AI-generated illustration: a stony desert path leading toward mountains under clouds pierced by sunbeams.
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यिर्मयाह

35
बाइबल पाठ

कृत्रिम आवाज़ (AI)

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योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य में यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुँचा यह भी देखें: यिर्मयाह 1:3यिर्मयाह 25:12 राजाओं 23:35“रेकाबियों के घराने के पास जाकर उनसे बातें कर और उन्हें यहोवा के भवन की एक कोठरी में ले जाकर दाखमधु पिला।” यह भी देखें: 1 इतिहास 2:551 इतिहास 9:261 राजाओं 6:5-6तब मैंने याजन्याह को जो हबस्सिन्याह का पोता और यिर्मयाह का पुत्र था, और उसके भाइयों और सब पुत्रों को, अर्थात् रेकाबियों के सारे घराने को साथ लिया। मैं उनको परमेश्वर के भवन में, यिग्दल्याह के पुत्र हानान, जो परमेश्वर का एक जन था, उसकी कोठरी में ले आया जो हाकिमों की उस कोठरी के पास थी और शल्लूम के पुत्र डेवढ़ी के रखवाले मासेयाह की कोठरी के ऊपर थी। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 33:12 राजाओं 12:92 इतिहास 8:14तब मैंने रेकाबियों के घराने को दाखमधु से भरे हुए हँडे और कटोरे देकर कहा, “दाखमधु पीओ।” यह भी देखें: आमोस 2:12सभोपदेशक 9:7यिर्मयाह 35:2उन्होंने कहा, “हम दाखमधु न पीएँगे क्योंकि रेकाब के पुत्र योनादाब ने जो हमारा पुरखा था हमको यह आज्ञा दी थी, ‘तुम कभी दाखमधु न पीना; न तुम, न तुम्हारे पुत्र। यह भी देखें: लूकस 1:152 राजाओं 10:151 इतिहास 2:55न घर बनाना, न बीज बोना, न दाख की बारी लगाना, और न उनके अधिकारी होना; परन्तु जीवन भर तम्बुओं ही में रहना जिससे जिस देश में तुम परदेशी हो, उसमें बहुत दिन तक जीते रहो।’ यह भी देखें: यिर्मयाह 35:10उत्पत्ति 25:27लैव्यव्यवस्था 23:42-43इसलिए हम रेकाब के पुत्र अपने पुरखा यहोनादाब की बात मानकर, उसकी सारी आज्ञाओं के अनुसार चलते हैं, न हम और न हमारी स्त्रियाँ या पुत्र-पुत्रियाँ कभी दाखमधु पीती हैं, यह भी देखें: कुलुस्सियों 3:20नीतिवचन 4:10नीतिवचन 4:1-2और न हम घर बनाकर उनमें रहते हैं। हम न दाख की बारी, न खेत, और न बीज रखते हैं; यह भी देखें: 1 तीमुथियुस 6:6यिर्मयाह 35:7स्तोत्र ग्रन्थ 37:16हम तम्बुओं ही में रहा करते हैं, और अपने पुरखा योनादाब की बात मानकर उसकी सारी आज्ञाओं के अनुसार काम करते हैं। परन्तु जब बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने इस देश पर चढ़ाई की, तब हमने कहा, ‘चलो, कसदियों और अरामियों के दलों के डर के मारे यरूशलेम में जाएँ।’ इस कारण हम अब यरूशलेम में रहते हैं।” यह भी देखें: यिर्मयाह 8:14यिर्मयाह 4:5-7दानिय्येल 1:1-2तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुँचा। इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यह कहता है: “जाकर यहूदा देश के लोगों और यरूशलेम नगर के निवासियों से कह, यहोवा की यह वाणी है, क्या तुम शिक्षा मानकर मेरी न सुनोगे? यह भी देखें: यिर्मयाह 32:33यिर्मयाह 5:3यशायाह 28:9-12देखो, रेकाब के पुत्र यहोनादाब ने जो आज्ञा अपने वंश को दी थी कि तुम दाखमधु न पीना वह तो मानी गई है यहाँ तक कि आज के दिन भी वे लोग कुछ नहीं पीते, वे अपने पुरखा की आज्ञा मानते हैं; पर यद्यपि मैं तुम से बड़े यत्न से कहता आया हूँ, तो भी तुम ने मेरी नहीं सुनी। यह भी देखें: यिर्मयाह 25:3-4यिर्मयाह 11:7नीतिवचन 1:20-33मैं तुम्हारे पास अपने सारे दास नबियों को बड़ा यत्न करके यह कहने को भेजता आया हूँ, ‘अपनी बुरी चाल से फिरो, और अपने काम सुधारो, और दूसरे देवताओं के पीछे जाकर उनकी उपासना मत करो तब तुम इस देश में जो मैंने तुम्हारे पितरों को दिया था और तुम को भी दिया है, बसने पाओगे।’ पर तुम ने मेरी ओर कान नहीं लगाया न मेरी सुनी है। यह भी देखें: यिर्मयाह 18:11यिर्मयाह 25:5-6यहेजकेल 18:30-32देखो, रेकाब के पुत्र यहोनादाब के वंश ने तो अपने पुरखा की आज्ञा को मान लिया पर तुम ने मेरी नहीं सुनी। यह भी देखें: मलाकी 1:6यिर्मयाह 35:14लूकस 15:28-30इसलिए सेनाओं का परमेश्वर यहोवा, जो इस्राएल का परमेश्वर है, यह कहता है: देखो, यहूदा देश और यरूशलेम नगर के सारे निवासियों पर जितनी विपत्ति डालने की मैंने चर्चा की है वह उन पर अब डालता हूँ; क्योंकि मैंने उनको सुनाया पर उन्होंने नहीं सुना, मैंने उनको बुलाया पर उन्होंने उत्तर न दिया।” यह भी देखें: यशायाह 66:4यिर्मयाह 7:13रोमियों 10:21पर रेकाबियों के घराने से यिर्मयाह ने कहा, “इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा तुम से यह कहता है: इसलिए कि तुम ने जो अपने पुरखा यहोनादाब की आज्ञा मानी, वरन् उसकी सब आज्ञाओं को मान लिया और जो कुछ उसने कहा उसके अनुसार काम किया है, यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 5:16निर्गमन 20:12इफिसियों 6:1-3इसलिए इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यह कहता है: रेकाब के पुत्र योनादाब के वंश में सदा ऐसा जन पाया जाएगा जो मेरे सम्मुख खड़ा रहे।” यह भी देखें: यिर्मयाह 15:19लूकस 21:36स्तोत्र ग्रन्थ 5:5

यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।

टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)9 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।

ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता

यिर्मयाह 35:1

यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।

Ver. 1. Joakim, when Nabuchodonosor besieged him again in his 7th year. The Rechabites then pitched their tents in Jerusalem. v. 11. C. --- Here we behold a figure of religious orders in the Church, as well as in the Nazarites and disciples of the prophets. Num. vi. and 4 K. i. They observed certain rules for acquiring greater perfection, and refrained from many things which were otherwise lawful. Thus various religious orders, both of men and of women, have flourished in the Church, and though they have different names and regulations, yet they are not sects, as heretics would pretend, but all follow the same faith, use the same sacraments, and are a great ornament to the Catholic Church by their profession of the three essential vows of poverty, chastity, and obedience, in imitation of the apostles. Mat. xix. 12. --- Joakim. This happened before the preceding prophecies. W.

↑ 1

यिर्मयाह 35:2

Ver. 2. Rechabites. These were of the race of Jethro, father-in-law to Moses.

Ch. --- All the Heb.

and Latin doctors agree that the Rechabites were strangers. v. 7. 19. W. ---

Treasures of corn, wine, &c. Jeremias, as a priest, had free access.

↑ 2

यिर्मयाह 35:4

Ver. 4. Of God. Prophets are generally thus designated. 4 K. iv. 7. We know nothing more of this holy man. --- Princes of the priests; or where princes made their offerings, or assembled to judge. C. xxvi. 10. --- Entry. He was not removeable like the other Levites. 1 Par. ix. 19. 34. C.

↑ 4

यिर्मयाह 35:5

Ver. 5. Wine. This was not an exhortation, but a trial. H.

↑ 5

यिर्मयाह 35:6

Ver. 6. Jonadab. A man much esteemed by Jehu. 4 K. x. 15. W.

↑ 6

यिर्मयाह 35:7

यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।

Ver. 7. Days. The reward of dutiful children. Ex. xx. 12. These are models of those Christians who follow the rule of some virtuous person, in order to be at a greater distance from any transgression of the law, and to observe it with more perfection. C. --- "If a father could lay such an injunction on his descendants, and they receive commendation for observing it, why may not the fathers of the Church enjoin things which are not of themselves necessary, but...useful to avoid the occasions of evil, or to advance in virtue?" says Grotius, a Protestant, after S. Jerom, (ad Paulin.) S. Aug. in Ps. lxx. &c. H.

Jonadab exhorted, and prescribed this rule, but it was not properly a command, being too arduous. T.

↑ 7

यिर्मयाह 35:11

Ver. 11. Syria. 4 K. xxiv. 2. The mention of these shews that this was the second siege, when Joakim was slain, and many led into captivity, (C. lii. 28.) with these Rechabites. C. --- They lived under tents, but in case of necessity entered the city. v. 10. If they observe works of supererogation, all must surely keep God's law. W.

↑ 11

यिर्मयाह 35:14

Ver. 14. Me. What a contrast! H. --- This was only a counsel, mine a law! T.

↑ 14

यिर्मयाह 35:19

Ver. 19. Before me, in an honourable situation (1 Par. ii. 55.) about the temple. It was not requisite that they should be Levites. C. --- For ever. Their reward shall be eternal bliss. H. ---

This they sought for, as they were strangers of Madian in the country. v. 7. M.

↑ 19

लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस

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