AI-generated illustration: a stony desert path leading toward mountains under clouds pierced by sunbeams.
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यिर्मयाह

16
बाइबल पाठ

कृत्रिम आवाज़ (AI)

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यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा, यह भी देखें: यिर्मयाह 1:4यिर्मयाह 1:2यिर्मयाह 2:1“इस स्थान में विवाह करके बेटे-बेटियाँ मत जन्मा। यह भी देखें: लूकस 23:29उत्पत्ति 19:14लूकस 21:23क्योंकि जो बेटे-बेटियाँ इस स्थान में उत्पन्न हों और जो माताएँ उन्हें जनें और जो पिता उन्हें इस देश में जन्माएँ, यह भी देखें: यिर्मयाह 16:9यिर्मयाह 6:21यिर्मयाह 16:5उनके विषय यहोवा यह कहता है, वे बुरी-बुरी बीमारियों से मरेंगे। उनके लिये कोई छाती न पीटेगा, न उनको मिट्टी देगा; वे भूमि के ऊपर खाद के समान पड़े रहेंगे। वे तलवार और अकाल से मर मिटेंगे, और उनकी लोथें आकाश के पक्षियों और मैदान के पशुओं का आहार होंगी। यह भी देखें: यिर्मयाह 25:33स्तोत्र ग्रन्थ 83:10यिर्मयाह 9:22“यहोवा ने कहा: जिस घर में रोना पीटना हो उसमें न जाना, न छाती पीटने के लिये कहीं जाना और न इन लोगों के लिये शोक करना; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है कि मैंने अपनी शान्ति और करुणा और दया इन लोगों पर से उठा ली है। यह भी देखें: यहेजकेल 24:16-23यशायाह 27:11यिर्मयाह 15:1-4इस कारण इस देश के छोटे-बड़े सब मरेंगे, न तो इनको मिट्टी दी जाएगी, न लोग छाती पीटेंगे, न अपना शरीर चीरेंगे, और न सिर मुँड़ाएँगे। इनके लिये कोई शोक करनेवालों को रोटी न बाटेंगे कि शोक में उन्हें शान्ति दें; यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 14:1यिर्मयाह 41:5यिर्मयाह 47:5और न लोग पिता या माता के मरने पर किसी को शान्ति के लिये कटोरे में दाखमधु पिलाएँगे। यह भी देखें: होशे 9:4यहेजकेल 24:17व्यवस्थाविवरण 26:14तू भोज के घर में इनके साथ खाने-पीने के लिये न जाना। यह भी देखें: सभोपदेशक 7:2-4यिर्मयाह 15:17यशायाह 22:12-14क्योंकि सेनाओं का यहोवा, इस्राएल का परमेश्वर यह कहता है: देख, तुम लोगों के देखते और तुम्हारे ही दिनों में मैं ऐसा करूँगा कि इस स्थान में न तो हर्ष और न आनन्द का शब्द सुनाई पड़ेगा, न दुल्हे और न दुल्हन का शब्द। (प्रका. 18:23) यह भी देखें: होशे 2:11यहेजकेल 26:13यिर्मयाह 7:34“जब तू इन लोगों से ये सब बातें कहे, और वे तुझ से पूछें कि ‘यहोवा ने हमारे ऊपर यह सारी बड़ी विपत्ति डालने के लिये क्यों कहा है? हमारा अधर्म क्या है और हमने अपने परमेश्वर यहोवा के विरुद्ध कौन सा पाप किया है?’ यह भी देखें: यिर्मयाह 5:191 राजाओं 9:8-9यिर्मयाह 13:22तो तू इन लोगों से कहना, ‘यहोवा की यह वाणी है, क्योंकि तुम्हारे पुरखा मुझे त्याग कर दूसरे देवताओं के पीछे चले, और उनकी उपासना करके उनको दण्डवत् की, और मुझ को त्याग दिया और मेरी व्यवस्था का पालन नहीं किया, यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 106:35-41यिर्मयाह 8:2नहेम्याह 9:26-29और जितनी बुराई तुम्हारे पुरखाओं ने की थी, उससे भी अधिक तुम करते हो, क्योंकि तुम अपने बुरे मन के हठ पर चलते हो और मेरी नहीं सुनते; यह भी देखें: यिर्मयाह 13:10यिर्मयाह 7:26सभोपदेशक 9:3इस कारण मैं तुम को इस देश से उखाड़कर ऐसे देश में फेंक दूँगा, जिसको न तो तुम जानते हो और न तुम्हारे पुरखा जानते थे; और वहाँ तुम रात-दिन दूसरे देवताओं की उपासना करते रहोगे, क्योंकि वहाँ मैं तुम पर कुछ अनुग्रह न करूँगा।’” यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 28:36व्यवस्थाविवरण 4:26-28यिर्मयाह 15:14फिर यहोवा की यह वाणी हुई, “देखो, ऐसे दिन आनेवाले हैं जिनमें फिर यह न कहा जाएगा, ‘यहोवा जो इस्राएलियों को मिस्र देश से छुड़ा ले आया उसके जीवन की सौगन्ध,’ यह भी देखें: यिर्मयाह 23:7-8व्यवस्थाविवरण 15:15निर्गमन 20:2वरन् यह कहा जाएगा, ‘यहोवा जो इस्राएलियों को उत्तर के देश से और उन सब देशों से जहाँ उसने उनको बँधुआ कर दिया था छुड़ा ले आया, उसके जीवन की सौगन्ध।’ क्योंकि मैं उनको उनके निज देश में जो मैंने उनके पूर्वजों को दिया था, लौटा ले आऊँगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 3:18यिर्मयाह 24:6यिर्मयाह 32:37“देखो, यहोवा की यह वाणी है कि मैं बहुत से मछुओं को बुलवा भेजूँगा कि वे इन लोगों को पकड़ लें, और, फिर मैं बहुत से बहेलियों को बुलवा भेजूँगा कि वे इनको अहेर करके सब पहाड़ों और पहाड़ियों पर से और चट्टानों की दरारों में से निकालें। यह भी देखें: हबक्कूक 1:14-15आमोस 4:2मीका 7:2क्योंकि उनका पूरा चाल-चलन मेरी आँखों के सामने प्रगट है; वह मेरी दृष्टि से छिपा नहीं है, न उनका अधर्म मेरी आँखों से गुप्त है। इसलिए मैं उनके अधर्म और पाप का दूना दण्ड दूँगा, यह भी देखें: नीतिवचन 15:3नीतिवचन 5:21यिर्मयाह 23:24क्योंकि उन्होंने मेरे देश को अपनी घृणित वस्तुओं की लोथों से अशुद्ध किया, और मेरे निज भाग को अपनी अशुद्धता से भर दिया है।” यह भी देखें: यशायाह 40:2गिनती 35:33-34प्रकाशितवाक्य 18:6हे यहोवा, हे मेरे बल और दृढ़ गढ़, संकट के समय मेरे शरणस्थान, जाति-जाति के लोग पृथ्वी की चारों ओर से तेरे पास आकर कहेंगे, “निश्चय हमारे पुरखा झूठी, व्यर्थ और निष्फल वस्तुओं को अपनाते आए हैं। (रोम. 1:25) यह भी देखें: यशायाह 25:4नहूम 1:7यिर्मयाह 17:17क्या मनुष्य ईश्वरों को बनाए? नहीं, वे ईश्वर नहीं हो सकते!” यह भी देखें: यशायाह 37:19स्तोत्र ग्रन्थ 115:4-8गलातियों 4:8“इस कारण, इस एक बार, मैं इन लोगों को अपना भुजबल और पराक्रम दिखाऊँगा, और वे जानेंगे कि मेरा नाम यहोवा है।” यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 9:16यिर्मयाह 33:2स्तोत्र ग्रन्थ 83:18

यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।

टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)14 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।

ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता

यिर्मयाह 16:2

Ver. 2. Place. It was going to be destroyed, and the cares of a family might interrupt the prophet.

The Fathers believe that Jeremias never married, (see S. Jer. in C. xxii. Isidor.) which was then a rare example. C. --- He always lived a single life, and not only in time of tribulation. S. Jer. c.

Jov. 1. W. --- The Church enforces this law of God for her sacred ministers, in subdeacons and the higher orders. S. Paul shews the propriety of such a regulation, (1 Cor. vii.) which innovators deem unnatural and tyrannical. How then could God enforce it once? With his grace we may observe celibacy like Jeremias. H.

↑ 2

यिर्मयाह 16:4

Ver. 4. Illnesses, denoting God's wrath. S. Jer. --- Earth. The privation of sepulture was accounted one of the greatest evils.

↑ 4

यिर्मयाह 16:5

Ver. 5. Feasting: usual at burials for all relations. C. --- This custom reduced many to poverty.

Jos. Bel. ii. 1. ---

Sed cænam funerishæres

Negliget iratus quod rem curtaverit. Pers. vi.

--- Mourn, if thou shouldst meet a funeral. Lu. vii. 32.

↑ 5

यिर्मयाह 16:6

Ver. 6. Cut. Moses prohibited this being done in honour of Adonis. Lev. xix. 27.

Deut. xiv. 1.

Ezec. xxvii. 31. "The custom of cutting the arms and hair still subsists in Judea," says S. Jerom; and in other countries. Plut. Herodot. iv. 71.

↑ 6

यिर्मयाह 16:7

Ver. 7. Cup. Most exquisite things were sent on such occasions. Buxtorf, Syn.

xxxv. Prov. xxxi.

6. Tob. iv. 18. John xi. 19.

↑ 7

यिर्मयाह 16:8

Ver. 8. Feasting. Heb. "of drinking," in times of joy.

↑ 8

यिर्मयाह 16:12

Ver. 12. Fathers. Hence you are justly partakers of their punishment. Mat. xxiii.

32. C. --- A continuance in sin brings on severe punishments; after which, God again shews mercy. W.

↑ 12

यिर्मयाह 16:13

Ver. 13. Gods. Elohim, "masters," &c. C. xvii. 4. Chal. "idolatrous nations."

↑ 13

यिर्मयाह 16:15

Ver. 15. Fathers. He joins consolation with distressing predictions, and alludes to the redemption of mankind, of which the return of the Jews was the most striking pledge.

↑ 15

यिर्मयाह 16:16

Ver. 16. Rocks. They shall be found in all their lurking places. Ezec. xii. 12. Hab.

i. 4. C. ---

The apostles shall save them. Orig. --- The Medes and Persians shall grant them liberty; or rather Nabuchodonosor shall fish at first, and afterwards hunt or destroy more of the Jews. C. ---

Apostolical men (W.) shall be like rocks, (S. Jer.) for the protection of their hearers.

↑ 16

यिर्मयाह 16:18

Ver. 18. Double: enormous. H. C. xvii. 18. --- I will punish them doubly. ---

Carcasses. So he styles the victims, or idols, the representations of dead men.

↑ 18

यिर्मयाह 16:19

Ver. 19. Them. After the captivity many were converted. Esth. viii. and 1 Esd. vi.

21. Edom was forced to receive circumcision. But this was nothing in comparison with the crowds which embraced the gospel.

↑ 19

यिर्मयाह 16:20

Ver. 20. Make gods. This consideration alone suffices to shew their absurdity.

C. --- "Man must now be merciful to god!" Tert. Apol. --- No one can make even a man, much less a god. S. Jer.

W.

↑ 20

यिर्मयाह 16:21

Ver. 21. Power, in taking vengeance on idolatry. --- Lord. "He who is;" (C.) Jehova. H.

↑ 21

लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस

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