AI-generated illustration: Moses holds two blank stone tablets on Mount Sinai under fire and cloud as the people wait below. Classical sacred-art style.
AI द्वारा निर्मित

व्यवस्थाविवरण

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बाइबल पाठ

कृत्रिम आवाज़ (AI)

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मूसा ने सारे इस्राएलियों को बुलवाकर कहा, “हे इस्राएलियों, जो-जो विधि और नियम मैं आज तुम्हें सुनाता हूँ वे सुनो, इसलिए कि उन्हें सीखकर मानने में चौकसी करो। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 4:1मत्ती 23:3व्यवस्थाविवरण 29:10हमारे परमेश्वर यहोवा ने तो होरेब पर हम से वाचा बाँधी। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 4:23निर्गमन 19:5-8निर्गमन 24:8इस वाचा को यहोवा ने हमारे पितरों से नहीं, हम ही से बाँधा, जो यहाँ आज के दिन जीवित हैं। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 29:10-15स्तोत्र ग्रन्थ 105:8-10उत्पत्ति 17:7यहोवा ने उस पर्वत पर आग के बीच में से तुम लोगों से आमने-सामने बातें की; (प्रेरि. 7:38) यह भी देखें: निर्गमन 19:18-19व्यवस्थाविवरण 34:10व्यवस्थाविवरण 4:36उस आग के डर के मारे तुम पर्वत पर न चढ़े, इसलिए मैं यहोवा के और तुम्हारे बीच उसका वचन तुम्हें बताने को खड़ा रहा। तब उसने कहा, यह भी देखें: गलातियों 3:19निर्गमन 20:18-21निर्गमन 19:16‘तेरा परमेश्वर यहोवा, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात् मिस्र देश में से निकाल लाया है, वह मैं हूँ। यह भी देखें: निर्गमन 20:2-17स्तोत्र ग्रन्थ 81:5-10लैव्यव्यवस्था 26:1-2‘मुझे छोड़ दूसरों को परमेश्वर करके न मानना। यह भी देखें: निर्गमन 20:3मत्ती 4:101 योहन 5:21‘तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी की प्रतिमा बनाना जो आकाश में, या पृथ्वी पर, या पृथ्वी के जल में है; यह भी देखें: निर्गमन 20:4व्यवस्थाविवरण 4:15-19तू उनको दण्डवत् न करना और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखनेवाला परमेश्वर हूँ, और जो मुझसे बैर रखते हैं उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को पितरों का दण्ड दिया करता हूँ, यह भी देखें: निर्गमन 20:4-6निर्गमन 34:7गिनती 14:18और जो मुझसे प्रेम रखते और मेरी आज्ञाओं को मानते हैं उन हजारों पर करुणा किया करता हूँ। यह भी देखें: रोमियों 8:281 योहन 1:7यिर्मयाह 32:18‘तू अपने परमेश्वर यहोवा का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उनको निर्दोष न ठहराएगा। (मत्ती 5:33) यह भी देखें: निर्गमन 20:7लैव्यव्यवस्था 19:12व्यवस्थाविवरण 6:13‘तू विश्रामदिन को मानकर पवित्र रखना, जैसे तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझे आज्ञा दी। (मर. 2:27) यह भी देखें: निर्गमन 20:8-11यशायाह 58:13यशायाह 56:6छः दिन तो परिश्रम करके अपना सारा काम-काज करना; (लूका 13:14) यह भी देखें: यहेजकेल 20:12लूकस 13:14-16निर्गमन 23:12परन्तु सातवाँ दिन तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये विश्रामदिन है; उसमें न तू किसी भाँति का काम-काज करना, न तेरा बेटा, न तेरी बेटी, न तेरा दास, न तेरी दासी, न तेरा बैल, न तेरा गदहा, न तेरा कोई पशु, न कोई परदेशी भी जो तेरे फाटकों के भीतर हो; जिससे तेरा दास और तेरी दासी भी तेरे समान विश्राम करे। (मत्ती 12:2, लूका 23:56) यह भी देखें: इब्रानियों 4:4उत्पत्ति 2:2निर्गमन 16:29-30और इस बात को स्मरण रखना कि मिस्र देश में तू आप दास था, और वहाँ से तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे बलवन्त हाथ और बढ़ाई हुई भुजा के द्वारा निकाल लाया; इस कारण तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे विश्रामदिन मानने की आज्ञा देता है। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 5:6व्यवस्थाविवरण 15:15व्यवस्थाविवरण 16:12‘अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जैसे कि तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझे आज्ञा दी है; जिससे जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसमें तू बहुत दिन तक रहने पाए, और तेरा भला हो। (मत्ती 15:4, मर. 7:10, मर. 10:19, इफि. 6:2-3) यह भी देखें: निर्गमन 20:12इफिसियों 6:1-3कुलुस्सियों 3:20‘तू खून न करना। (मत्ती 5:21, याकू. 2:11) यह भी देखें: निर्गमन 20:13रोमियों 13:9मत्ती 5:21-22‘तू व्यभिचार न करना। (मत्ती 5:27, याकू. 2:11, रोम. 7:7, रोम. 13:9) यह भी देखें: निर्गमन 20:14लूकस 18:20लैव्यव्यवस्था 20:10‘तू चोरी न करना। यह भी देखें: निर्गमन 20:15रोमियों 13:9इफिसियों 4:28‘तू किसी के विरुद्ध झूठी साक्षी न देना। (लूका 18:20) यह भी देखें: निर्गमन 20:16निर्गमन 23:1नीतिवचन 19:9‘तू न किसी की पत्नी का लालच करना, और न किसी के घर का लालच करना, न उसके खेत का, न उसके दास का, न उसकी दासी का, न उसके बैल या गदहे का, न उसकी किसी और वस्तु का लालच करना।’ यह भी देखें: निर्गमन 20:17रोमियों 13:9लूकस 12:15यही वचन यहोवा ने उस पर्वत पर आग, और बादल, और घोर अंधकार के बीच में से तुम्हारी सारी मण्डली से पुकारकर कहा; और इससे अधिक और कुछ न कहा। और उन्हें उसने पत्थर की दो पटियाओं पर लिखकर मुझे दे दिया। यह भी देखें: निर्गमन 24:12निर्गमन 31:18व्यवस्थाविवरण 4:36“जब पर्वत आग से दहक रहा था, और तुम ने उस शब्द को अंधियारे के बीच में से आते सुना, तब तुम और तुम्हारे गोत्रों के सब मुख्य-मुख्य पुरुष और तुम्हारे पुरनिए मेरे पास आए; (इब्रा. 12:19) यह भी देखें: निर्गमन 20:18-19इब्रानियों 12:18-21और तुम कहने लगे, ‘हमारे परमेश्वर यहोवा ने हमको अपना तेज और अपनी महिमा दिखाई है, और हमने उसका शब्द आग के बीच में से आते हुए सुना; आज हमने देख लिया कि यद्यपि परमेश्वर मनुष्य से बातें करता है तो भी मनुष्य जीवित रहता है। (निर्ग. 19:19) यह भी देखें: निर्गमन 19:19व्यवस्थाविवरण 4:33निर्गमन 33:20अब हम क्यों मर जाएँ? क्योंकि ऐसी बड़ी आग से हम भस्म हो जाएँगे; और यदि हम अपने परमेश्वर यहोवा का शब्द फिर सुनें, तब तो मर ही जाएँगे। (इब्रा. 12:19) यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 18:16इब्रानियों 12:292 कुरिन्थियों 3:7-9क्योंकि सारे प्राणियों में से कौन ऐसा है जो हमारे समान जीवित और अग्नि के बीच में से बोलते हुए परमेश्वर का शब्द सुनकर जीवित बचा रहे? (व्यव. 4:33) यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 4:33रोमियों 3:20मत्ती 26:63इसलिए तू समीप जा, और जो कुछ हमारा परमेश्वर यहोवा कहे उसे सुन ले; फिर जो कुछ हमारा परमेश्वर यहोवा कहे उसे हम से कहना; और हम उसे सुनेंगे और उसे मानेंगे।’ यह भी देखें: निर्गमन 20:19इब्रानियों 12:19“जब तुम मुझसे ये बातें कह रहे थे तब यहोवा ने तुम्हारी बातें सुनीं; तब उसने मुझसे कहा, ‘इन लोगों ने जो-जो बातें तुझ से कही हैं मैंने सुनी हैं; इन्होंने जो कुछ कहा वह ठीक ही कहा। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 18:17गिनती 36:5गिनती 27:7भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिससे उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! यह भी देखें: यशायाह 48:18व्यवस्थाविवरण 11:1यहेजकेल 33:31-32इसलिए तू जाकर उनसे कह दे, कि अपने-अपने डेरों को लौट जाओ। परन्तु तू यहीं मेरे पास खड़ा रह, और मैं वे सारी आज्ञाएँ और विधियाँ और नियम जिन्हें तुझे उनको सिखाना होगा तुझ से कहूँगा, जिससे वे उन्हें उस देश में जिसका अधिकार मैं उन्हें देने पर हूँ मानें।’ (गला. 3:19) यह भी देखें: गलातियों 3:19निर्गमन 24:12व्यवस्थाविवरण 11:1इसलिए तुम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार करने में चौकसी करना; न तो दाएँ मुड़ना और न बाएँ। यह भी देखें: नीतिवचन 4:27यहोशू 23:6यहोशू 1:7जिस मार्ग पर चलने की आज्ञा तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम को दी है उस सारे मार्ग पर चलते रहो, कि तुम जीवित रहो, और तुम्हारा भला हो, और जिस देश के तुम अधिकारी होगे उसमें तुम बहुत दिनों के लिये बने रहो। (लूका 1:6) यह भी देखें: यिर्मयाह 7:23व्यवस्थाविवरण 4:401 तीमुथियुस 4:8

यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।

टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)16 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।

ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता

अध्याय का परिचय

CHAPTER. V.

व्यवस्थाविवरण 5:1

Ver. 1. All Israel: not one was wanting, C. xxix. 10. God enabled all to hear the words of their lawgiver, (M.) by an evident miracle. Jansen. C.

↑ 1

व्यवस्थाविवरण 5:3

Ver. 3. Fathers, the ancient patriarchs, who were not favoured in such a signal manner. M. ---

Though many of those who had heard the words of God at Horeb, were dead, and had not enjoyed the full benefit of the covenant, some still remained, and the children of the deceased were about to enter the land which had been there promised. H. --- God did not make a covenant with the Patriarchs only, but also with their posterity at Horeb. D.

↑ 3

व्यवस्थाविवरण 5:4

Ver. 4. To us. Heb. and Sept. "to you." --- Face to face, in such a manner that no doubt could be entertained of his presence. S. Aug. --- God addressed the decalogue to all the people, who saw no similitude. But to Moses he delivered the rest of his ordinances, with as much familiarity and condescension as one friend would use in speaking to another. Ex. xxxiii. 2. C.

↑ 4

व्यवस्थाविवरण 5:5

यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।

Ver. 5. Mediator. S. Paul acknowledges this title of Moses, (Gal. iii. 9,) who was a figure of Jesus Christ, the mediator of the New Testament. Heb. viii. 6. ix. 15.

xii. 24. C. --- Let not Protestants, therefore, reject this title with so much indignation, when it is applied in the like limited sense to the saints, to denote that they pray for us, as we pray for one another. Christ is the one mediator (1

Tim. ii.) of redemption. H.

↑ 5

व्यवस्थाविवरण 5:7

Ver. 7. Sight. Chaldee, "Thou shalt not have any other god but me." Elohim often designates the true God. C. --- See the decalogue explained, (Ex. xx.,) where we have observed, that pictures are only forbidden when they are the objects of sovereign worship, as the context here plainly shews, v. 9. Other images God himself authorized, (W.) even in the old law, and in the most sacred place, where people were ordered to fall prostrate before the ark, to adore his footstool.

Ps. xcviii. 5. If, therefore, a people so prone to idolatry as the Jews were, might have pictures in the temple of God without danger, how can any one suppose that the images of Jesus Christ, and of his saints, are necessary incentive to idolatry among Christians, who all know that God will allow of no rival! H.

↑ 7

व्यवस्थाविवरण 5:9

यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।

Ver. 9. Serve. We must neither treat idols, nor their images, with the honour due to God alone.

S. Aug. q. 61. in Gen. --- If we do, he will punish our infidelity. --- Generation, for a long time, or as long as the remembrance of the parents' wickedness subsists, so as to have an influence upon others. H. --- God mercifully defers correction. S. Jer. in Ezec. xvii. He chastises those who imitate their wicked forefathers.

↑ 9

व्यवस्थाविवरण 5:11

Ver. 11. In vain, by perjury. See v. 20, where the same word is used, (D.) or by any irreverent speech. M.

↑ 11

व्यवस्थाविवरण 5:15

Ver. 15. Therefore. This is another reason why the Jews were to observe the sabbath with particular rigour. The institution of a day of rest every week, (H.) was intended to preserve the memory of the creation. C. --- God also requires that his people should be grateful on this day for the rest which he had granted to them, (H.) and preserve carefully all the monuments of the true religion. C.

↑ 15

व्यवस्थाविवरण 5:18

Ver. 18. Adultery. Under this name God forbids every species of impurity. S.

Aug. q. 71. M.

↑ 18

व्यवस्थाविवरण 5:20

Ver. 20. False. Hebrew shave, "vain," is synonymous with sheker, "false," used Ex. xx. 16.

↑ 20

व्यवस्थाविवरण 5:21

Ver. 21. His. Here the Samaritan copy inserts the order for erecting an altar upon Mount Garizim, which we have given, Ex. xx. 27. It occurs below. C.

xxviii. 2, &c. C.

↑ 21

व्यवस्थाविवरण 5:22

Ver. 22. More to the people: the other precepts were communicated to Moses.

The Chaldee and others give a contrary turn to the Heb. "and he ceased not"

ever since to instruct us. C. --- Moses gives the sense, not the very words of the decalogue, in which he is not guilty of any lie. S. Aug.

q. 8. D.

↑ 22

व्यवस्थाविवरण 5:23

Ver. 23. You said, by the mouths of your princes. Ex. xx. 19.

↑ 23

व्यवस्थाविवरण 5:25

Ver. 25. Die. Past experience did not entirely remove from them the fear which was so generally entertained, that the sight of the heavenly beings would prove destructive. So Daniel (C. x. 17,) said on a similar occasion, my breath is stopped. H.

↑ 25

व्यवस्थाविवरण 5:29

Ver. 29. A mind. God speaks like men, and insinuates how agreeable to him is a disposition influenced by a salutary fear. He does not mean that He cannot convert the heart of man. E. ---

God exerts his power over our will by persuasive invitations. Maimonides.

↑ 29

व्यवस्थाविवरण 5:32

Ver. 32. Left: a proverbial expression, to signify that no sort of transgression is to be allowed. M.

--- It is of the same import as, You shall not add, &c. C. iv. 2. C.

↑ 32

लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस

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