AI-generated illustration: a shepherd carries a lamb along a straight road through the wilderness at sunrise as a prophet calls out comfort. Classical sacred-art style.
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यशायाह

40
बाइबल पाठ

कृत्रिम आवाज़ (AI)

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तुम्हारा परमेश्वर यह कहता है, मेरी प्रजा को शान्ति दो, शान्ति दो! (भज. 85:8, 2 कुरि. 1:4) यह भी देखें: 2 कुरिन्थियों 1:4यशायाह 51:12यशायाह 51:3यरूशलेम से शान्ति की बातें कहो; और उससे पुकारकर कहो कि तेरी कठिन सेवा पूरी हुई है, तेरे अधर्म का दण्ड अंगीकार किया गया है: यहोवा के हाथ से तू अपने सब पापों का दूना दण्ड पा चुका है। (प्रका. 1:5) यह भी देखें: जकर्याह 9:12यशायाह 61:7होशे 2:14किसी की पुकार सुनाई देती है, “जंगल में यहोवा का मार्ग सुधारो, हमारे परमेश्वर के लिये अराबा में एक राजमार्ग चौरस करो। (मत्ती 3:3, मर. 1:3, मला. 3:1, यूह. 1:23) यह भी देखें: मलाकी 3:1मारकुस 1:2-5योहन 1:23हर एक तराई भर दी जाए और हर एक पहाड़ और पहाड़ी गिरा दी जाए; जो टेढ़ा है वह सीधा और जो ऊँचा नीचा है वह चौरस किया जाए। यह भी देखें: लूकस 3:5यहेजकेल 21:26लूकस 18:14तब यहोवा का तेज प्रगट होगा और सब प्राणी उसको एक संग देखेंगे; क्योंकि यहोवा ने आप ही ऐसा कहा है।” (भज. 72:19, लूका 3:6) यह भी देखें: हबक्कूक 2:14यशायाह 52:10योएल 2:28बोलनेवाले का वचन सुनाई दिया, “प्रचार कर!” मैंने कहा, “मैं क्या प्रचार करूँ?” सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 103:15-161 पतरस 1:24-25याकूब 1:10-11जब यहोवा की साँस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; निःसन्देह प्रजा घास है। (याकू. 1:10,11) यह भी देखें: अय्यूब 41:21घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा। (1 पत. 1:24,25) यह भी देखें: मारकुस 13:31मत्ती 24:351 पतरस 1:25हे सिय्योन को शुभ समाचार सुनानेवाली, ऊँचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनानेवाली, बहुत ऊँचे शब्द से सुना, ऊँचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, “अपने परमेश्वर को देखो!” (यशा. 52:7,8) यह भी देखें: यशायाह 52:7-8इफिसियों 6:19यशायाह 12:2देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ्य दिखाता हुआ आ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है। (प्रका. 22:7-12) यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 22:12प्रकाशितवाक्य 17:14यशायाह 62:11वह चरवाहे के समान अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अँकवार में लिए रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा। (यहे. 34:23, मीका 5:4) यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 7:17स्तोत्र ग्रन्थ 23:1-6मीका 5:4किसने महासागर को चुल्लू से मापा और किसके बित्ते से आकाश का नाप हुआ, किसने पृथ्वी की मिट्टी को नपुए में भरा और पहाड़ों को तराजू में और पहाड़ियों को काँटे में तौला है? यह भी देखें: नीतिवचन 30:4इब्रानियों 1:10-12स्तोत्र ग्रन्थ 102:25-26किसने यहोवा की आत्मा को मार्ग बताया या उसका सलाहकार होकर उसको ज्ञान सिखाया है? (1 कुरि. 