
उत्पत्ति · IRV-HI
उत्पत्ति
42
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
जब याकूब ने सुना कि मिस्र में अन्न है, तब उसने अपने पुत्रों से कहा, “तुम एक दूसरे का मुँह क्यों देख रहे हो।” यह भी देखें: प्रेरित-चरित 7:12यहोशू 7:102 राजाओं 8:3-4फिर उसने कहा, “मैंने सुना है कि मिस्र में अन्न है; इसलिए तुम लोग वहाँ जाकर हमारे लिये अन्न मोल ले आओ, जिससे हम न मरें, वरन् जीवित रहें।” (प्रेरि. 7:12) यह भी देखें: उत्पत्ति 43:8मत्ती 4:4यशायाह 38:1अतः यूसुफ के दस भाई अन्न मोल लेने के लिये मिस्र को गए। यह भी देखें: उत्पत्ति 42:13उत्पत्ति 42:5पर यूसुफ के भाई बिन्यामीन को याकूब ने यह सोचकर भाइयों के साथ न भेजा कि कहीं ऐसा न हो कि उस पर कोई विपत्ति आ पड़े। यह भी देखें: उत्पत्ति 42:38उत्पत्ति 44:20-22उत्पत्ति 44:27-34इस प्रकार जो लोग अन्न मोल लेने आए उनके साथ इस्राएल के पुत्र भी आए; क्योंकि कनान देश में भी भारी अकाल था। (प्रेरि. 7:11) यह भी देखें: प्रेरित-चरित 7:11उत्पत्ति 12:10उत्पत्ति 41:57यूसुफ तो मिस्र देश का अधिकारी था, और उस देश के सब लोगों के हाथ वही अन्न बेचता था; इसलिए जब यूसुफ के भाई आए तब भूमि पर मुँह के बल गिरकर उसको दण्डवत् किया। यह भी देखें: उत्पत्ति 45:26उत्पत्ति 19:1उत्पत्ति 44:14उनको देखकर यूसुफ ने पहचान तो लिया, परन्तु उनके सामने भोला बनकर कठोरता के साथ उनसे पूछा, “तुम कहाँ से आते हो?” उन्होंने कहा, “हम तो कनान देश से अन्न मोल लेने के लिये आए हैं।” यह भी देखें: उत्पत्ति 42:30उत्पत्ति 42:9-12उत्पत्ति 42:19-20यूसुफ ने अपने भाइयों को पहचान लिया, परन्तु उन्होंने उसको न पहचाना। यह भी देखें: योहन 20:14लूकस 24:16योहन 21:4तब यूसुफ अपने उन स्वप्नों को स्मरण करके जो उसने उनके विषय में देखे थे, उनसे कहने लगा, “तुम भेदिए हो; इस देश की दुर्दशा को देखने के लिये आए हो।” यह भी देखें: उत्पत्ति 37:5-9निर्गमन 32:351 शमूएल 26:4उन्होंने उससे कहा, “नहीं, नहीं, हे प्रभु, तेरे दास भोजनवस्तु मोल लेने के लिये आए हैं। यह भी देखें: उत्पत्ति 37:8उत्पत्ति 44:9उत्पत्ति 27:37हम सब एक ही पिता के पुत्र हैं, हम सीधे मनुष्य हैं, तेरे दास भेदिए नहीं।” यह भी देखें: उत्पत्ति 42:192 कुरिन्थियों 6:4उत्पत्ति 42:33-34उसने उनसे कहा, “नहीं नहीं, तुम इस देश की दुर्दशा देखने ही को आए हो।” उन्होंने कहा, “हम तेरे दास बारह भाई हैं, और कनान देशवासी एक ही पुरुष के पुत्र हैं, और छोटा इस समय हमारे पिता के पास है, और एक जाता रहा।” यह भी देखें: उत्पत्ति 37:30उत्पत्ति 42:32उत्पत्ति 44:20तब यूसुफ ने उनसे कहा, “मैंने तो तुम से कह दिया, कि तुम भेदिए हो; यह भी देखें: अय्यूब 13:24अय्यूब 19:11उत्पत्ति 42:9-11अतः इसी रीति से तुम परखे जाओगे, फ़िरौन