AI-generated illustration: a stony desert path leading toward mountains under clouds pierced by sunbeams.
AI द्वारा निर्मित

यिर्मयाह

14
बाइबल पाठ

कृत्रिम आवाज़ (AI)

चित्र स्टूडियो में खोलें
यहोवा का वचन जो यिर्मयाह के पास सूखा पड़ने के विषय में पहुँचा यह भी देखें: यिर्मयाह 17:8“यहूदा विलाप करता और फाटकों में लोग शोक का पहरावा पहने हुए भूमि पर उदास बैठे हैं; और यरूशलेम की चिल्लाहट आकाश तक पहुँच गई है। यह भी देखें: यशायाह 3:26यिर्मयाह 8:211 शमूएल 5:12उनके बड़े लोग उनके छोटे लोगों को पानी के लिये भेजते हैं; वे गड्ढों पर आकर पानी नहीं पाते, इसलिए खाली बर्तन लिए हुए घर लौट जाते हैं; वे लज्जित और निराश होकर सिर ढाँप लेते हैं। यह भी देखें: 2 शमूएल 15:302 राजाओं 18:31स्तोत्र ग्रन्थ 40:14देश में वर्षा न होने से भूमि में दरार पड़ गई हैं, इस कारण किसान लोग निराश होकर सिर ढाँप लेते हैं। यह भी देखें: योएल 1:11योएल 1:19-20यिर्मयाह 3:3हिरनी भी मैदान में बच्चा जनकर छोड़ जाती है क्योंकि हरी घास नहीं मिलती। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 29:9यशायाह 15:6अय्यूब 39:1-4जंगली गदहे भी मुंडे टीलों पर खड़े हुए गीदड़ों के समान हाँफते हैं; उनकी आँखें धुँधला जाती हैं क्योंकि हरियाली कुछ भी नहीं है।” यह भी देखें: यिर्मयाह 2:24अय्यूब 39:5-6योएल 1:18“हे यहोवा, हमारे अधर्म के काम हमारे विरुद्ध साक्षी दे रहे हैं, हम तेरा संग छोड़कर बहुत दूर भटक गए हैं, और हमने तेरे विरुद्ध पाप किया है; तो भी, तू अपने नाम के निमित्त कुछ कर। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 25:11होशे 5:5यिर्मयाह 14:20-21हे इस्राएल के आधार, संकट के समय उसका बचानेवाला तू ही है, तू क्यों इस देश में परदेशी के समान है? तू क्यों उस बटोही के समान है जो रात भर रहने के लिये कहीं टिकता हो? यह भी देखें: यिर्मयाह 17:13यिर्मयाह 50:7यशायाह 43:3तू क्यों एक विस्मित पुरुष या ऐसे वीर के समान है जो बचा न सके? तो भी हे यहोवा तू हमारे बीच में है, और हम तेरे कहलाते हैं; इसलिए हमको न तज।” यह भी देखें: यशायाह 59:1यशायाह 63:19यिर्मयाह 15:16यहोवा ने इन लोगों के विषय यह कहा: “इनको ऐसा भटकना अच्छा लगता है; ये कुकर्म में चलने से नहीं रुके; इसलिए यहोवा इनसे प्रसन्न नहीं है, वह इनका अधर्म स्मरण करेगा और उनके पाप का दण्ड देगा।” यह भी देखें: होशे 9:9स्तोत्र ग्रन्थ 119:101होशे 8:13फिर यहोवा ने मुझसे कहा, “इस प्रजा की भलाई के लिये प्रार्थना मत कर। यह भी देखें: यिर्मयाह 7:16यिर्मयाह 11:14निर्गमन 32:32-34चाहे वे उपवास भी करें, तो भी मैं इनकी दुहाई न सुनूँगा, और चाहे वे होमबलि और अन्नबलि चढ़ाएँ, तो भी मैं उनसे प्रसन्न न होऊँगा; मैं तलवार, अकाल और मरी के द्वारा इनका अन्त कर डालूँगा।” (यहे. 8:18) यह भी देखें: यिर्मयाह 11:11नीतिवचन 1:28यहेजकेल 8:18तब मैंने कहा, “हाय, प्रभु यहोवा, देख, भविष्यद्वक्ता इनसे कहते हैं ‘न तो तुम पर तलवार चलेगी और न अकाल होगा, यहोवा तुम को इस स्थान में सदा की शान्ति देगा।’” यह भी देखें: यिर्मयाह 6:14यिर्मयाह 23:17मीका 3:11तब यहोवा ने मुझसे कहा, “ये भविष्यद्वक्ता मेरा नाम लेकर झूठी भविष्यद्वाणी करते हैं, मैंने उनको न तो भेजा और न कुछ आज्ञा दी और न उनसे कोई भी बात कही। वे तुम लोगों से दर्शन का झूठा दावा करके अपने ही मन से व्यर्थ और धोखे की भविष्यद्वाणी करते हैं। (यहे. 13:6) यह भी देखें: यहेजकेल 13:6-7यिर्मयाह 29:8-9विलापगीत 2:14इस कारण जो भविष्यद्वक्ता मेरे बिना भेजे मेरा नाम लेकर भविष्यद्वाणी करते हैं ‘उस देश में न तो तलवार चलेगी और न अकाल होगा,’ उनके विषय यहोवा यह कहता है, कि वे भविष्यद्वक्ता आप तलवार और अकाल के द्वारा नाश किए जाएँगे। यह भी देखें: यिर्मयाह 5:12-13यहेजकेल 14:102 पतरस 2:1-3और जिन लोगों से वे भविष्यद्वाणी कहते हैं, वे अकाल और तलवार के द्वारा मर जाने पर इस प्रकार यरूशलेम की सड़कों में फेंक दिए जाएँगे, कि न तो उनका, न उनकी स्त्रियों का और न उनके बेटे-बेटियों का कोई मिट्टी देनेवाला रहेगा। क्योंकि मैं उनकी बुराई उन्हीं के ऊपर उण्डेलूँगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 15:2-3यिर्मयाह 7:33स्तोत्र ग्रन्थ 79:2-3“तू उनसे यह बात कह, ‘मेरी आँखों से दिन-रात आँसू लगातार बहते रहें, वे न रुकें क्योंकि मेरे लोगों की कुँवारी बेटी बहुत ही कुचली गई और घायल हुई है। यह भी देखें: यिर्मयाह 8:21विलापगीत 1:15-16विलापगीत 2:13यदि मैं मैदान में जाऊँ, तो देखो, तलवार के मारे हुए पड़े हैं! और यदि मैं नगर के भीतर आऊँ, तो देखो, भूख से अधमरे पड़े हैं! क्योंकि भविष्यद्वक्ता और याजक देश में कमाई करते फिरते और समझ नहीं रखते हैं।’” यह भी देखें: यहेजकेल 7:15विलापगीत 1:20यिर्मयाह 8:10क्या तूने यहूदा से बिलकुल हाथ उठा लिया? क्या तू सिय्योन से घृणा करता है? नहीं, तूने क्यों हमको ऐसा मारा है कि हम चंगे हो ही नहीं सकते? हम शान्ति की बाट जोहते रहे, तो भी कुछ कल्याण नहीं हुआ; और यद्यपि हम अच्छे हो जाने की आशा करते रहे, तो भी घबराना ही पड़ा है। यह भी देखें: यिर्मयाह 8:15विलापगीत 5:221 थिस्सलुनीकियों 5:3हे यहोवा, हम अपनी दुष्टता और अपने पुरखाओं के अधर्म को भी मान लेते हैं, क्योंकि हमने तेरे विरुद्ध पाप किया है। यह भी देखें: यिर्मयाह 3:25स्तोत्र ग्रन्थ 32:51 योहन 1:7-9अपने नाम के निमित्त हमें न ठुकरा; अपने तेजोमय सिंहासन का अपमान न कर; जो वाचा तूने हमारे साथ बाँधी, उसे स्मरण कर और उसे न तोड़। यह भी देखें: यिर्मयाह 14:7स्तोत्र ग्रन्थ 106:45यिर्मयाह 3:17क्या जाति-जाति की मूरतों में से कोई वर्षा कर सकता है? क्या आकाश झड़ियाँ लगा सकता है? हे हमारे परमेश्वर यहोवा, क्या तू ही इन सब बातों का करनेवाला नहीं है? हम तेरा ही आसरा देखते रहेंगे, क्योंकि इन सारी वस्तुओं का सृजनहार तू ही है। यह भी देखें: योएल 2:23यिर्मयाह 5:24स्तोत्र ग्रन्थ 135:7

यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।

टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)14 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।

ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता

यिर्मयाह 14:1

Ver. 1. Drought, during the last siege, (v. 18. S. Jer.) or after the captivity of Jechonias; (C. viii.

13.) though the famine might happen in the days of Josias. Joel i. C. --- This scourge was in punishment of sin, and signified the privation of grace. W.

↑ 1

यिर्मयाह 14:3

Ver. 3. Water. Siloe was the only spring near, and it was often dry, (S. Jer.) though it was formerly abundant, (Jos. Bel. vi. 6.) as well as the fountain of Gehon. The city was furnished with cisterns. C. --- But all was now dry. H. ---

Heads; mourning. 2 K. xv. 30.

↑ 3

यिर्मयाह 14:5

Ver. 5. Field. They prefer places frequented by men. Pliny viii. 32.

↑ 5

यिर्मयाह 14:6

Ver. 6. Wind, for refreshment. --- Failed, through want, though they be very piercing.

↑ 6

यिर्मयाह 14:7

Ver. 7. Sake. We have the honour to be called thy people. We urge no merit of our own.

↑ 7

यिर्मयाह 14:8

Ver. 8. Lodge. The Fathers apply this to our Saviour, in a spiritual sense. C.

↑ 8

यिर्मयाह 14:9

Ver. 9. Wandering. Sept. "sleeping;" (H.) or as a boaster, who thinks himself strong. W. ---

Upon us. Shall strangers rule over thy people?

↑ 9

यिर्मयाह 14:10

Ver. 10. Rested. They are inconstant, fond of novelties, and apply to idols.

↑ 10

यिर्मयाह 14:11

Ver. 11. Good, that the drought may be removed. C. See C. vii. 16. and xi. 14. M.

--- "It is folly to pray for him who has sinned unto death," (S. Jer. 1 Jo. v. 16.) by final impenitence. C. ---

Sacrifices will not benefit the impenitent. S. Jer.

↑ 11

यिर्मयाह 14:13

Ver. 13. Ah. Hebrew has only one exclamation, or three letters, which Aquila renders, Ah, ah, ah. C. i. 6. Ezec. iv. 14. H. --- Jeremias lays the blame on false prophets. C. --- Yet they afford no excuse to thy followers. Both fall into the ditch. W.

↑ 13

यिर्मयाह 14:17

Ver. 17. My. Sept. "your eyes." Jeremias shews by his tears the future misery.

C. --- Virgin.

Though many were sinners, the Church had some just souls. W.

↑ 17

यिर्मयाह 14:18

Ver. 18. Famine. Under Jechonias many were slain, and the chiefs carried into captivity. 4 K.

xxiv. 12. --- Into. Heb. "through the land, and are ignorant." Chal. "they apply to their business, to earthly concerns, and care not." C. v. 31.

↑ 18

यिर्मयाह 14:21

यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।

Ver. 21. Glory; heaven, the temple or Jerusalem. How will infidels blaspheme!

↑ 21

यिर्मयाह 14:22

Ver. 22. Rain. Let not the people have recourse to idols, (C.) in despair. H.

↑ 22

लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस

मनन

इस अंश के लिए अभी कोई समीक्षित मनन नहीं।

संस्करण: Hindi Indian Revised Version · लाइसेंस: CC BY-SA 4.0
Hindi Indian Revised Version (IRV) © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0 (https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0/). Source: eBible.org (https://ebible.org/find/details.php?id=hin2017). Changes: none to the wording; formatting only (verse-per-line import). No endorsement by the licensor is implied.
आभार और लाइसेंस