2:16) यह भी देखें: 1 कुरिन्थियों 2:16रोमियों 11:34अय्यूब 21:22उसने किस से सम्मति ली और किसने उसे समझाकर न्याय का पथ बता दिया और ज्ञान सिखाकर बुद्धि का मार्ग जता दिया है? (रोम. 11:34,35) यह भी देखें: अय्यूब 21:22कुलुस्सियों 2:31 कुरिन्थियों 12:4-6देखो, जातियाँ तो डोल की एक बूँद या पलड़ों पर की धूल के तुल्य ठहरीं; देखो, वह द्वीपों को धूल के किनकों सरीखे उठाता है। यह भी देखें: यशायाह 40:22यिर्मयाह 10:10अय्यूब 34:14-15लबानोन भी ईंधन के लिये थोड़ा होगा और उसमें के जीव-जन्तु होमबलि के लिये बस न होंगे। यह भी देखें: मीका 6:6-7स्तोत्र ग्रन्थ 40:6स्तोत्र ग्रन्थ 50:9-12सारी जातियाँ उसके सामने कुछ नहीं हैं, वे उसकी दृष्टि में लेश और शून्य से भी घट ठहरीं हैं। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 62:9दानिय्येल 4:34-35यशायाह 29:7तुम परमेश्वर को किसके समान बताओगे और उसकी उपमा किस से दोगे? यह भी देखें: यशायाह 46:51 शमूएल 2:2यशायाह 40:25मूरत! कारीगर ढालता है, सुनार उसको सोने से मढ़ता और उसके लिये चाँदी की साँकलें ढालकर बनाता है। यह भी देखें: यिर्मयाह 10:9यशायाह 46:6-7हबक्कूक 2:18-19जो कंगाल इतना अर्पण नहीं कर सकता, वह ऐसा वृक्ष चुन लेता है जो न घुने; तब एक निपुण कारीगर ढूँढ़कर मूरत खुदवाता और उसे ऐसा स्थिर कराता है कि वह हिल न सके। (प्रेरि. 17:29) यह भी देखें: यिर्मयाह 10:3-4यशायाह 46:7यशायाह 41:7क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? क्या तुम को आरम्भ ही से नहीं बताया गया? क्या तुम ने पृथ्वी की नींव पड़ने के समय ही से विचार नहीं किया? यह भी देखें: यशायाह 48:13रोमियों 1:19-21यशायाह 46:8यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहनेवाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल के समान फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है; यह भी देखें: नीतिवचन 8:27स्तोत्र ग्रन्थ 104:2यशायाह 42:5जो बड़े-बड़े हाकिमों को तुच्छ कर देता है, और पृथ्वी के अधिकारियों को शून्य के समान कर देता है। यह भी देखें: अय्यूब 12:21स्तोत्र ग्रन्थ 107:40यशायाह 34:12वे रोपे ही जाते, वे बोए ही जाते, उनके ठूँठ भूमि में जड़ ही पकड़ पाते कि वह उन पर पवन बहाता और वे सूख जाते, और आँधी उन्हें भूसे के समान उड़ा ले जाती है। यह भी देखें: यशायाह 41:16हाग्गै 1:9यशायाह 17:13इसलिए तुम मुझे किसके समान बताओगे कि मैं उसके तुल्य ठहरूँ? उस पवित्र का यही वचन है। यह भी देखें: यशायाह 40:18व्यवस्थाविवरण 4:33व्यवस्थाविवरण 4:15-18अपनी आँखें ऊपर उठाकर देखो, किसने इनको सिरजा? वह इन गणों को गिन-गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले लेकर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बलवन्त है कि उनमें से कोई बिना आए नहीं रहता। यह भी देखें: कुलुस्सियों 1:16-17यिर्मयाह 32:17-19यशायाह 48:13हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, “मेरा मार्ग यहोवा से छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता?” यह भी देखें: यशायाह 49:4लूकस 18:7-8यशायाह 49:14क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सृजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है। यह भी देखें: रोमियों 11:33-34स्तोत्र ग्रन्थ 147:51 तीमुथियुस 1:17वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ्य देता है। यह भी देखें: यशायाह 41:10फिलिप्पियों 4:132 कुरिन्थियों 12:9-10तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; यह भी देखें: आमोस 2:14स्तोत्र ग्रन्थ 34:10स्तोत्र ग्रन्थ 33:16परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएँगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। यह भी देखें: विलापगीत 3:25-262 कुरिन्थियों 4:16स्तोत्र ग्रन्थ 27:13-14

यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।

टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)20 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।

ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता

यशायाह 40:1

Ver. 1. Be. Sept. "comfort my people." Let them not be dejected. H. --- The end of the captivity, and still more the coming of the Messias, afford consolation, (C.) and to this the prophet chiefly alludes. W.

↑ 1

यशायाह 40:2

Ver. 2. Evil. Heb. and some Latin copies have, "warfare." --- Double. A rigorous chastisement.

Apoc. xviii. 6. C.

↑ 2

यशायाह 40:3

Ver. 3. God, that he may conduct his people from Babylon. Sanchez. --- Yet the prophet speaks chiefly of the baptist, (Mat. iii. 3. C.) who is evidently foretold.

W.

↑ 3

यशायाह 40:4

Ver. 4. Plain. For the captives, or the conversion of the world. Bar. v. 6.

↑ 4

यशायाह 40:5

Ver. 5. Glory. God will rescue his people. Christ will redeem mankind.

↑ 5

यशायाह 40:6

Ver. 6. Field. On the downfall of the empire of Babylon, the Jews were liberated.

↑ 6

यशायाह 40:9

Ver. 9. Thou, female. How beautiful are the feet of those who announce good tidings! Rom. x.

15. H. --- Thus a feminine noun is applied to Solomon. Eccle. i. Prophets make known to all the coming of the Saviour. C. --- Christ preaches from the mountain, and his apostles over the world.

W.

↑ 9

यशायाह 40:10

Ver. 10. Him. Christ will reward and punish. Jer. xxxi. 16. Lu. ii. 34.

↑ 10

यशायाह 40:11

Ver. 11. Young, or have lately had young lambs, fœtas. Jesus is the good shepherd. Jo. x. 14.

↑ 11

यशायाह 40:12

Ver. 12. Who. He now proceeds to shew the difference between God and idols.

--- Fingers, is not expressed in Heb. which may denote the epha. Ps. lxxix. 6. C.

--- God's power and goodness in the works of the creation, shew what he will do for man. W.

↑ 12

यशायाह 40:15

Ver. 15. Dust. Heb. caddak, (H.) "as dok fallen." Sym. --- It may signify an atom.

S. Jer. --- If all nations be only like a drop, what portion of it do I occupy? C. v.

17.

↑ 15

यशायाह 40:18

यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।

Ver. 18. Image. Catholics never pretend to represent the Deity, when they depict the Father as a venerable old man, &c. The do not adore pictures, as our adversaries would insinuate. If we were disposed to cavil, we might bring the same charge against them. For a few weeks ago, "a beautiful altar-piece, painted and presented by the lady of major general Cheney, was put in Horn-sea church, representing Christ blessing the bread and wine." But Protestants can confine such things to their proper use, and Catholic must adore them. H.

--- "Such things the Jew, Apella, may believe: not I." Horace.

↑ 18

यशायाह 40:19

Ver. 19. Silver. Is God like these idols? H. --- Who knows not that the workman is better than they are? Wis. xiii. 11. C.

↑ 19

यशायाह 40:20

Ver. 20. Wood. Heb. hamsuccan, (H.) which Sept. Chal. and S. Jerom explain of a sort of wood used for idols. Moderns take it to be "a rich," or rather "a poor man. He who is mean in his offering, chooses wood that," &c. C. Prot.

↑ 20

यशायाह 40:21

Ver. 21. Beginning, by the light of nature, and (W.) has not Moses declared that God alone created the world? H. --- His power and goodness herein convince us that he will not deny grace.

W.

↑ 21

यशायाह 40:22

Ver. 22. Locusts, compared with the greatest animals. --- Nothing. Heb. "a curtain." Sept. Syr.

"vault, (C.) or chamber," kamaran.

↑ 22

यशायाह 40:23

Ver. 23. Searchers. Heb. "princes to nothing." Prot. H. --- Philosophers know nothing independently of God, nor can they subsist without him. W.

↑ 23

यशायाह 40:26

Ver. 26. Host of heaven, the stars, &c. Gen. ii. 1. Ps. cxlvi. 4.

↑ 26

यशायाह 40:27

Ver. 27. Judgment, or conduct, (Gen. xl. 13. C.) as if God minded not our affairs.

↑ 27

यशायाह 40:31

Ver. 31. Eagles, who grow young, when they get new feathers. Ps. cii. 5. S. Jer.

--- In this and the following 26 chapters the prophet chiefly comforts his people, as he had rebuked them for their crimes in the first part. W.

↑ 31

लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस

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