
यशायाह · IRV-HI
यशायाह
26
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
उस समय यहूदा देश में यह गीत गाया जाएगा, “हमारा एक दृढ़ नगर है; उद्धार का काम देने के लिये वह उसकी शहरपनाह और गढ़ को नियुक्त करता है। यह भी देखें: यशायाह 62:11यशायाह 60:18जकर्याह 2:5फाटकों को खोलो कि सच्चाई का पालन करनेवाली एक धर्मी जाति प्रवेश करे। यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 5:91 पतरस 2:9यशायाह 60:11जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है। (फिलि. 4:7) यह भी देखें: फिलिप्पियों 4:7योहन 16:33योहन 14:27यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है। यह भी देखें: यशायाह 12:2स्तोत्र ग्रन्थ 62:8फिलिप्पियों 4:13वह ऊँचे पदवाले को झुका देता, जो नगर ऊँचे पर बसा है उसको वह नीचे कर देता। वह उसको भूमि पर गिराकर मिट्टी में मिला देता है। यह भी देखें: अय्यूब 40:11-13यिर्मयाह 51:37प्रकाशितवाक्य 18:2वह पाँवों से, वरन् दरिद्रों के पैरों से रौंदा जाएगा।” यह भी देखें: रोमियों 16:20लूकस 10:19प्रकाशितवाक्य 2:26धर्मी का मार्ग सच्चाई है; तू जो स्वयं सच्चाई है, तू धर्मी की अगुआई करता है। यह भी देखें: इफिसियों 2:10यशायाह 42:161 योहन 3:10हे यहोवा, तेरे न्याय के मार्ग में हम लोग तेरी बाट जोहते आए हैं; तेरे नाम के स्मरण की हमारे प्राणों में लालसा बनी रहती है। यह भी देखें: याकूब 5:7-11स्तोत्र ग्रन्थ 37:3-7यशायाह 33:2रात के समय मैं जी से तेरी लालसा करता हूँ, मेरा सम्पूर्ण मन यत्न के साथ तुझे ढूँढ़ता है। क्योंकि जब तेरे न्याय के काम पृथ्वी पर प्रगट होते हैं, तब जगत के रहनेवाले धार्मिकता को सीखते हैं। यह भी देखें: मत्ती 6:33स्तोत्र ग्रन्थ 63:1स्तोत्र ग्रन्थ 119:62दुष्ट पर चाहे दया भी की जाए तो भी वह धार्मिकता को न सीखेगा; धर्मराज्य में भी वह कुटिलता करेगा, और यहोवा का माहात्म्य उसे सूझ न पड़ेगा। यह भी देखें: योहन 5:37-38होशे 11:7रोमियों 2:4-5हे यहोवा, तेरा हाथ बढ़ा हुआ है, पर वे नहीं देखते। परन्तु वे जानेंगे कि तुझे प्रजा के लिये कैसी जलन है, और लजाएँगे। (मीका 5:9, इब्रा. 10:27) यह भी देखें: इब्रानियों 10:27यशायाह 5:24मीका 5:9तेरे बैरी आग से भस्म होंगे। हे यहोवा, तू हमारे लिये शान्ति ठहराएगा, हमने जो कुछ किया है उसे तू ही ने हमारे लिये किया है। यह भी देखें: इफिसियों 2:10स्तोत्र ग्रन्थ 57:2स्तोत्र ग्रन्थ 29:11हे हमारे परमेश्वर यहोवा, तेरे सिवाय और स्वामी भी हम पर प्रभुता करते थे, परन्तु तेरी कृपा से हम केवल तेरे ही नाम का गुणानुवाद करेंगे। यह भी देखें: यशायाह 2:8यशायाह 63:7यशायाह 51:22वे मर गए हैं, फिर कभी जीवित नहीं होंगे; उनको मरे बहुत दिन हुए, वे फिर नहीं उठने के; तूने उनका विचार करके उनको ऐसा नाश किया कि वे फिर स्मरण में न आएँगे। यह भी देखें: नीतिवचन 10:7प्रकाशितवाक्य 18:2-3हबक्कूक 2:18-20परन्तु तूने जाति को बढ़ाया; हे यहोवा, तूने जाति को बढ़ाया है; तूने अपनी महिमा दिखाई है और उस देश के सब सीमाओं को तूने बढ़ाया है। यह भी देखें: यशायाह 9:3प्रकाशितवाक्य 11:15-18योहन 15:8हे यहोवा, दुःख में वे तुझे स्मरण करते थे, जब तू उन्हें ताड़ना देता था तब वे दबे स्वर से अपने मन की बात तुझ पर प्रगट करते थे। यह भी देखें: होशे 5:15स्तोत्र ग्रन्थ 50:15यिर्मयाह 22:23जैसे गर्भवती स्त्री जनने के समय ऐंठती और पीड़ा के कारण चिल्ला उठती है, हम लोग भी, हे यहोवा, तेरे सामने वैसे ही हो गए हैं। (भज. 48:6) यह भी देखें: योहन 16:21यशायाह 21:3यशायाह 13:8हम भी गर्भवती हुए, हम भी ऐंठे, हमने मानो वायु ही को जन्म दिया। हमने देश के लिये कोई उद्धार का काम नहीं किया, और न जगत के रहनेवाले उत्पन्न हुए। यह भी देखें: होशे 13:13स्तोत्र ग्रन्थ 17:142 राजाओं 19:3तेरे मरे हुए लोग जीवित होंगे, मुर्दे उठ खड़े होंगे। हे मिट्टी में बसनेवालो, जागकर जयजयकार करो! क्योंकि तेरी ओस ज्योति से उत्पन्न होती है, और पृथ्वी मुर्दों को लौटा देगी। यह भी देखें: दानिय्येल 12:2यहेजकेल 37:1-14मत्ती 27:52हे मेरे लोगों, आओ, अपनी-अपनी कोठरी में प्रवेश करके किवाड़ों को बन्द करो; थोड़ी देर तक जब तक क्रोध शान्त न हो तब तक अपने को छिपा रखो। (भज. 91:4, 32:7) यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 30:5स्तोत्र ग्रन्थ 27:5यशायाह 54:7-8क्योंकि देखो, यहोवा पृथ्वी के निवासियों को अधर्म का दण्ड देने के लिये अपने स्थान से चला आता है, और पृथ्वी अपना खून प्रगट करेगी और घात किए हुओं को और अधिक न छिपा रखेगी। यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 6:9-11यहूदा 1:14-15यशायाह 13:11
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)19 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
यशायाह 26:1
Ver. 1. Day. Under the law of grace, Christians sing this and such like canticles.
W. --- Sion.
This word is not in Heb. &c. though it be understood. C. --- Other nations have their respective cities. All Christians admit this one. W. --- The captives continue to return thanks. Yet the Holy Ghost speaks chiefly of the Church, and of the general resurrection. C. --- Bulwark. Faith and good works. W.
↑ 1यशायाह 26:2
Ver. 2. Truth. The Jews who returned from Babylon, were more virtuous than their ancestors, as the prophets intimate; though they have Christians principally in view.
↑ 2यशायाह 26:3
Ver. 3. Away: condemning the virtuous, as if they were fools. M. --- Sym. "our work, or fiction, is taken away." Heb. may have other meanings. H.
↑ 3यशायाह 26:4
Ver. 4. You, people of Juda.
↑ 4यशायाह 26:5
Ver. 5. High: Nabuchodonosor and his empire.
↑ 5यशायाह 26:6
Ver. 6. Needy. The Jews shall behold the ruin of the city by Cyrus, (C.) who was of a contemptible nation. H.
↑ 6यशायाह 26:7
Ver. 7. In. God will remove every obstacle, at their return.
↑ 7यशायाह 26:9
Ver. 9. Night of distress.
↑ 9यशायाह 26:10
Ver. 10. Justice. Clemency would therefore be ill placed. If the Israelites had not been led away captives, would they ever have been reformed?
↑ 10यशायाह 26:11
Ver. 11. Not see. Let them perish, or live to witness the glory of the Jews.
↑ 11यशायाह 26:12
Ver. 12. Works, both in punishing and rewarding. C. --- God crowns his own gifts. E.
↑ 12यशायाह 26:13
Ver. 13. Lords of Babylon, (C.) and our own passions. H.
↑ 13यशायाह 26:14
Ver. 14. Giants; the proud emperors of Babylon, whom thou wilt destroy. Sept.
"physicians;" as Rephaim has also this meaning.
↑ 14यशायाह 26:15
Ver. 15. Nation of the Jews. C. --- Sept. "add evils to them, O Lord; add evils to the nobles of the land." H. --- Heb. may have the same sense. --- Ends: princes, or the Chaldees, sending them also into captivity; or thou hast propagated thy Church over the world.
↑ 15यशायाह 26:16
Ver. 16. They. Sept. "We," &c. C. --- Affliction is a wholesome medicine. H.
↑ 16यशायाह 26:18
Ver. 18. Wind. Our expectation of aid from others has been disappointed. C. ---
Sept. "the spirit of thy salvation, which thou hast wrought on the earth. We shall not fall, but the inhabitants of the earth shall fall." H. --- Their copies must have been different from ours. --- Fallen. The Chanaanites are left for our trial and punishment. C.
↑ 18यशायाह 26:19
Ver. 19. Dead: a civil death, shall regain their liberty; and those who have left this world in a state of virtue, shall be happy. --- Ruin. Cyrus liberated the Jews, having conquered Babylon.
↑ 19यशायाह 26:20
Ver. 20. Away, and Cambyses be destroyed. Ezec. xxxviii. 11. C.
↑ 20यशायाह 26:21
Ver. 21. Shall cover her stain no more. This is said with relation to the martyrs, and their happy resurrection. Ch. --- The blood of the saints shall demand vengeance. C.
↑ 21लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस