AI-generated illustration: a rocky stream flowing among wildflowers in a valley at sunset.
AI द्वारा निर्मित

यशायाह

34
बाइबल पाठ

कृत्रिम आवाज़ (AI)

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हे जाति-जाति के लोगों, सुनने के लिये निकट आओ, और हे राज्य-राज्य के लोगों, ध्यान से सुनो! पृथ्वी भी, और जो कुछ उसमें है, जगत और जो कुछ उसमें उत्पन्न होता है, सब सुनो। यह भी देखें: 1 कुरिन्थियों 10:26यशायाह 41:1यशायाह 1:2यहोवा सब जातियों पर क्रोध कर रहा है, और उनकी सारी सेना पर उसकी जलजलाहट भड़की हुई है, उसने उनको सत्यानाश होने, और संहार होने को छोड़ दिया है। यह भी देखें: सपन्याह 3:8यिर्मयाह 25:15-29जकर्याह 14:12-16उनके मारे हुए फेंक दिये जाएँगे, और उनके शवों की दुर्गन्ध उठेगी; उनके लहू से पहाड़ गल जाएँगे। यह भी देखें: योएल 2:20यशायाह 34:7यहेजकेल 39:4आकाश के सारे गण जाते रहेंगे और आकाश कागज के समान लपेटा जाएगा। और जैसे दाखलता या अंजीर के वृक्ष के पत्ते मुर्झाकर गिर जाते हैं, वैसे ही उसके सारे गण धुँधले होकर जाते रहेंगे। (मत्ती 24:29, मर. 13:25, लूका 21:26, 2 पत. 3:12, प्रका. 6:13,14) यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 6:13-14मत्ती 24:29यहेजकेल 32:7-8क्योंकि मेरी तलवार आकाश में पीकर तृप्त हुई है; देखो, वह न्याय करने को एदोम पर, और जिन पर मेरा श्राप है उन पर पड़ेगी। यह भी देखें: यिर्मयाह 46:10आमोस 1:11-12मलाकी 1:4यहोवा की तलवार लहू से भर गई है, वह चर्बी से और भेड़ों के बच्चों और बकरों के लहू से, और मेढ़ों के गुर्दों की चर्बी से तृप्त हुई है। क्योंकि बोस्रा नगर में यहोवा का एक यज्ञ और एदोम देश में बड़ा संहार हुआ है। यह भी देखें: यशायाह 63:1यिर्मयाह 49:13व्यवस्थाविवरण 32:14उनके संग जंगली साँड़ और बछड़े और बैल वध होंगे, और उनकी भूमि लहू से भीग जाएगी और वहाँ की मिट्टी चर्बी से अघा जाएगी। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 68:30गिनती 23:22यिर्मयाह 50:27क्योंकि बदला लेने को यहोवा का एक दिन और सिय्योन का मुकद्दमा चुकाने का एक वर्ष नियुक्त है। यह भी देखें: यशायाह 63:4यशायाह 61:2स्तोत्र ग्रन्थ 94:1और एदोम की नदियाँ राल से और उसकी मिट्टी गन्धक से बदल जाएगी; उसकी भूमि जलती हुई राल बन जाएगी। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 29:23स्तोत्र ग्रन्थ 11:6प्रकाशितवाक्य 21:8वह रात-दिन न बुझेगी; उसका धुआँ सदैव उठता रहेगा। युग-युग वह उजाड़ पड़ा रहेगा; कोई उसमें से होकर कभी न चलेगा। (प्रका. 14:11, प्रका. 19:3) यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 19:3यशायाह 66:24मलाकी 1:3-4उसमें धनेश पक्षी और साही पाए जाएँगे और वह उल्लू और कौवे का बसेरा होगा। वह उस पर गड़बड़ की डोरी और सुनसानी का साहुल तानेगा। (प्रका. 18:2, सप. 2:14) यह भी देखें: 2 राजाओं 21:13विलापगीत 2:8सपन्याह 2:14वहाँ न तो रईस होंगे और न ऐसा कोई होगा जो राज्य करने को ठहराया जाए; उसके सब हाकिमों का अन्त होगा। (प्रका. 6:15) यह भी देखें: यशायाह 3:6-8यिर्मयाह 27:20यशायाह 41:24उसके महलों में कटीले पेड़, गढ़ों में बिच्छू पौधे और झाड़ उगेंगे। वह गीदड़ों का वासस्थान और शुतुर्मुर्गों का आँगन हो जाएगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 9:11यिर्मयाह 10:22स्तोत्र ग्रन्थ 44:19वहाँ निर्जल देश के जन्तु सियारों के संग मिलकर बसेंगे और रोंआर जन्तु एक दूसरे को बुलाएँगे; वहाँ लीलीत नामक जन्तु वासस्थान पाकर चैन से रहेगा। (प्रका. 18:2) यह भी देखें: यशायाह 13:21-22वहाँ मादा उल्लू घोंसला बनाएगी; वे अण्डे देकर उन्हें सेएँगी और अपनी छाया में बटोर लेंगी; वहाँ गिद्ध अपनी साथिन के साथ इकट्ठे रहेंगे। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 14:13यहोवा की पुस्तक से ढूँढ़कर पढ़ो: इनमें से एक भी बात बिना पूरा हुए न रहेगी; कोई बिना जोड़ा न रहेगा। क्योंकि मैंने अपने मुँह से यह आज्ञा दी है और उसी की आत्मा ने उन्हें इकट्ठा किया है। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 33:9यहोशू 1:8मत्ती 5:18उसी ने उनके लिये चिट्ठी डाली, उसी ने अपने हाथ से डोरी डालकर उस देश को उनके लिये बाँट दिया है; वह सर्वदा उनका ही बना रहेगा और वे पीढ़ी से पीढ़ी तक उसमें बसे रहेंगे। यह भी देखें: यशायाह 34:10प्रेरित-चरित 17:26स्तोत्र ग्रन्थ 78:55

यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।

टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)11 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।

ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता

यशायाह 34:1

Ver. 1. Come. Both Gentiles and Jews are admonished of the world's end before judgment. W.

↑ 1

यशायाह 34:4

Ver. 4. Away. These strong expressions denote great misery. C. xiii. Joel ii. 10.

Ezec. xxxii. 27.

C. --- Book. Heb. "roll." H. --- Some thence foolishly inferred that the destiny of every one might be read in the heavens. Huet. Eus. præp. vi. 11. Philoo. xxiii.

Pic. Astrol. viii. 5. --- The prophet only means that the heavens shall be devoid of beauty, (C.) and covered with darkness.

H.

↑ 4

यशायाह 34:5

Ver. 5. Heaven. Casting down the rebel angels. S. Jer. --- The resolution to destroy the Idumeans, for their cruelty to the Jews, has been taken long ago.

All these expressions allude to the last judgment. C. --- Idumea. Under the name of Idumea or Edom, a people that were enemies of God and his Church.

Ch. --- Assaradon fell upon Edom two years after Sennacherib's death. C. --- No strong place like Bosra, shall rescue any from destruction at the last day. W.

↑ 5

यशायाह 34:7

Ver. 7. The unicorns. That is, the great and mighty. Ch.

↑ 7

यशायाह 34:8

Ver. 8. Recompenses. When the persecutors of Sion, that is, of the Church, shall receive their reward. Ch. --- The Idumeans had frequently shown their ill-will towards the Jews. 2 Par. xxviii.

17. Amos i. 11. C. --- Sion shall perish as the wicked in hell shall be tormented.

W.

↑ 8

यशायाह 34:9

Ver. 9. Pitch. The soil was sulphureous, and became neglected, (v. 10.) like the territory of Sodom. The people are now no more, and only a few miserable Arabs pitch their tents there.

↑ 9

यशायाह 34:11

Ver. 11. Line. Intimating entire destruction. Lam. ii. 8. and 4 K. xi. 13. C. --- Yet God will not punish more than people deserve. M.

↑ 11

यशायाह 34:13

Ver. 13. Dragons, Thannim. C. xiii. 22. H. --- Ostriches, or swans.

↑ 13

यशायाह 34:14

Ver. 14. Monsters. Lit. "Ass-centaurs." H. --- Heb. "fishermen shall find islands." C. xiii. 21.

--- Ones. Goats. --- Lamia. Heb. lilith. Chal. "owl," the bird of Minerva, or the Moon, which the Arabs style Alilat. C. --- Dicodorus (20) relates that Lamia was an African queen, who having last her children, was changed into a beast, and destroyed all the children she could catch; and the Jews deal still more in fables, (C.) asserting that Lilith was the first wife of Adam, &c. Buxtorf.

Syn. 2.

↑ 14

यशायाह 34:15

Ver. 15. Ericius. Heb. " kippoz, (H.) hath its nest." It may denote the serpent, acontias. Bochart.

--- All this shews the desolation of the country.

↑ 15

यशायाह 34:16

Ver. 16. Read what I have written. --- The other. All these beasts will be there, (C.) or all these declarations will be verified. H.

↑ 16

लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस

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