के जीवन की शपथ, जब तक तुम्हारा छोटा भाई यहाँ न आए तब तक तुम यहाँ से न निकलने पाओगे। यह भी देखें: 1 शमूएल 17:55उत्पत्ति 42:16उत्पत्ति 42:12इसलिए अपने में से एक को भेज दो कि वह तुम्हारे भाई को ले आए, और तुम लोग बन्दी रहोगे; इस प्रकार तुम्हारी बातें परखी जाएँगी कि तुम में सच्चाई है कि नहीं। यदि सच्चे न ठहरे तब तो फ़िरौन के जीवन की शपथ तुम निश्चय ही भेदिए समझे जाओगे।” यह भी देखें: उत्पत्ति 42:11तब उसने उनको तीन दिन तक बन्दीगृह में रखा। यह भी देखें: उत्पत्ति 40:4उत्पत्ति 40:7इब्रानियों 12:10तीसरे दिन यूसुफ ने उनसे कहा, “एक काम करो तब जीवित रहोगे; क्योंकि मैं परमेश्वर का भय मानता हूँ; यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 25:43नहेम्याह 5:15उत्पत्ति 20:11यदि तुम सीधे मनुष्य हो, तो तुम सब भाइयों में से एक जन इस बन्दीगृह में बँधुआ रहे; और तुम अपने घरवालों की भूख मिटाने के लिये अन्न ले जाओ। यह भी देखें: यिर्मयाह 37:15यशायाह 42:22उत्पत्ति 41:56और अपने छोटे भाई को मेरे पास ले आओ; इस प्रकार तुम्हारी बातें सच्ची ठहरेंगी, और तुम मार डाले न जाओगे।” तब उन्होंने वैसा ही किया। यह भी देखें: उत्पत्ति 42:34उत्पत्ति 43:5उत्पत्ति 44:23उन्होंने आपस में कहा, “निःसन्देह हम अपने भाई के विषय में दोषी हैं, क्योंकि जब उसने हम से गिड़गिड़ाकर विनती की, तब भी हमने यह देखकर, कि उसका जीवन कैसे संकट में पड़ा है, उसकी न सुनी; इसी कारण हम भी अब इस संकट में पड़े हैं।” यह भी देखें: होशे 5:15अय्यूब 36:8-9उत्पत्ति 37:23-28रूबेन ने उनसे कहा, “क्या मैंने तुम से न कहा था कि लड़के के अपराधी मत बनो? परन्तु तुम ने न सुना। देखो, अब उसके लहू का बदला लिया जाता है।” यह भी देखें: 2 इतिहास 24:22स्तोत्र ग्रन्थ 9:121 राजाओं 2:32यूसुफ की और उनकी बातचीत जो एक दुभाषिया के द्वारा होती थी; इससे उनको मालूम न हुआ कि वह उनकी बोली समझता है। यह भी देखें: योहन 16:13-142 कुरिन्थियों 5:20तब वह उनके पास से हटकर रोने लगा; फिर उनके पास लौटकर और उनसे बातचीत करके उनमें से शिमोन को छाँट निकाला और उनके सामने उसे बन्दी बना लिया। यह भी देखें: उत्पत्ति 43:30उत्पत्ति 45:14-15रोमियों 12:15तब यूसुफ ने आज्ञा दी, कि उनके बोरे अन्न से भरो और एक-एक जन के बोरे में उसके रुपये को भी रख दो, फिर उनको मार्ग के लिये भोजनवस्तु दो। अतः उनके साथ ऐसा ही किया गया। यह भी देखें: 1 पतरस 3:9रोमियों 12:17-21मत्ती 5:44तब वे अपना अन्न अपने गदहों पर लादकर वहाँ से चल दिए। सराय में जब एक ने अपने गदहे को चारा देने के लिये अपना बोरा खोला, तब उसका रुपया बोरे के मुँह पर रखा हुआ दिखलाई पड़ा। यह भी देखें: निर्गमन 4:24लूकस 10:34लूकस 2:7तब उसने अपने भाइयों से कहा, “मेरा रुपया तो