AI-generated illustration: a stony desert path leading toward mountains under clouds pierced by sunbeams.
AI द्वारा निर्मित

यिर्मयाह

7
बाइबल पाठ

कृत्रिम आवाज़ (AI)

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जो वचन यहोवा की ओर से यिर्मयाह के पास पहुँचा वह यह है: “यहोवा के भवन के फाटक में खड़ा हो, और यह वचन प्रचार कर, और कह, हे सब यहूदियों, तुम जो यहोवा को दण्डवत् करने के लिये इन फाटकों से प्रवेश करते हो, यहोवा का वचन सुनो। यह भी देखें: यिर्मयाह 26:2प्रकाशितवाक्य 3:22यशायाह 1:10सेनाओं का यहोवा जो इस्राएल का परमेश्वर है, यह कहता है, अपनी-अपनी चाल और काम सुधारो, तब मैं तुम को इस स्थान में बसे रहने दूँगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 18:11यिर्मयाह 26:13नीतिवचन 28:13तुम लोग यह कहकर झूठी बातों पर भरोसा मत रखो, ‘यही यहोवा का मन्दिर है; यही यहोवा का मन्दिर, यहोवा का मन्दिर।’ यह भी देखें: मीका 3:11सपन्याह 3:11मत्ती 3:9-10“यदि तुम सचमुच अपनी-अपनी चाल और काम सुधारो, और सचमुच मनुष्य-मनुष्य के बीच न्याय करो, यह भी देखें: यिर्मयाह 4:1-2यशायाह 1:19यिर्मयाह 7:3परदेशी और अनाथ और विधवा पर अंधेर न करो; इस स्थान में निर्दोष की हत्या न करो, और दूसरे देवताओं के पीछे न चलो जिससे तुम्हारी हानि होती है, यह भी देखें: निर्गमन 22:21-24जकर्याह 7:9-12व्यवस्थाविवरण 8:19तो मैं तुम को इस नगर में, और इस देश में जो मैंने तुम्हारे पूर्वजों को दिया था, युग-युग के लिये रहने दूँगा। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 4:40यिर्मयाह 25:5यिर्मयाह 3:18“देखो, तुम झूठी बातों पर भरोसा रखते हो जिनसे कुछ लाभ नहीं हो सकता। यह भी देखें: यशायाह 28:15यिर्मयाह 7:4यिर्मयाह 5:31तुम जो चोरी, हत्या और व्यभिचार करते, झूठी शपथ खाते, बाल देवता के लिये धूप जलाते, और दूसरे देवताओं के पीछे जिन्हें तुम पहले नहीं जानते थे चलते हो, यह भी देखें: यिर्मयाह 7:6निर्गमन 20:3याकूब 4:1-4तो क्या यह उचित है कि तुम इस भवन में आओ जो मेरा कहलाता है, और मेरे सामने खड़े होकर यह कहो ‘हम इसलिए छूट गए हैं’ कि ये सब घृणित काम करें? यह भी देखें: यिर्मयाह 32:34यहेजकेल 23:37यहेजकेल 23:39क्या यह भवन जो मेरा कहलाता है, तुम्हारी दृष्टि में डाकुओं की गुफा हो गया है? मैंने स्वयं यह देखा है, यहोवा की यह वाणी है। (मत्ती 21:13, मर. 11:17, लूका 19:46) यह भी देखें: यशायाह 56:7लूकस 19:45-46मत्ती 21:13“मेरा जो स्थान शीलो में था, जहाँ मैंने पहले अपने नाम का निवास ठहराया था, वहाँ जाकर देखो कि मैंने अपनी प्रजा इस्राएल की बुराई के कारण उसकी क्या दशा कर दी है? यह भी देखें: 1 शमूएल 4:10-11यहोशू 18:1यिर्मयाह 26:6अब यहोवा की यह वाणी है, कि तुम जो ये सब काम करते आए हो, और यद्यपि मैं तुम से बड़े यत्न से बातें करता रहा हूँ, तो भी तुम ने नहीं सुना, और तुम्हें बुलाता आया परन्तु तुम नहीं बोले, यह भी देखें: यशायाह 65:12नीतिवचन 1:242 इतिहास 36:15-16इसलिए यह भवन जो मेरा कहलाता है, जिस पर तुम भरोसा रखते हो, और यह स्थान जो मैंने तुम को और तुम्हारे पूर्वजों को दिया था, इसकी दशा मैं शीलो की सी कर दूँगा। यह भी देखें: 2 राजाओं 25:9स्तोत्र ग्रन्थ 78:60यिर्मयाह 7:4और जैसा मैंने तुम्हारे सब भाइयों को अर्थात् सारे एप्रैमियों को अपने सामने से दूर कर दिया है, वैसा ही तुम को भी दूर कर दूँगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 15:12 राजाओं 17:23होशे 9:16-17“इस प्रजा के लिये तू प्रार्थना मत कर, न इन लोगों के लिये ऊँचे स्वर से पुकार न मुझसे विनती कर, क्योंकि मैं तेरी नहीं सुनूँगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 11:14यिर्मयाह 14:11-12यिर्मयाह 15:1क्या तू नहीं देखता कि ये लोग यहूदा के नगरों और यरूशलेम की सड़कों में क्या कर रहे हैं? यह भी देखें: यहेजकेल 14:23यहेजकेल 8:6-18यिर्मयाह 6:27देख, बाल-बच्चे तो ईंधन बटोरते, बाप आग सुलगाते और स्त्रियाँ आटा गुँधत‍ी हैं, कि स्वर्ग की रानी के लिये रोटियाँ चढ़ाएँ; और मुझे क्रोधित करने के लिये दूसरे देवताओं के लिये तपावन दें। यह भी देखें: यिर्मयाह 19:13यिर्मयाह 44:17-191 कुरिन्थियों 10:22यहोवा की यह वाणी है, क्या वे मुझी को क्रोध दिलाते हैं? क्या वे अपने ही को नहीं जिससे उनके मुँह पर उदासी छाए? यह भी देखें: यिर्मयाह 9:191 कुरिन्थियों 10:22यहेजकेल 8:17-18अतः प्रभु यहोवा ने यह कहा है, क्या मनुष्य, क्या पशु, क्या मैदान के वृक्ष, क्या भूमि की उपज, उन सब पर जो इस स्थान में हैं, मेरे कोप की आग भड़कने पर है; वह नित्य जलती रहेगी और कभी न बुझेगी।” यह भी देखें: यिर्मयाह 42:18यशायाह 42:25यिर्मयाह 17:27सेनाओं का यहोवा जो इस्राएल का परमेश्वर है, यह कहता है, “अपने मेलबलियों के साथ अपने होमबलि भी चढ़ाओ और माँस खाओ। यह भी देखें: होशे 8:13यिर्मयाह 6:20आमोस 5:21-23क्योंकि जिस समय मैंने तुम्हारे पूर्वजों को मिस्र देश में से निकाला, उस समय मैंने उन्हें होमबलि और मेलबलि के विषय कुछ आज्ञा न दी थी। यह भी देखें: होशे 6:61 शमूएल 15:22स्तोत्र ग्रन्थ 51:16-17परन्तु मैंने तो उनको यह आज्ञा दी कि मेरे वचन को मानो, तब मैं तुम्हारा परमेश्वर होऊँगा, और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे; और जिस मार्ग की मैं तुम्हें आज्ञा दूँ उसी में चलो, तब तुम्हारा भला होगा। यह भी देखें: निर्गमन 15:26व्यवस्थाविवरण 5:33निर्गमन 19:5-6पर उन्होंने मेरी न सुनी और न मेरी बातों पर कान लगाया; वे अपनी ही युक्तियों और अपने बुरे मन के हठ पर चलते रहे और पीछे हट गए पर आगे न बढ़े। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 81:11-12व्यवस्थाविवरण 29:19यिर्मयाह 7:26जिस दिन तुम्हारे पुरखा मिस्र देश से निकले, उस दिन से आज तक मैं तो अपने सारे दासों, भविष्यद्वक्ताओं को, तुम्हारे पास बड़े यत्न से लगातार भेजता रहा; यह भी देखें: यिर्मयाह 25:42 इतिहास 36:15नहेम्याह 9:26परन्तु उन्होंने मेरी नहीं सुनी, न अपना कान लगाया; उन्होंने हठ किया, और अपने पुरखाओं से बढ़कर बुराइयाँ की हैं। यह भी देखें: यिर्मयाह 16:122 इतिहास 30:8यिर्मयाह 17:23“तू सब बातें उनसे कहेगा पर वे तेरी न सुनेंगे; तू उनको बुलाएगा, पर वे न बोलेंगे। यह भी देखें: यिर्मयाह 26:2यिर्मयाह 1:7यशायाह 65:12तब तू उनसे कह देना, ‘यह वही जाति है जो अपने परमेश्वर यहोवा की नहीं सुनती, और ताड़ना से भी नहीं मानती; सच्चाई नाश हो गई, और उनके मुँह से दूर हो गई है। यह भी देखें: यशायाह 59:14-15सपन्याह 3:2यशायाह 1:4-5“‘अपने बाल मुँड़ाकर फेंक दे; मुँण्ड़े टीलों पर चढ़कर विलाप का गीत गा, क्योंकि यहोवा ने इस समय के निवासियों पर क्रोध किया और उन्हें निकम्मा जानकर त्याग दिया है।’ यह भी देखें: अय्यूब 1:20मीका 1:16यिर्मयाह 6:30“यहोवा की यह वाणी है, इसका कारण यह है कि यहूदियों ने वह काम किया है, जो मेरी दृष्टि में बुरा है; उन्होंने उस भवन में जो मेरा कहलाता है, अपनी घृणित वस्तुएँ रखकर उसे अशुद्ध कर दिया है। यह भी देखें: यिर्मयाह 32:34यहेजकेल 7:20दानिय्येल 9:27और उन्होंने हिन्नोमवंशियों की तराई में तोपेत नामक ऊँचे स्थान बनाकर, अपने बेटे-बेटियों को आग में जलाया है; जिसकी आज्ञा मैंने कभी नहीं दी और न मेरे मन में वह कभी आया। यह भी देखें: 2 राजाओं 23:10यिर्मयाह 32:352 राजाओं 17:17यहोवा की यह वाणी है, इसलिए ऐसे दिन आते हैं कि वह तराई फिर न तो तोपेत की और न हिन्नोमवंशियों की कहलाएगी, वरन् घात की तराई कहलाएगी; और तोपेत में इतनी कब्रें होंगी कि और स्थान न रहेगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 19:11यिर्मयाह 19:62 राजाओं 23:10इसलिए इन लोगों की लोथें आकाश के पक्षियों और पृथ्वी के पशुओं का आहार होंगी, और उनको भगानेवाला कोई न रहेगा। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 28:26यिर्मयाह 12:9प्रकाशितवाक्य 19:17-18उस समय मैं ऐसा करूँगा कि यहूदा के नगरों और यरूशलेम की सड़कों में न तो हर्ष और आनन्द का शब्द सुन पड़ेगा, और न दुल्हे और न दुल्हन का; क्योंकि देश उजाड़ ही उजाड़ हो जाएगा। (होशे 2:11, यिर्म. 16:9) यह भी देखें: होशे 2:11यहेजकेल 26:13प्रकाशितवाक्य 18:23

यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।

टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)20 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।

ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता

यिर्मयाह 7:2

Ver. 2. Gate, before all the people. This discourse ends C. xiii. C.

↑ 2

यिर्मयाह 7:3

Ver. 3. Dwell. Heb. "make you dwell here." H.

↑ 3

यिर्मयाह 7:4

Ver. 4. Lord. The triple repetition shews the vain confidence of the people, who blindly imagined that the temple would screen them, (C.) and that external sacrifices would suffice. But they were rejected with the temple. W.

↑ 4

यिर्मयाह 7:7

Ver. 7. Dwell. Heb. and Sept. as v. 3. H.

↑ 7

यिर्मयाह 7:9

Ver. 9. Not, which have done you no good, and deserve not to be styled gods.

C.

↑ 9

यिर्मयाह 7:10

Ver. 10. Because. Hebrew also, "although," (Sa. Grot.) "to perform," (Chal.

Mont.) or "by doing." God must surely approve of our conduct, since we are unmolested. S. Tho. Lyr. --- But the Vulg. seems preferable, and the people attribute their success to idols. C. xliv. 17. and 2 Par.

xxviii. 23.

↑ 10

यिर्मयाह 7:11

Ver. 11. Robbers. Our Saviour alludes to this. Mat. xxi. 13. --- Seen. Think not to hide yourselves, as in a den. My temple shall not be an asylum for wretches. C.

↑ 11

यिर्मयाह 7:12

Ver. 12. Beginning, under Josue. H. --- The sins of a few priests caused this place to be abandoned, (1 K. ii. 22. and iii. 4. Ps. lxxviii. 60.) and shall the crimes of a whole people escape?

C. --- It is true, that place and Jerusalem were once sanctified: but the people being criminal, God retires. W.

↑ 12

यिर्मयाह 7:13

Ver. 13. Early. Sparing no opportunity of reclaiming you. C.

↑ 13

यिर्मयाह 7:15

Ver. 15. Ephraim. The ten tribes (W.) had been led into captivity in the days of Ezechias, the great-grandfather of Josias. C.

↑ 15

यिर्मयाह 7:16

Ver. 16. Praise, offered to appease my wrath. H. --- This admirably shews the force of the saints'

intercession, which God does not reject, but rather encourages by such declarations. Abraham and Moses did not leave off praying for the guilty, (Gen.

xviii. 23. Ex. xxxii. 10.) and the Lord complains that there was none to withhold him. Is. lxiv. 7. Ezec. xxii. 30. C.

↑ 16

यिर्मयाह 7:18

Ver. 18. Heaven. That is, the moon, which they worshipped under that name.

Ch. --- Some understand the sun also the stars. C. xliv. 17. Is. lxv. 11. All the family contributes to promote this idolatry.

↑ 18

यिर्मयाह 7:21

Ver. 21. Flesh. I reject your holocausts. Keep them for yourselves. C.

↑ 21

यिर्मयाह 7:22

Ver. 22. I commanded them not: viz. such sacrifices as the Jews at this time offered without obedience; which was the thing principally commanded: so that in comparison with it, the offering of the holocausts and sacrifices was of small account. Ch. --- The observance of the decalogue would suffice. Victims were to teach internal piety. Lev. i. W. --- God "brought them out of Egypt, not for the sake of their sacrifices, but that they might...hear his word." S. Iræn. iv.

17. --- This was the principal design. See Mat. ix. 13. Os. vi. 6. and 1 Cor. i. 17.

Maldon. M. C.

--- The rules for sacrifices were given after the adoration of the calf, as necessary preservatives against idolatry. S. Tho. i. 2. q. 102. a. 3. --- Yet the paschal lamb, &c. had been already commanded. C. --- Many such absolute expressions imply a condition or comparison. Gloss.

Prov. viii. 10. --- I brought. Several MSS. read thus more accurately than the Heb. "He brought,"

(Ken.) which Prot. abandon, (H.) though the present reading may stand.

Chappel. Crat. --- Every variation should be noticed, as this and the former verse "seem greatly corrupted; perhaps the Syr.

version will be the best guide to their true meaning." Kennicott. --- Yet the passage is sufficiently intelligible in the Vulg. and Sept..

↑ 22

यिर्मयाह 7:27

Ver. 27. Thee. Sept. omit this verse, which Grabe replaces. The people will be more inexcusable. H.

↑ 27

यिर्मयाह 7:29

Ver. 29. High. People lamented in such places. C. ix. 13. Judg. xi. 35. C. ---

Wrath, which he treats with the utmost severity. H.

↑ 29

यिर्मयाह 7:30

Ver. 30. Abominations. Heb. We have lit. "stumbling-blocks," offendicula. H. ---

Manasses placed idols in the very temple, as the last kings of Juda did. 4 K.

xxiii. 4. Ezec. viii. 3.

↑ 30

यिर्मयाह 7:31

Ver. 31. Valley, to the south of the city. Here Moloc was adored, and Josias therefore contaminated the place. 4 K. xxiii. 10. C. --- It was very delightful. S.

Jer.

↑ 31

यिर्मयाह 7:32

Ver. 32. Place, elsewhere. H. --- This was verified when Nabuchodonosor and Titus besieged the city. C. --- The latter was quite shocked. Jos. Bel. vi. 14. See C. xix. and xxxi. 40.

↑ 32

यिर्मयाह 7:34

Ver. 34. Bride. None shall think of marrying, (C. xvi. 9. and xxv. 10. C.) all being filled with lamentation. M.

↑ 34

लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस

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