेजकेल 17:3यहेजकेल 1:2तब राजवंश में से एक पुरुष को लेकर उससे वाचा बाँधी, और उसको वश में रहने की शपथ खिलाई, और देश के सामर्थी पुरुषों को ले गया। यह भी देखें: 2 इतिहास 36:132 राजाओं 24:15-17यहेजकेल 17:5कि वह राज्य निर्बल रहे और सिर न उठा सके, वरन् वाचा पालने से स्थिर रहे। यह भी देखें: यहेजकेल 29:14नहेम्याह 9:36-37यिर्मयाह 38:17तो भी इसने घोड़े और बड़ी सेना माँगने को अपने दूत मिस्र में भेजकर उससे बलवा किया। क्या वह फूले फलेगा? क्या ऐसे कामों का करनेवाला बचेगा? क्या वह अपनी वाचा तोड़ने पर भी बच जाएगा? यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 17:162 राजाओं 24:20यिर्मयाह 38:18प्रभु यहोवा यह कहता है, मेरे जीवन की सौगन्ध, जिस राजा की खिलाई हुई शपथ उसने तुच्छ जानी, और जिसकी वाचा उसने तोड़ी, उसके यहाँ जिसने उसे राजा बनाया था, अर्थात् बाबेल में ही वह उसके पास ही मर जाएगा। यह भी देखें: यहेजकेल 12:13यिर्मयाह 52:112 शमूएल 21:2जब वे बहुत से प्राणियों को नाश करने के लिये दमदमा बाँधे, और गढ़ बनाएँ, तब फ़िरौन अपनी बड़ी सेना और बहुतों की मण्डली रहते भी युद्ध में उसकी सहायता न करेगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 37:7यहेजकेल 29:6-7यशायाह 36:6क्योंकि उसने शपथ को तुच्छ जाना, और वाचा को तोड़ा; देखो, उसने वचन देने पर भी ऐसे-ऐसे काम किए हैं, इसलिए वह बचने न पाएगा। यह भी देखें: 1 इतिहास 29:242 इतिहास 30:8विलापगीत 5:6प्रभु यहोवा यह कहता है: मेरे जीवन की सौगन्ध, उसने मेरी शपथ तुच्छ जानी, और मेरी वाचा तोड़ी है; यह पाप मैं उसी के सिर पर डालूँगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 5:2व्यवस्थाविवरण 5:11यिर्मयाह 5:9मैं अपना जाल उस पर फैलाऊँगा और वह मेरे फंदे में फँसेगा; और मैं उसको बाबेल में पहुँचाकर उस विश्वासघात का मुकद्दमा उससे लड़ूँगा, जो उसने मुझसे किया है। यह भी देखें: यहेजकेल 12:13यहेजकेल 20:35-36यहेजकेल 32:3उसके सब दलों में से जितने भागें वे सब तलवार से मारे जाएँगे, और जो रह जाएँ वे चारों दिशाओं में तितर-बितर हो जाएँगे। तब तुम लोग जान लोगे कि मुझ यहोवा ही ने ऐसा कहा है।” यह भी देखें: 2 राजाओं 25:112 राजाओं 25:5यहेजकेल 5:12फिर प्रभु यहोवा यह कहता है: “मैं भी देवदार की ऊँची फुनगी में से कुछ लेकर लगाऊँगा, और उसकी सबसे ऊपरवाली कनखाओं में से एक कोमल कनखा तोड़कर एक अति ऊँचे पर्वत पर लगाऊँगा, यह भी देखें: यशायाह 53:2यशायाह 11:1-5जकर्याह 6:12-13अर्थात् इस्राएल के ऊँचे पर्वत पर लगाऊँगा; तब वह डालियाँ फोड़कर बलवन्त और उत्तम देवदार बन जाएगा, और उसके नीचे अर्थात् उसकी डालियों की छाया में भाँति-भाँति के सब पक्षी बसेरा करेंगे। (भज. 92:12) यह भी देखें: मत्ती 13:32यहेजकेल 31:6यशायाह 2:2तब मैदान के सब वृक्ष जान लेंगे कि मुझ यहोवा ही ने ऊँचे वृक्ष को नीचा और नीचे वृक्ष को ऊँचा किया, हरे वृक्ष को सूखा दिया, और सूखे वृक्ष को हरा भरा कर दिया। मुझ यहोवा ही ने यह कहा और वैसा ही कर भी दिया है।” यह भी देखें: आमोस 9:111 कुरिन्थियों 1:27-28लूकस 1:52-53

यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।

टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)14 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।

ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता

यहेजकेल 17:2

Ver. 2. Riddle. Thus the prophets and Christ often delivered their doctrine. C.

↑ 2

यहेजकेल 17:3

Ver. 3. A large eagle. Nabuchodonosor, king of Babylon. Ch. --- The multitude of his subjects, and his rapid and cruel conquests, are designated. C. --- He spoils the vineyard of Jerusalem, notwithstanding the Jews had applied to another eagle, the king of Egypt. v. 12. W. --- Libanus.

That is, Jerusalem; (Ch.) or invaded the country, (C.) entering by Libanus. H. ---

Cedar. King Jechonias Ch. and his nobles, (4 Kin. xxiv. 11.) with the most precious effects.

↑ 3

यहेजकेल 17:4

Ver. 4. Twigs. The young king and his officers, who had scarcely got established. C. ---

Chanaan. This name, which signifies traffic, is not taken here for Palestine, but for Chaldea; and the city of merchants here mentioned is Babylon. Ch. --- It was so corrupt as to deserve this appellation, as Rome was afterwards styled Babylon. Its situation was very favourable to traffic, and its dominions were very extensive. C.

↑ 4

यहेजकेल 17:5

Ver. 5. Land. Sedecias, whom he made king. Ch. --- He was brother of the dethroned king, and have every prospect of reigning long, if he had proved faithful. C.

↑ 5

यहेजकेल 17:6

Ver. 6. Towards him. Nabuchodonosor, to whom Sedecias swore allegiance.

Ch. --- Lit. "to it,"

eam, the eagle. H. --- The dominions of Sedecias were extensive, but weak, and dependant on a foreign king.

↑ 6

यहेजकेल 17:7

Ver. 7. Eagle. The king of Egypt, (Ch.) Vaphres, who came at the request of Sedecias, to oppose the Chaldeans, but was routed; and they returned to the siege of Jerusalem. Jer. xxxvii. 4. ---

Plantation, as the waters of the Nile were conducted to different parts by ditches. Deut. xi. 10.

↑ 7

यहेजकेल 17:9

Ver. 9. Prosper. Will God countenance perfidy? C. --- "Faith must be kept even with enemies."

S. Jer. --- Arm. The conquest did not cost the Chaldeans much. Sedecias fled by night, but was soon taken. 4 K. xxv. 6. C.

↑ 9

यहेजकेल 17:12

Ver. 12. Shall, or, "hath taken," &c. Ch. as also (v. 13.) Sedecias was seized five years after. C.

viii. 1. Jechonias, the princes, mighty warriors, (v. 13.) and expert artists, had been taken away six years before, with the prophet. Prot. "is come,...and hath taken," &c. H.

↑ 12

यहेजकेल 17:16

Ver. 16. Die. He had sworn fidelity, and was justly punished, dying blind, and in prison. C. xii.

W.

↑ 16

यहेजकेल 17:17

Ver. 17. Souls. Some refer this to Pharao; others to the enemy. The former did not attempt to surround the besiegers, but after losing a battle retired. C. xxx.

21. C.

↑ 17

यहेजकेल 17:18

Ver. 18. Hand. Swearing perhaps to both (H.) the Egyptian and to the Chaldean monarch.

↑ 18

यहेजकेल 17:20

Ver. 20. Net. C. xii. 13. C. --- Judge, punish. H. --- His sentence was pronounced at Reblatha.

4 Kin. xxv. 7. C.

↑ 20

यहेजकेल 17:22

Ver. 22. Cedar. Of the Royal stock of David. --- Twig. Jesus Christ, whom God hath planted in Mount Sion, that is, the high mountain of his Church, to which all nations flow. Ch. --- The Jews in vain apply this to Zorobabel or to the Machabees. Their power was never great enough to verify these expressions.

C. --- But Christ has united in his Church all the birds, or those who have strength enough to raise themselves above earthly things. S. Jer. Theod. &c.

--- The kingdom of Sedecias and that of Nabuchodonosor prospered not, or was soon at an end: Christ remains for ever. W.

↑ 22

यहेजकेल 17:24

Ver. 24. High and green denote Sedecias; low and dry Jechonias, who was exalted at Babylon, while his rival was hurled down from his present high estate. The prophets speak of that as past, which God has decreed. See Jer.

xxii. 30. C.

↑ 24

लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस

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