लौटा दिया गया है, देखो, वह मेरे बोरे में है,” तब उनके जी में जी न रहा, और वे एक दूसरे की ओर भय से ताकने लगे, और बोले, “परमेश्वर ने यह हम से क्या किया है?” यह भी देखें: विलापगीत 3:37यशायाह 45:7लैव्यव्यवस्था 26:36तब वे कनान देश में अपने पिता याकूब के पास आए, और अपना सारा वृत्तान्त उसे इस प्रकार वर्णन किया: “जो पुरुष उस देश का स्वामी है, उसने हम से कठोरता के साथ बातें की, और हमको देश के भेदिए कहा। यह भी देखें: उत्पत्ति 42:7तब हमने उससे कहा, ‘हम सीधे लोग हैं, भेदिए नहीं। यह भी देखें: उत्पत्ति 42:11हम बारह भाई एक ही पिता के पुत्र हैं, एक तो जाता रहा, परन्तु छोटा इस समय कनान देश में हमारे पिता के पास है।’ तब उस पुरुष ने, जो उस देश का स्वामी है, हम से कहा, ‘इससे मालूम हो जाएगा कि तुम सीधे मनुष्य हो; तुम अपने में से एक को मेरे पास छोड़कर अपने घरवालों की भूख मिटाने के लिये कुछ ले जाओ, यह भी देखें: उत्पत्ति 42:19-20उत्पत्ति 42:15और अपने छोटे भाई को मेरे पास ले आओ। तब मुझे विश्वास हो जाएगा कि तुम भेदिए नहीं, सीधे लोग हो। फिर मैं तुम्हारे भाई को तुम्हें सौंप दूँगा, और तुम इस देश में लेन-देन कर सकोगे।’” यह भी देखें: उत्पत्ति 34:10उत्पत्ति 34:211 राजाओं 10:15यह कहकर वे अपने-अपने बोरे से अन्न निकालने लगे, तब, क्या देखा, कि एक-एक जन के रुपये की थैली उसी के बोरे में रखी है। तब रुपये की थैलियों को देखकर वे और उनका पिता बहुत डर गए। यह भी देखें: उत्पत्ति 43:21उत्पत्ति 43:12उत्पत्ति 43:15तब उनके पिता याकूब ने उनसे कहा, “मुझ को तुम ने निर्वंश कर दिया, देखो, यूसुफ नहीं रहा, और शिमोन भी नहीं आया, और अब तुम बिन्यामीन को भी ले जाना चाहते हो। ये सब विपत्तियाँ मेरे ऊपर आ पड़ी हैं।” यह भी देखें: उत्पत्ति 43:14रोमियों 8:31मत्ती 14:31रूबेन ने अपने पिता से कहा, “यदि मैं उसको तेरे पास न लाऊँ, तो मेरे दोनों पुत्रों को मार डालना; तू उसको मेरे हाथ में सौंप दे, मैं उसे तेरे पास फिर पहुँचा दूँगा।” यह भी देखें: उत्पत्ति 46:9मीका 6:7उत्पत्ति 43:9उसने कहा, “मेरा पुत्र तुम्हारे संग न जाएगा; क्योंकि उसका भाई मर गया है, और वह अब अकेला रह गया है: इसलिए जिस मार्ग से तुम जाओगे, उसमें यदि उस पर कोई विपत्ति आ पड़े, तब तो तुम्हारे कारण मैं इस बुढ़ापे की अवस्था में शोक के साथ अधोलोक में उतर जाऊँगा।” यह भी देखें: उत्पत्ति 37:35उत्पत्ति 42:4उत्पत्ति 37:33
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
इस अंश के लिए अभी कोई समीक्षित मनन नहीं।
टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)16 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
उत्पत्ति 42:1
Ver. 1. Careless. Heb. "gazing at one another," like idle people.
↑ 1उत्पत्ति 42:6
Ver. 6. To him. Conformably to the prophetic dreams. C. xxxvi .
7. 9. M. --- Joseph was like a prince or sultan, shallit, with sovereign authority. C.
↑ 6उत्पत्ति 42:8
Ver. 8. By them. Years and change of situation, had made such an alteration in him. God was pleased that Jacob should remain so long ignorant of his son's fate, that, by sorrow, he might do penance, and purify himself from every stain; and that he might not attempt to redeem Joseph, whose slavery was to be the source of so much good to his family. M. --- Joseph did not make himself known at first; in order to bring his brethren to a true sense of their duty, that they might obtain pardon for their sin. Thus pastors must sometimes treat their penitents with a degree of severity. S. Greg. hom. 22. Ezec. S. Aug. ser.
82. de Tem. W.
↑ 8उत्पत्ति 42:9
Ver. 9. You are spies. This he said by way of examining them, to see what they would answer. Ch. --- Aquila translates
"vagrants" going from place to place, as if to discover the weakest parts. Joseph was a person in authority. It was his duty to guard against invasion. He knew how his brethren had treated Sichem, and how they had behaved to himself; and though he might not suppose, that they had any evil design upon Egypt, yet he had a right to make them give an account of themselves. H. --- He wished also to extort from them a true account respecting Jacob and Benjamin. M.
↑ 9उत्पत्ति 42:15
Ver. 15. Health. This oath implies, that he is willing that even Pharao, whom he so much revered, should perish, if he did not execute what he said: (H.) or, as Pharao is now in health, so true it is you should not all depart, till your youngest brother come. C.
↑ 15उत्पत्ति 42:16
Ver. 16. Or else by the health of Pharao you are spies. That is, if these things you say be proved false, you are to be held for spies for your lying, and shall be treated as such. Joseph dealt in this manner with his brethren, to bring them by means of affliction to a sense of their former sin, and a sincere repentance for it.
↑ 16उत्पत्ति 42:18
Ver. 18. God. I shall do nothing contrary to justice or good faith, as I know I have a superior in heaven, to whom I must give an account. M.
↑ 18उत्पत्ति 42:21
Ver. 21. We deserve. Conscience upbraids. "Punishment opens the mouth, which sin had shut." S. Greg. M. --- They had sold Joseph about 22 years before! C.
↑ 21उत्पत्ति 42:22
Ver. 22. His blood. Ruben supposed his brother was dead, (v.
13,) and judging that Jacob would not let Benjamin come, he thought they must all perish. H.
↑ 22उत्पत्ति 42:23
Ver. 23. Interpreter, to keep them at a greater distance. It does not appear that the sons of Jacob were ignorant of the language of the country. C.
↑ 23उत्पत्ति 42:25
Ver. 25. Simeon. If he had joined himself to Ruben and Juda, who seemed inclined to protect Joseph, they might easily have prevented the cruel act, by overawing their younger brothers.
Hence he was most guilty. M. --- Presence. That they might learn to condole with an afflicted brother.
↑ 25उत्पत्ति 42:34
Ver. 34. And you may, &c. Joseph had said, (v. 20,) and you may not die, which they thus interpret. H.
↑ 34उत्पत्ति 42:35
Ver. 35. Astonished. One had before made the discovery, v. 28.
Now all find their purses among the corn, which renews their astonishment. C.
↑ 35उत्पत्ति 42:36
Ver. 36. Without. Through excess of grief, Jacob speaks with a degree of exaggeration; or he thought his children were now taken from him so fast, that he would soon have none left.
↑ 36उत्पत्ति 42:37
Ver. 37. Kill, &c. By this proposal, he meant to signify his utmost care and zeal to bring back young Benjamin safe to his father.
↑ 37उत्पत्ति 42:38
Ver. 38. Alone: the son of my beloved Rachel. H. --- To hell.
That is, to that place where the souls then remained, as above, chap. xxxvii. ver. 35. (Ch.) though with respect to his grey hairs, and body, it may signify the grave. H.
↑ 38लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस