
2 इतिहास · IRV-HI
2 इतिहास
24
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
जब योआश राजा हुआ, तब वह सात वर्ष का था, और यरूशलेम में चालीस वर्ष तक राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम सिब्या था, जो बेर्शेबा की थी। यह भी देखें: 1 इतिहास 3:112 राजाओं 11:21जब तक यहोयादा याजक जीवित रहा, तब तक योआश वह काम करता रहा जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है। यह भी देखें: 2 इतिहास 26:4-52 इतिहास 25:22 इतिहास 24:17-22यहोयादा ने उसके दो विवाह कराए और उससे बेटे-बेटियाँ उत्पन्न हुईं। यह भी देखें: उत्पत्ति 24:4उत्पत्ति 4:19मत्ती 19:4-8इसके बाद योआश के मन में यहोवा के भवन की मरम्मत करने की इच्छा उपजी। तब उसने याजकों और लेवियों को इकट्ठा करके कहा, “प्रतिवर्ष यहूदा के नगरों में जा जाकर सब इस्राएलियों से रुपये लिया करो जिससे तुम्हारे परमेश्वर के भवन की मरम्मत हो; देखो इस काम में फुर्ती करो।” तो भी लेवियों ने कुछ फुर्ती न की। यह भी देखें: 2 इतिहास 34:8-92 इतिहास 21:22 इतिहास 29:3तब राजा ने यहोयादा महायाजक को बुलवाकर पूछा, “क्या कारण है कि तूने लेवियों को दृढ़ आज्ञा नहीं दी कि वे यहूदा और यरूशलेम से उस चन्दे के रुपये ले आएँ जिसका नियम यहोवा के दास मूसा और इस्राएल की मण्डली ने साक्षीपत्र के तम्बू के निमित्त चलाया था।” यह भी देखें: निर्गमन 30:12-16गिनती 1:50गिनती 17:7-8उस दुष्ट स्त्री अतल्याह के बेटों ने तो परमेश्वर के भवन को तोड़ दिया था, और यहोवा के भवन की सब पवित्र की हुई वस्तुएँ बाल देवताओं के लिये प्रयोग की थीं। यह भी देखें: 2 इतिहास 21:17होशे 2:132 इतिहास 28:22-24राजा ने एक सन्दूक बनाने की आज्ञा दी और वह यहोवा के भवन के फाटक के पास बाहर रखा गया। यह भी देखें: 2 राजाओं 12:8-9मारकुस 12:41तब यहूदा और यरूशलेम में यह प्रचार किया गया कि जिस चन्दे का नियम परमेश्वर के दास मूसा ने जंगल में इस्राएल में चलाया था, उसके रुपये यहोवा के निमित्त ले आओ। यह भी देखें: 2 इतिहास 24:6मत्ती 17:24-27तो सब हाकिम और प्रजा के सब लोग आनन्दित हो रुपये लाकर जब तक चन्दा पूरा न हुआ तब तक सन्दूक में डालते गए। यह भी देखें: 2 कुरिन्थियों 8:22 कुरिन्थियों 9:7प्रेरित-चरित 2:45-47जब जब वह सन्दूक लेवियों के हाथ से राजा के प्रधानों के पास पहुँचाया जाता और यह जान पड़ता था कि उसमें रुपये बहुत हैं, तब-तब राजा के प्रधान और महायाजक के अधिकारी आकर सन्दूक को खाली करते और तब उसे फिर उसके स्थान पर रख देते थे। उन्होंने प्रतिदिन ऐसा किया और बहुत रुपये इकट्ठा किए। यह भी देखें: 1 कुरिन्थियों 16:22 राजाओं 12:10-12तब राजा और यहोयादा ने वह रुपये यहोवा के भवन में काम करनेवालों को दे दिए, और उन्होंने राजमिस्त्रियों और बढ़इयों को यहोवा के भवन के सुधारने के लिये, और लोहारों और ठठेरों को यहोवा के भवन की मरम्मत करने के लिये मजदूरी पर रखा। यह भी देखें: 2 इतिहास 34:9-111 राजाओं 5:15कारीगर काम करते गए और काम पूरा होता गया, और उन्होंने परमेश्वर का भवन जैसा का तैसा बनाकर दृढ़ कर दिया। यह भी देखें: 1 इतिहास 22:5मारकुस 13:1-2नहेम्याह 4:7जब उन्होंने वह काम पूरा कर लिया, तब वे शेष रुपये राजा और यहोयादा के पास ले गए, और उनसे यहोवा के भवन के लिये पात्र बनाए गए, अर्थात् सेवा टहल करने और होमबलि चढ़ाने के पात्र और धूपदान आदि सोने चाँदी के पात्र। जब तक यहोयादा जीवित रहा, तब तक यहोवा के भवन में होमबलि नित्य चढ़ाए जाते थे। यह भी देखें: 1 राजाओं 7:50नीतिवचन 27:22गिनती 28:2-29परन्तु यहोयादा बूढ़ा हो गया और दीर्घायु होकर मर गया। जब वह मर गया तब एक सौ तीस वर्ष का था। यह भी देखें: 1 इतिहास 23:1उत्पत्ति 15:15उत्पत्ति 47:9और दाऊदपुर में राजाओं के बीच उसको मिट्टी दी गई, क्योंकि उसने इस्राएल में और परमेश्वर के और उसके भवन के विषय में भला किया था। यह भी देखें: इब्रानियों 6:102 इतिहास 31:20नहेम्याह 13:14यहोयादा के मरने के बाद यहूदा के हाकिमों ने राजा के पास जाकर उसे दण्डवत् की, और राजा ने उनकी मानी। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 31:272 इतिहास 22:3-4दानिय्येल 11:32तब वे अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा का भवन छोड़कर अशेरों और मूरतों की उपासना करने लगे। अतः उनके ऐसे दोषी होने के कारण परमेश्वर का क्रोध यहूदा और यरूशलेम पर भड़का। यह भी देखें: यहोशू 22:20इफिसियों 5:62 इतिहास 19:2तो भी उसने उनके पास नबी भेजे कि उनको यहोवा के पास फेर लाएँ; और इन्होंने उन्हें चिता दिया, परन्तु उन्होंने कान न लगाया। यह भी देखें: यिर्मयाह 26:5मत्ती 13:9यशायाह 51:4तब परमेश्वर का आत्मा यहोयादा याजक के पुत्र जकर्याह में समा गया, और वह ऊँचे स्थान पर खड़ा होकर लोगों से कहने लगा, “परमेश्वर यह कहता है, कि तुम यहोवा की आज्ञाओं को क्यों टालते हो? ऐसा करके तुम्हारा भला नहीं हो सकता। देखो, तुम ने तो यहोवा को त्याग दिया है, इस कारण उसने भी तुम को त्याग दिया।” यह भी देखें: गिनती 14:41यिर्मयाह 5:252 इतिहास 15:1-2तब लोगों ने उसके विरुद्ध द्रोह की बात करके, राजा की आज्ञा से यहोवा के भवन के आँगन में उस पर पथराव किया। यह भी देखें: प्रेरित-चरित 7:58-59नहेम्याह 9:26मत्ती 23:34-37इस प्रकार राजा योआश ने वह प्रीति भूलकर जो यहोयादा ने उससे की थी, उसके पुत्र को घात किया। मरते समय उसने कहा, “यहोवा इस पर दृष्टि करके इसका लेखा ले।” यह भी देखें: उत्पत्ति 9:5लूकस 11:51प्रकाशितवाक्य 6:9-11नये वर्ष के लगते अरामियों की सेना ने उस पर चढ़ाई की, और यहूदा और यरूशलेम आकर प्रजा में से सब हाकिमों को नाश किया और उनका सब धन लूटकर दमिश्क के राजा के पास भेजा। यह भी देखें: 2 राजाओं 12:17-182 इतिहास 24:17-18व्यवस्थाविवरण 32:35अरामियों की सेना थोड़े ही सैनिकों के साथ तो आई, परन्तु यहोवा ने एक बहुत बड़ी सेना उनके हाथ कर दी, क्योंकि उन्होंने अपने पितरों के परमेश्वर को त्याग दिया था। इस प्रकार योआश को भी उन्होंने दण्ड दिया। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 26:82 इतिहास 22:8लैव्यव्यवस्था 26:25जब वे उसे बहुत ही घायल अवस्था में छोड़ गए, तब उसके कर्मचारियों ने यहोयादा याजक के पुत्रों के खून के कारण उससे द्रोह की बात करके, उसे उसके बिछौने पर ही ऐसा मारा, कि वह मर गया; और उन्होंने उसको दाऊदपुर में मिट्टी दी, परन्तु राजाओं के कब्रिस्तान में नहीं। यह भी देखें: 2 इतिहास 24:21-222 इतिहास 28:27प्रकाशितवाक्य 16:6जिन्होंने उससे राजद्रोह की गोष्ठी की, वे ये थे, अर्थात् अम्मोनिन शिमात का पुत्र जाबाद, और शिम्रित मोआबिन का पुत्र यहोजाबाद। यह भी देखें: 2 राजाओं 12:21उसके बेटों के विषय और उसके विरुद्ध, जो बड़े दण्ड की नबूवत हुई, उसके और परमेश्वर के भवन के बनने के विषय ये सब बातें राजाओं के वृत्तान्त की पुस्तक में लिखी हैं। तब उसका पुत्र अमस्याह उसके स्थान पर राजा हुआ। यह भी देखें: 2 राजाओं 12:182 राजाओं 12:212 इतिहास 13:22
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मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)18 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
2 इतिहास 24:3
Ver. 3. Him. Joas, as Prot. (H.) and most interpreters understand it, with the Syr. &c. Joiada was too old to think of marrying again, as the Rabbins would explain the Heb. conformably to the Sept. and Arab. "himself." C. --- Joas did not probably marry two at once. Salien, A. 3766. ---
Amasias was born of Joadan. C. xxv. 1. M. --- The high priest considered Joas as his son, being married to his aunt. H.
↑ 32 इतिहास 24:5
Ver. 5. Money. The half sicle, (Ex. xxx. 13. 4 K. xii. 4. C.) which at first was required for the tabernacle, and afterwards for the repairs of the temple. W.
↑ 52 इतिहास 24:6
Ver. 6. Chief "priest," (v. 11,) where he is called the first. Heb. "the head priest."
↑ 62 इतिहास 24:7
Ver. 7. Children. All but Ochozias had been slain by the Arabs. The plural is often put for the singular. S. Jerom (Trad.) explains it of the priests of the idols, whom Athalia cherished as her own offspring.
↑ 72 इतिहास 24:10
Ver. 10. That, &c. Heb. "till it was done," according to the law. Pagnin.
↑ 102 इतिहास 24:11
Ver. 11. From day. Lit. "every day," (H.) when the chest was replenished. M.
↑ 112 इतिहास 24:14
Ver. 14. And for. Heb. "and to offer," such as (H.) "mortars." Prov. xxvii. 22. Eali is thus translated. C. --- Prot. "and spoons and vessels."
↑ 142 इतिहास 24:16
Ver. 16. Israel, particularly to those of the kingdom of Juda. H. --- His, David's, house, (M.) as he had restored the crown to his offspring.
↑ 162 इतिहास 24:17
Ver. 17. Worshipped. Heb. "bowed down to the king, and he hearkened to them." H. --- The Jews say that the princes flattered him with the title of god, as he had been educated in the temple. E. --- But this is improbable. C. --- They petitioned for leave to re-establish the worship of Baal, (M.) and paid greater honours to the king than were becoming. D.
↑ 172 इतिहास 24:18
Ver. 18. Idols. Heb. "sorrows." Sept. "the Astartes and idols." C.
↑ 182 इतिहास 24:19
Ver. 19. Them. Calling heaven and earth to witness (C.) the unity of God. H. ---
These prophets might have been performing their sacred commission ever since the reign of Josaphat; during which time Eliseus, Micheas, Jehu, and others, lived. C. xx. 14. and xviii. 27. C.
↑ 192 इतिहास 24:20
Ver. 20. Priest, refers to Zacharias. Sept. "Azarias." H. --- It is not certain whether this was the person whom Jesus Christ speaks, (Mat. xxiii. 35. C.) as S. Jerom believes; (ib.) or our Saviour alludes to one of the minor prophets, (T.) or to the father of the baptist. Baronius. H. --- Sight.
Heb. "above," perhaps on the steps between the two courts. C. --- To make.
Heb. "therefore hath he forsaken you."
↑ 202 इतिहास 24:22
Ver. 22. Require it. I commit my cause into his hands. M. --- The vengeance of the Lord was not slack. H.
Raro antecedentem scelestum
Deseruit pede pœna claudo. Horace.
↑ 222 इतिहास 24:23
Ver. 23. Damascus. Hazael had before invaded Jerusalem. 4 K. xii. 17. The Syrian army, which routed Juda, was comparatively small. C. --- The idolatrous princes now received the due punishment of their crimes, v. 17.
↑ 232 इतिहास 24:24
Ver. 24. Shameful, is not expressed in Heb. But the putting a king to the torture, (v. 25.) and upbraiding him with his ingratitude and perfidy, was a gread indignity. H. --- He had probably entered into engagements with Hazael, when he prevailed on him to depart, the year before. C.
--- Nabuchodonosor treated Sedecias in like manner. 4 K. xxv. 6. The author of the Heb. Trad.
among the works of S. Jerom, (H.) asserts that the children of Joas were slain before his eyes, while the Syrians reproached him for the unjust murder of Zacharias. C.
↑ 242 इतिहास 24:25
Ver. 25. Servants. By whom the man is slain, who had murdered his spiritual father. W. --- Son.
Heb. "sons." See v. 7. Some think that the brothers of Zacharias were slain, that they might not attempt to revenge his death. --- Kings. These sepulchres are amazingly beautiful and spacious.
The doors are six feet high, and formed, like the rest, of solid stone, cut in the most elegant manner. Doubdan 26. C.
↑ 252 इतिहास 24:26
Ver. 26. Moabitess. Sept. read, "the Ammonite....and Moabite." See 4 K. xii. 21.
H.
↑ 262 इतिहास 24:27
Ver. 27. And. Sept. "And all his sons: for five came upon him," with the rest of the conspirators.
H. --- They have read differently. C. --- Sum. Heb. "the greatness of the burden on him," (H.) imposed by the Syrians, (v. 24) or denounced by the prophets.
Mossa is often taken for a prophetic menace. C. --- More. Heb. "in the researches." Prot. "story of the book." Addo entitled his book Modross. C. xxii.
22. H. --- Only some extracts from these works have come down to us. Esdras had them before him. The abridgments have occasioned their loss, as has been the case with many other excellent works. This was the more easy, as writing was not then so common. C.
↑ 27लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस