AI-generated illustration: a stony desert path leading toward mountains under clouds pierced by sunbeams.
AI द्वारा निर्मित

यिर्मयाह

49
बाइबल पाठ

कृत्रिम आवाज़ (AI)

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अम्मोनियों के विषय यहोवा यह कहता है: “क्या इस्राएल के पुत्र नहीं हैं? क्या उसका कोई वारिस नहीं रहा? फिर मल्काम क्यों गाद के देश का अधिकारी हुआ? और उसकी प्रजा क्यों उसके नगरों में बसने पाई है? यह भी देखें: सपन्याह 2:8-11व्यवस्थाविवरण 23:3आमोस 1:13-15यहोवा की यह वाणी है, ऐसे दिन आनेवाले हैं, कि मैं अम्मोनियों के रब्बाह नामक नगर के विरुद्ध युद्ध की ललकार सुनवाऊँगा, और वह उजड़कर खण्डहर हो जाएगा, और उसकी बस्तियाँ फूँक दी जाएँगी; तब जिन लोगों ने इस्राएलियों के देश को अपना लिया है, उनके देश को इस्राएली अपना लेंगे, यहोवा का यही वचन है। यह भी देखें: यिर्मयाह 4:19यहेजकेल 21:20व्यवस्थाविवरण 3:11“हे हेशबोन हाय-हाय कर; क्योंकि आई नगर नाश हो गया। हे रब्बाह की बेटियों चिल्लाओ! और कमर में टाट बाँधो, छाती पीटती हुई बाड़ों में इधर-उधर दौड़ो! क्योंकि मल्काम अपने याजकों और हाकिमों समेत बँधुआई में जाएगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 48:7यिर्मयाह 48:37यशायाह 15:2हे भटकनेवाली बेटी! तू अपने देश की तराइयों पर, विशेषकर अपने बहुत ही उपजाऊ तराई पर क्यों फूलती है? तू क्यों यह कहकर अपने रखे हुए धन पर भरोसा रखती है, ‘मेरे विरुद्ध कौन चढ़ाई कर सकेगा?’ यह भी देखें: 1 तीमुथियुस 6:17यिर्मयाह 21:13यिर्मयाह 9:23प्रभु सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है: देख, मैं तेरे चारों ओर के सब रहनेवालों की ओर से तेरे मन में भय उपजाने पर हूँ, और तेरे लोग अपने-अपने सामने की ओर ढकेल दिए जाएँगे; और जब वे मारे-मारे फिरेंगे, तब कोई उन्हें इकट्ठा न करेगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 46:5यिर्मयाह 49:29आमोस 4:3परन्तु उसके बाद मैं अम्मोनियों को बँधुआई से लौटा लाऊँगा; यहोवा की यही वाणी है।” यह भी देखें: यिर्मयाह 49:39यिर्मयाह 48:47यिर्मयाह 46:26एदोम के विषय, सेनाओं का यहोवा यह कहता है: “क्या तेमान में अब कुछ बुद्धि नहीं रही? क्या वहाँ के ज्ञानियों की युक्ति निष्फल हो गई? क्या उनकी बुद्धि जाती रही है? यह भी देखें: आमोस 1:11-12यिर्मयाह 25:21उत्पत्ति 36:15हे ददान के रहनेवालों भागो, लौट जाओ, वहाँ छिपकर बसो! क्योंकि जब मैं एसाव को दण्ड देने लगूँगा, तब उस पर भारी विपत्ति पड़ेगी। यह भी देखें: यिर्मयाह 25:23यिर्मयाह 46:21यशायाह 21:13यदि दाख के तोड़नेवाले तेरे पास आते, तो क्या वे कहीं-कहीं दाख न छोड़ जाते? और यदि चोर रात को आते तो क्या वे जितना चाहते उतना धन लूटकर न ले जाते? यह भी देखें: ओबद्याह 1:5-6यशायाह 17:6क्योंकि मैंने एसाव को उघाड़ा है, मैंने उसके छिपने के स्थानों को प्रगट किया है; यहाँ तक कि वह छिप न सका। उसके वंश और भाई और पड़ोसी सब नाश हो गए हैं और उसका अन्त हो गया। यह भी देखें: यशायाह 17:14मलाकी 1:3-4स्तोत्र ग्रन्थ 37:35-36अपने अनाथ बालकों को छोड़ जाओ, मैं उनको जिलाऊँगा; और तुम्हारी विधवाएँ मुझ पर भरोसा रखें। (1 तीमु. 5:5) यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 68:5होशे 14:3याकूब 1:27क्योंकि यहोवा यह कहता है, देखो, जो इसके योग्य न थे कि कटोरे में से पीएँ, उनको तो निश्चय पीना पड़ेगा, फिर क्या तू किसी प्रकार से निर्दोष ठहरकर बच जाएगा? तू निर्दोष ठहरकर न बचेगा, तुझे अवश्य ही पीना पड़ेगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 25:28-29ओबद्याह 1:16यिर्मयाह 46:27क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, मैंने अपनी सौगन्ध खाई है, कि बोस्रा ऐसा उजड़ जाएगा कि लोग चकित होंगे, और उसकी उपमा देकर निन्दा किया करेंगे और श्राप दिया करेंगे; और उसके सारे गाँव सदा के लिये उजाड़ हो जाएँगे।” यह भी देखें: यशायाह 34:6उत्पत्ति 22:16उत्पत्ति 36:33मैंने यहोवा की ओर से समाचार सुना है, वरन् जाति-जाति में यह कहने को एक दूत भी भेजा गया है, इकट्ठे होकर एदोम पर चढ़ाई करो; और उससे लड़ने के लिये उठो। यह भी देखें: यशायाह 30:4यशायाह 37:7यशायाह 13:2-3क्योंकि मैंने तुझे जातियों में छोटा, और मनुष्यों में तुच्छ कर दिया है। यह भी देखें: ओबद्याह 1:21 शमूएल 2:30स्तोत्र ग्रन्थ 53:5हे चट्टान की दरारों में बसे हुए, हे पहाड़ी की चोटी पर किला बनानेवाले! तेरे भयानक रूप और मन के अभिमान ने तुझे धोखा दिया है। चाहे तू उकाब के समान अपना बसेरा ऊँचे स्थान पर बनाए, तो भी मैं वहाँ से तुझे उतार लाऊँगा, यहोवा की यही वाणी है। यह भी देखें: आमोस 9:2अय्यूब 39:27यशायाह 49:25“एदोम यहाँ तक उजड़ जाएगा कि जो कोई उसके पास से चले वह चकित होगा, और उसके सारे दुःखों पर ताली बजाएगा। यह भी देखें: यहेजकेल 35:7यिर्मयाह 50:13यिर्मयाह 49:13यहोवा का यह वचन है, कि जैसी सदोम और गमोरा और उनके आस-पास के नगरों के उलट जाने से उनकी दशा हुई थी, वैसी ही उसकी दशा होगी, वहाँ न कोई मनुष्य रहेगा, और न कोई आदमी उसमें टिकेगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 49:33व्यवस्थाविवरण 29:23सपन्याह 2:9देखो, वह सिंह के समान यरदन के आस-पास के घने जंगलों से सदा की चराई पर चढ़ेगा, और मैं उनको उसके सामने से झट भगा दूँगा; तब जिसको मैं चुन लूँ, उसको उन पर अधिकारी ठहराऊँगा। मेरे तुल्य कौन है? और कौन मुझ पर मुकद्दमा चलाएगा? वह चरवाहा कहाँ है जो मेरा सामना कर सकेगा? यह भी देखें: यिर्मयाह 12:5यिर्मयाह 30:21यिर्मयाह 50:44-46देखो, यहोवा ने एदोम के विरुद्ध क्या युक्ति की है; और तेमान के रहनेवालों के विरुद्ध कैसी कल्पना की है? निश्चय वह भेड़-बकरियों के बच्चों को घसीट ले जाएगा; वह चराई को भेड़-बकरियों से निश्चय खाली कर देगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 50:45मलाकी 1:3-4यिर्मयाह 49:7उनके गिरने के शब्द से पृथ्वी काँप उठेगी; और ऐसी चिल्लाहट मचेगी जो लाल समुद्र तक सुनाई पड़ेगी। यह भी देखें: यिर्मयाह 50:46यहेजकेल 26:15-18यहेजकेल 32:10देखो, वह उकाब के समान निकलकर उड़ आएगा, और बोस्रा पर अपने पंख फैलाएगा, और उस दिन एदोमी शूरवीरों का मन जच्चा स्त्री का सा हो जाएगा।” यह भी देखें: यिर्मयाह 48:40-41होशे 8:1यशायाह 13:8दमिश्क के विषय, “हमात और अर्पाद की आशा टूटी है, क्योंकि उन्होंने बुरा समाचार सुना है, वे गल गए हैं; समुद्र पर चिन्ता है, वह शान्त नहीं हो सकता। यह भी देखें: यशायाह 10:92 राजाओं 18:34उत्पत्ति 15:2दमिश्क बलहीन होकर भागने को फिरती है, परन्तु कँपकँपी ने उसे पकड़ा है, जच्चा की सी पीड़ा उसे उठी हैं। हाय, वह नगर, वह प्रशंसा योग्य नगर, जो मेरे हर्ष का कारण है, वह छोड़ा गया है! यह भी देखें: यिर्मयाह 33:9यिर्मयाह 51:41प्रकाशितवाक्य 18:10सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, कि उसके जवान चौकों में गिराए जाएँगे, और सब योद्धाओं का बोलना बन्द हो जाएगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 50:30यिर्मयाह 11:22आमोस 4:10मैं दमिश्क की शहरपनाह में आग लगाऊँगा जिससे बेन्हदद के राजभवन भस्म हो जाएँगे।” यह भी देखें: 1 राजाओं 15:18-20आमोस 1:3-51 राजाओं 20:1-22“केदार और हासोर के राज्यों के विषय जिन्हें बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने मार लिया। यहोवा यह कहता है: उठकर केदार पर चढ़ाई करो! पूरब के लोगों का नाश करो! यह भी देखें: उत्पत्ति 25:13यशायाह 11:14न्यायियों 6:3वे उनके डेरे और भेड़-बकरियाँ ले जाएँगे, उनके तम्बू और सब बर्तन उठाकर ऊँटों को भी हाँक ले जाएँगे, और उन लोगों से पुकारकर कहेंगे, ‘चारों ओर भय ही भय है।’ यह भी देखें: यिर्मयाह 46:5यिर्मयाह 6:25स्तोत्र ग्रन्थ 120:5यहोवा की यह वाणी है, हे हासोर के रहनेवालों भागो! दूर-दूर मारे-मारे फिरो, कहीं जाकर छिपके बसो। क्योंकि बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने तुम्हारे विरुद्ध युक्ति और कल्पना की है। यह भी देखें: यशायाह 10:7यिर्मयाह 25:9यिर्मयाह 27:6“यहोवा की यह वाणी है, उठकर उस चैन से रहनेवाली जाति के लोगों पर चढ़ाई करो, जो निडर रहते हैं, और बिना किवाड़ और बेंड़े के ऐसे ही बसे हुए हैं। यह भी देखें: यहेजकेल 38:11व्यवस्थाविवरण 33:28गिनती 23:9उनके ऊँट और अनगिनत गाय-बैल और भेड़-बकरियाँ लूट में जाएँगी, क्योंकि मैं उनके गाल के बाल मुँड़ानेवालों को उड़ाकर सब दिशाओं में तितर-बितर करूँगा; और चारों ओर से उन पर विपत्ति लाकर डालूँगा, यहोवा की यह वाणी है। यह भी देखें: यिर्मयाह 9:26यिर्मयाह 25:23यिर्मयाह 49:36हासोर गीदड़ों का वासस्थान होगा और सदा के लिये उजाड़ हो जाएगा, वहाँ न कोई मनुष्य रहेगा, और न कोई आदमी उसमें टिकेगा।” यह भी देखें: यिर्मयाह 9:11यिर्मयाह 51:37यिर्मयाह 10:22यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के आरम्भ में यहोवा का यह वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास एलाम के विषय पहुँचा। यह भी देखें: यिर्मयाह 25:25दानिय्येल 8:2उत्पत्ति 10:22सेनाओं का यहोवा यह कहता है: “मैं एलाम के धनुष को जो उनके पराक्रम का मुख्य कारण है, तोड़ूँगा; यह भी देखें: यशायाह 22:6यिर्मयाह 51:56स्तोत्र ग्रन्थ 46:9और मैं आकाश के चारों ओर से वायु बहाकर उन्हें चारों दिशाओं की ओर यहाँ तक तितर-बितर करूँगा, कि ऐसी कोई जाति न रहेगी जिसमें एलाम भागते हुए न आएँ। (प्रका. 7:1) यह भी देखें: यिर्मयाह 49:32प्रकाशितवाक्य 7:1यिर्मयाह 30:17मैं एलाम को उनके शत्रुओं और उनके प्राण के खोजियों के सामने विस्मित करूँगा, और उन पर अपना कोप भड़काकर विपत्ति डालूँगा। और यहोवा की यह वाणी है, कि तलवार को उन पर चलवाते-चलवाते मैं उनका अन्त कर डालूँगा; यह भी देखें: यिर्मयाह 9:16यिर्मयाह 48:2यिर्मयाह 34:20-21और मैं एलाम में अपना सिंहासन रखकर उनके राजा और हाकिमों को नाश करूँगा, यहोवा की यही वाणी है। यह भी देखें: दानिय्येल 7:9-14यिर्मयाह 43:10“परन्तु यहोवा की यह भी वाणी है, कि अन्त के दिनों में मैं एलाम को बँधुआई से लौटा ले आऊँगा।” यह भी देखें: यिर्मयाह 48:47यिर्मयाह 49:6आमोस 9:14

यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।

टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)25 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।

ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता

यिर्मयाह 49:1

Ver. 1. Melchom, the idol of the Ammonites. Ch. --- Gad, to whom a part of their country was assigned. After the captivity this tribe, the Ammonites seized the country, regardless of God's appointment. They joined the Chaldees afterwards; but the latter could not depend upon them, and sent them into captivity, to revenge the death of Godolias. C. xli. 2. Soph. ii. 8. Ezec. xxv.

3. C. --- They had taken the country as their right, as if all Israel had perished; which God resents. W.

↑ 1

यिर्मयाह 49:2

Ver. 2. Rabbath; called Amana, Astarte, and Philadelphia, by Stephanus. ---

Possess; returning first from captivity, and subduing the cities of Ammon, under Hyrcan. 1 Mac. v. 6.

↑ 2

यिर्मयाह 49:3

Ver. 3. Hai, or Je-abarim. Both these cities pertained also to Moab. --- Hedges.

Heb. Gederoth, may be the city Gadara. --- Melchom, or Moloc, who claimed dominion over this people. If they had used their reason, they must have seen that he was no god, since the Lord disposed of him as he pleased so long before.

↑ 3

यिर्मयाह 49:4

Ver. 4. Delicate. Heb. "rebel or dissolute." Sept. "impudent."

↑ 4

यिर्मयाह 49:7

Ver. 7. Edom. This nation was involved in the common ruin, for its barbarity towards God's people. Abd. x. Ps. cxxxvi. 7. Ezec. xxv. 12. --- Theman, renowned formerly for wisdom. Job ii. 11. Yet at the approach of danger, all were confounded. C. --- They were only worldly wise.

W.

↑ 7

यिर्मयाह 49:8

Ver. 8. Hole. The territory of Edom, from Eleutheropolis to Elath, is full of such.

S. Jer. in Abd.

--- Dedan lies south of the Dead Sea. C.

↑ 8

यिर्मयाह 49:10

Ver. 10. Secrets, or lurking holes. v. 8. H. --- God permits the Chaldees to plunder all. ---

Brethren; Israelites. --- Neighbours; Moab, &c.

↑ 10

यिर्मयाह 49:12

Ver. 12. Was not so much. There were some faithful Jews. C. xxv. 28. C.

↑ 12

यिर्मयाह 49:13

Ver. 13. Bosra, different from that of Ammon; (C. xlviii. 24. Cellar. iii. 14.) though this may be doubtful. Could such a city be unknown?

↑ 13

यिर्मयाह 49:14

Ver. 14. Ambassador; Jeremias: or rather this is a personification of the passions, which would sufficiently prompt the Chaldees. C. --- A good angel might urge them to execute the divine decrees. Theodoret. --- The greatest armies are thus made use of by Providence, without approving of their malicious designs.

↑ 14

यिर्मयाह 49:15

Ver. 15. Little. Edom was scarcely known, except in sacred history; and it was forced to receive circumcision by the Machabees.

↑ 15

यिर्मयाह 49:16

Ver. 16. Hill. The mountains were numerous, and full of caverns. v. 8.

↑ 16

यिर्मयाह 49:17

Ver. 17. Desolate. The few who survived left their ancient territories, which are now a desert, like most of Stony Arabia. C. --- Hiss, out of contempt. The punishment was so great as to excite surprise. W.

↑ 17

यिर्मयाह 49:19

Ver. 19. Swelling. Lit. "pride;" (H.) or those banks which the Jordan reaches, when it overflows.

They are lined with woods, from which lions rush to devour the sheep. C. ---

Strong "one's dwelling." Heb. H. Zac. xi. 3. --- Over her. What sort of men come to the attack? or, who shall dare resist them? C.

↑ 19

यिर्मयाह 49:20

Ver. 20. Little. Chal. "chiefs of the people." Tsair (H.) is supposed to have this sense. Mic. v. 2.

C. --- But the weakest of the Chaldees will be an overmatch for Edom. H.

↑ 20

यिर्मयाह 49:23

Ver. 23. Damascus, the capital of Syria. Is. vii. 8. W. --- It was punished at the same time as the rest. Jos. --- Arphad; Arad, an island near Tyre, or Raphanæ.

Theod. --- Syr. "Rephad...they are troubled from the sea." Nabuchodonosor left Tyre to invade them. C. --- As in. The islands of the Mediterranean tremble for themselves, and all Syria is afraid, hearing of the fall of so many cities and nations.

↑ 23

यिर्मयाह 49:25

Ver. 25. They. Heb. Sept. and Chal. add, "not." Why have they not spared this beautiful city? or, why have not its citizens given it up, to prevent its entire demolition?

↑ 25

यिर्मयाह 49:27

Ver. 27. Benadad. So the kings were usually styled. 3 K. xv. 8. Sept. "the son of Ader."

↑ 27

यिर्मयाह 49:28

Ver. 28. Cedar and Asor were parts of Arabia; which, with Moab, Ammon, Edom, &c. were all brought under the yoke of Nabuchodonosor. Ch. --- We know nothing of the situation of Asor, which means "a court." C. --- It might be the flying camp (Theod.) of the Saracens, (S. Jer. in Is.

xxi. 16.) who dwelt under tents like the hordes of Tartars, the Ethiopian emperor, and the mogul.

Yet this seems to have been a fixed habitation. v. 30. 33. --- East; the Desert Arabia. v. 32. C. ---

Cedar was the son of Ismael, and Asor the chief city of the Agarens. W.

↑ 28

यिर्मयाह 49:29

Ver. 29. About. The enemy shall terrify them, and plunder all their riches.

↑ 29

यिर्मयाह 49:31

Ver. 31. Alone. We need not fear any resistance. They have no allies. C. --- The ancient Suevi, of Germany, laid waste the surrounding countries, that they might appear more terrible. Cesar iv.

and vi.

↑ 31

यिर्मयाह 49:32

Ver. 32. Wind; throughout the world. --- Round. C. ix. 26. C. --- This the Arabs did, in imitation of Bacchus. Herod. iii. 8.

↑ 32

यिर्मयाह 49:34

Ver. 34. Elam. A part of Persia. Ch. --- The Elamites had besieged Jerusalem, under Manasses, (C.) and are therefore punished. W. --- They were subject to Aseradon: Nabuchodonosor subdued them after the other nations. v. 36. Cyrus set his countrymen at liberty, (C.) and thus began his conquests. H. --- Pagan historians assert, at random, that they were before subject to the Medes.

↑ 34

यिर्मयाह 49:38

Ver. 38. Thence. Daniel (viii. 2.) governed at Susa, the capital of Elam, for Baltassar.

↑ 38

यिर्मयाह 49:39

Ver. 39. Return. They joined the standards of Cyrus, and became masters of the East. C. --- This and similar texts are understood of the conversion of the Gentiles. Acts ii. 7. W.

↑ 39

लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस

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