AI-generated illustration: a rocky stream flowing among wildflowers in a valley at sunset.
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यशायाह

14
बाइबल पाठ

कृत्रिम आवाज़ (AI)

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यहोवा याकूब पर दया करेगा, और इस्राएल को फिर अपनाकर, उन्हीं के देश में बसाएगा, और परदेशी उनसे मिल जाएँगे और अपने-अपने को याकूब के घराने से मिला लेंगे। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 102:13जकर्याह 1:17यशायाह 54:7-8देश-देश के लोग उनको उन्हीं के स्थान में पहुँचाएँगे, और इस्राएल का घराना यहोवा की भूमि पर उनका अधिकारी होकर उनको दास और दासियाँ बनाएगा; क्योंकि वे अपने बँधुवाई में ले जानेवालों को बन्दी बनाएँगे, और जो उन पर अत्याचार करते थे उन पर वे शासन करेंगे। यह भी देखें: यशायाह 61:5यशायाह 60:14यिर्मयाह 30:16जिस दिन यहोवा तुझे तेरे सन्ताप और घबराहट से, और उस कठिन श्रम से जो तुझ से लिया गया विश्राम देगा, यह भी देखें: यिर्मयाह 30:10एज्रा 9:8-9यशायाह 32:18उस दिन तू बाबेल के राजा पर ताना मारकर कहेगा, “परिश्रम करानेवाला कैसा नाश हो गया है, सुनहले मन्दिरों से भरी नगरी कैसी नाश हो गई है! यह भी देखें: यशायाह 49:262 इतिहास 36:18यिर्मयाह 27:6-7यहोवा ने दुष्टों के सोंटे को और अन्याय से शासन करनेवालों के लठ को तोड़ दिया है, यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 125:3यशायाह 9:4यिर्मयाह 48:15-17जिससे वे मनुष्यों को लगातार रोष से मारते रहते थे, और जाति-जाति पर क्रोध से प्रभुता करते और लगातार उनके पीछे पड़े रहते थे। यह भी देखें: दानिय्येल 7:19-21प्रकाशितवाक्य 18:8-10प्रकाशितवाक्य 17:16-17अब सारी पृथ्वी को विश्राम मिला है, वह चैन से है; लोग ऊँचे स्वर से गा उठे हैं। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 126:1-3स्तोत्र ग्रन्थ 98:7-9यशायाह 49:13सनोवर और लबानोन के देवदार भी तुझ पर आनन्द करके कहते हैं, ‘जब से तू गिराया गया तब से कोई हमें काटने को नहीं आया।’ यह भी देखें: यहेजकेल 31:16जकर्याह 11:2यशायाह 55:12-13पाताल के नीचे अधोलोक में तुझ से मिलने के लिये हलचल हो रही है; वह तेरे लिये मुर्दों को अर्थात् पृथ्वी के सब सरदारों को जगाता है, और वह जाति-जाति से सब राजाओं को उनके सिंहासन पर से उठा खड़ा करता है। यह भी देखें: यहेजकेल 32:21-32यिर्मयाह 50:8नीतिवचन 15:24वे सब तुझ से कहेंगे, ‘क्या तू भी हमारे समान निर्बल हो गया है? क्या तू हमारे समान ही बन गया?’ यह भी देखें: सभोपदेशक 2:16यहेजकेल 32:21स्तोत्र ग्रन्थ 49:6-14तेरा वैभव और तेरी सारंगियों को शब्द अधोलोक में उतारा गया है; कीड़े तेरा बिछौना और केंचुए तेरा ओढ़ना हैं। यह भी देखें: दानिय्येल 5:25-30आमोस 6:3-7अय्यूब 17:13-14“हे भोर के चमकनेवाले तारे तू कैसे आकाश से गिर पड़ा है? तू जो जाति-जाति को हरा देता था, तू अब कैसे काटकर भूमि पर गिराया गया है? (लूका 10:18, यहे. 28:13-17) यह भी देखें: यहेजकेल 28:13-17लूकस 10:18प्रकाशितवाक्य 12:7-10तू मन में कहता तो था, ‘मैं स्वर्ग पर चढूँगा; मैं अपने सिंहासन को परमेश्वर के तारागण से अधिक ऊँचा करूँगा; और उत्तर दिशा की छोर पर सभा के पर्वत पर विराजूँगा; (मत्ती 11:23, लूका 10:15) यह भी देखें: दानिय्येल 8:10-12यहेजकेल 28:2यहेजकेल 28:12-16मैं मेघों से भी ऊँचे-ऊँचे स्थानों के ऊपर चढूँगा, मैं परमप्रधान के तुल्य हो जाऊँगा।’ यह भी देखें: यशायाह 47:8उत्पत्ति 3:52 थिस्सलुनीकियों 2:4परन्तु तू अधोलोक में उस गड्ढे की तह तक उतारा जाएगा। (मत्ती 11:23, लूका 10:15) यह भी देखें: मत्ती 11:23प्रेरित-चरित 12:22-23यहेजकेल 32:23जो तुझे देखेंगे तुझको ताकते हुए तेरे विषय में सोच-सोचकर कहेंगे, ‘क्या यह वही पुरुष है जो पृथ्वी को चैन से रहने न देता था और राज्य-राज्य में घबराहट डाल देता था; यह भी देखें: यिर्मयाह 50:23स्तोत्र ग्रन्थ 58:10-11यिर्मयाह 51:20-23जो जगत को जंगल बनाता और उसके नगरों को ढा देता था, और अपने बन्दियों को घर जाने नहीं देता था?’ यह भी देखें: योएल 2:3यशायाह 45:132 इतिहास 28:8-15जाति-जाति के सब राजा अपने-अपने घर पर महिमा के साथ आराम से पड़े हैं; यह भी देखें: अय्यूब 30:232 इतिहास 24:25यशायाह 22:16परन्तु तू निकम्मी शाख के समान अपनी कब्र में से फेंका गया; तू उन मारे हुओं के शवों से घिरा है जो तलवार से बिधकर गड्ढे में पत्थरों के बीच में लताड़ी हुई लोथ के समान पड़े है। यह भी देखें: यिर्मयाह 41:9यिर्मयाह 41:71 राजाओं 21:19तू उनके साथ कब्र में न गाड़ा जाएगा, क्योंकि तूने अपने देश को उजाड़ दिया, और अपनी प्रजा का घात किया है। “कुकर्मियों के वंश का नाम भी कभी न लिया जाएगा। यह भी देखें: अय्यूब 18:19स्तोत्र ग्रन्थ 21:10स्तोत्र ग्रन्थ 37:28उनके पूर्वजों के अधर्म के कारण पुत्रों के घात की तैयारी करो, ऐसा न हो कि वे फिर उठकर पृथ्वी के अधिकारी हो जाएँ, और जगत में बहुत से नगर बसाएँ।” यह भी देखें: निर्गमन 20:5लैव्यव्यवस्था 26:39हबक्कूक 2:8-12सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, “मैं उनके विरुद्ध उठूँगा, और बाबेल का नाम और निशान मिटा डालूँगा, और बेटों-पोतों को काट डालूँगा,” यहोवा की यही वाणी है। यह भी देखें: यिर्मयाह 50:29-351 राजाओं 14:10नीतिवचन 10:7“मैं उसको साही की माँद और जल की झीलें कर दूँगा, और मैं उसे सत्यानाश के झाड़ू से झाड़ डालूँगा,” सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है। यह भी देखें: सपन्याह 2:14यशायाह 13:21-22प्रकाशितवाक्य 14:8सेनाओं के यहोवा ने यह शपथ खाई है, “निःसन्देह जैसा मैंने ठाना है, वैसा ही हो जाएगा, और जैसी मैंने युक्ति की है, वैसी ही पूरी होगी, यह भी देखें: नीतिवचन 19:21यशायाह 46:10-11अय्यूब 23:13कि मैं अश्शूर को अपने ही देश में तोड़ दूँगा, और अपने पहाड़ों पर उसे कुचल डालूँगा; तब उसका जूआ उनकी गर्दनों पर से और उसका बोझ उनके कंधों पर से उतर जाएगा।” यह भी देखें: यशायाह 9:4नहूम 1:13यशायाह 37:36-38यही युक्ति सारी पृथ्वी के लिये ठहराई गई है; और यह वही हाथ है जो सब जातियों पर बढ़ा हुआ है। यह भी देखें: यशायाह 23:9यशायाह 5:25निर्गमन 15:12क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसको टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है? यह भी देखें: यशायाह 43:13अय्यूब 23:132 इतिहास 20:6जिस वर्ष में आहाज राजा मर गया उसी वर्ष यह भारी भविष्यद्वाणी हुई यह भी देखें: 2 राजाओं 16:202 इतिहास 28:27यशायाह 13:1“हे सारे पलिश्तीन तू इसलिए आनन्द न कर, कि तेरे मारनेवाले की लाठी टूट गई, क्योंकि सर्प की जड़ से एक काला नाग उत्पन्न होगा, और उसका फल एक उड़नेवाला और तेज विषवाला अग्निसर्प होगा। यह भी देखें: यशायाह 30:6यशायाह 11:82 इतिहास 26:6तब कंगालों के जेठे खाएँगे और दरिद्र लोग निडर बैठने पाएँगे, परन्तु मैं तेरे वंश को भूख से मार डालूँगा, और तेरे बचे हुए लोग घात किए जाएँगे। यह भी देखें: यशायाह 7:21-22सपन्याह 2:4-7यशायाह 37:30हे फाटक, तू हाय! हाय! कर; हे नगर, तू चिल्ला; हे पलिश्तीन तू सब का सब पिघल जा! क्योंकि उत्तर से एक धुआँ उठेगा और उसकी सेना में से कोई पीछे न रहेगा।” यह भी देखें: यिर्मयाह 1:14यशायाह 20:1यिर्मयाह 25:16-20तब जाति-जाति के दूतों को क्या उत्तर दिया जाएगा? यह कि “यहोवा ने सिय्योन की नींव डाली है, और उसकी प्रजा के दीन लोग उसमें शरण लेंगे।” यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 87:5स्तोत्र ग्रन्थ 102:16याकूब 2:5

यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।

टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)18 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।

ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता

यशायाह 14:1

Ver. 1. Prolonged. Babylon was taken one hundred and seventy-two years after. C. --- Yet this time is counted short, compared with the monarchy, which had lasted a thousand years. W. ---

Ground. Cyrus restored the Jews; yet all did not return at that time. ---

Stranger. Converts. Est.

viii. 17. All Idumea received circumcision under Hyrcan.

↑ 1

यशायाह 14:2

Ver. 2. Place. Cyrus probably granted an escort, as Artaxerxes did. 2 Esd. ii. 7.

--- Servants.

They had purchased many slaves, (1 Esd. ii. 65.) as some were very rich in captivity, and were treated like other subjects. --- Oppressors. Stragglers of the army of Cambyses, &c. though this was chiefly verified under the Machabees.

Jer. xxv. 14. and xxx. 16. C.

↑ 2

यशायाह 14:4

Ver. 4. Parable. Sept. threnon. "Lamentation." H. --- Or mournful canticle.

↑ 4

यशायाह 14:6

Ver. 6. Persecuted. The Jews read incorrectly, "is persecuted."

↑ 6

यशायाह 14:7

Ver. 7. Earth. Subject to, or bordering upon the Assyrian empire. Under Darius the Mede, (the Cyaxares of Xenophon) and Cyrus, the people were little molested. C. --- The neighbouring princes ( fir-trees, &c. v. 8.) were also at rest.

H.

↑ 7

यशायाह 14:9

Ver. 9. Hell is personified, deriding the Chaldee monarch, Baltassar, who perished the very night after he had profaned the sacred vessels. Dan. v. 3. He probably received only the burial of an ass. v. 11. 19. C.

↑ 9

यशायाह 14:12

Ver. 12. O Lucifer. O day-star. All this, according to the letter, is spoken of the king of Babylon.

It may also be applied, in a spiritual sense, to Lucifer, the prince of devils, who was created a bright angel, but fell by pride and rebellion against God. Ch. Lu.

x. 18. C. --- He fell by pride, as Nabuchodonosor did. W. --- Homer (Iliad xix.) represents the demon of discord hurled down by Jupiter to the miserable region of mortals.

↑ 12

यशायाह 14:13

Ver. 13. North. And be adored as God in the temple of Jerusalem. Ps. xlvii. 3.

The Assyrian and Persian monarchs claimed divine honours. 4 K. xviii. 33.

Judith iii. 13.

↑ 13

यशायाह 14:15

Ver. 15. Depth. Heb. "sides," (v. 13.) or holes dug out of a cavern. C.

↑ 15

यशायाह 14:16

Ver. 16. Turn. From their respective holes in the monument.

↑ 16

यशायाह 14:19

Ver. 19. Grave. Strangers seized the crown of Baltassar, and neglected his sepulchre: or if we explain it of Nabuchodonosor, his tomb was probably plundered, (C.) as the Persians did not spare that of Belus. In the reign of Alexander, the tombs of the kings were covered with water, and filled with serpents. Arrian. vii.

↑ 19

यशायाह 14:20

Ver. 20. Thy. Sept. "my." Thou hast been a murderer instead of a shepherd. ---

Ever. The children and monarchy of Nabuchodonosor presently perished.

Evilmerodac and Baltassar reigned but a short time, and left no issue to inherit the throne.

↑ 20

यशायाह 14:22

Ver. 22. Name. It shall lose all its splendour, and be mentioned only with abhorrence. 1 Pet. v.

13.

↑ 22

यशायाह 14:23

Ver. 23. Besom. Reducing it to a heap of rubbish, (C. xiii. 21. C.) as the event shewed. Watson.

↑ 23

यशायाह 14:25

Ver. 25. Assyrian. 4 K. xix. W. --- Sennacherib, (S. Jer.) Cambyses, or Holofernes. The sight of their chastisement would ben an earnest of the fall of Babylon. C. --- The allies of Assyria, (M.) or the enemies of God's people, will also be punished. C. xv. H.

↑ 25

यशायाह 14:28

Ver. 28. Achaz. When Ezechias was just seated on the throne. The preceding and subsequent predictions were then delivered. C. xiii. 20.

↑ 28

यशायाह 14:29

Ver. 29. Rod. Achaz. --- Bird. Ezechias will openly attack thee. 4 K. xviii. 8. C. ---

Prot. " shall be a fiery flying serpent," (H.) like that erected by Moses. Num. xxi.

9. Sennacherib and Assaraddon shall lay waste Philistia. v. 31. c. xx. 1. C. ---

Though Achaz be dead, Ezechias and Ozias will destroy more of that nation. 4

K. xviii. 8. and 2 Par. xxvi. W.

↑ 29

यशायाह 14:32

Ver. 32. Nations. Surprised that Ezechias should escape, while the power of the Philistines was overturned so easily; or when the king sent ambassadors to his allies, to announce the defeat of Sennacherib by the angel. All confessed that this was an effect of the divine protection towards Sion. C.

↑ 32

लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस

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