
यहेजकेल · IRV-HI
यहेजकेल
24
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
नवें वर्ष के दसवें महीने के दसवें दिन को, यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा: यह भी देखें: यहेजकेल 8:1यहेजकेल 20:1यहेजकेल 26:1“हे मनुष्य के सन्तान, आज का दिन लिख ले, क्योंकि आज ही के दिन बाबेल के राजा ने यरूशलेम आ घेरा है। यह भी देखें: यिर्मयाह 52:4यिर्मयाह 39:12 राजाओं 25:1इस विद्रोही घराने से यह दृष्टान्त कह, प्रभु यहोवा कहता है, हण्डे को आग पर रख दो; उसे रखकर उसमें पानी डाल दो; यह भी देखें: यहेजकेल 20:49यहेजकेल 11:3यहेजकेल 17:2तब उसमें जाँघ, कंधा और सब अच्छे-अच्छे टुकड़े बटोरकर रखो; और उसे उत्तम-उत्तम हड्डियों से भर दो। यह भी देखें: मीका 3:2-3मत्ती 7:2यहेजकेल 22:18-22झुण्ड में से सबसे अच्छे पशु लेकर उन हड्डियों को हण्डे के नीचे ढेर करो; और उनको भली भाँति पकाओ ताकि भीतर ही हड्डियाँ भी पक जाएँ। यह भी देखें: यिर्मयाह 52:24-27यिर्मयाह 52:10यिर्मयाह 39:6“इसलिए प्रभु यहोवा यह कहता है: हाय, उस हत्यारी नगरी पर! हाय उस हण्डे पर! जिसका मोर्चा उसमें बना है और छूटा नहीं; उसमें से टुकड़ा-टुकड़ा करके निकाल लो, उस पर चिट्ठी न डाली जाए। यह भी देखें: यहेजकेल 22:2नहूम 3:1यहेजकेल 22:27क्योंकि उस नगरी में किया हुआ खून उसमें है; उसने उसे भूमि पर डालकर धूलि से नहीं ढाँपा, परन्तु नंगी चट्टान पर रख दिया। (प्रका. 18:24) यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 17:13व्यवस्थाविवरण 12:16यशायाह 26:21इसलिए मैंने भी उसका खून नंगी चट्टान पर रखा है कि वह ढँप न सके और कि बदला लेने को जलजलाहट भड़के। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 32:21-22प्रकाशितवाक्य 18:16यहेजकेल 16:37-38प्रभु यहोवा यह कहता है: हाय, उस खूनी नगरी पर! मैं भी ढेर को बड़ा करूँगा। यह भी देखें: हबक्कूक 2:12यहेजकेल 24:62 थिस्सलुनीकियों 1:8और अधिक लकड़ी डाल, आग को बहुत तेज कर, माँस को भली भाँति पका और मसाला मिला, और हड्डियाँ भी जला दो। यह भी देखें: विलापगीत 2:16यिर्मयाह 20:5यिर्मयाह 17:3तब हण्डे को छूछा करके अंगारों पर रख जिससे वह गर्म हो और उसका पीतल जले और उसमें का मैल गले, और उसका जंग नष्ट हो जाए। यह भी देखें: यिर्मयाह 21:10यशायाह 1:25मलाकी 4:1मैं उसके कारण परिश्रम करते-करते थक गया, परन्तु उसका भारी जंग उससे छूटता नहीं, उसका जंग आग के द्वारा भी नहीं छूटता। यह भी देखें: यिर्मयाह 9:5यिर्मयाह 5:3हबक्कूक 2:13हे नगरी तेरी अशुद्धता महापाप की है। मैं तो तुझे शुद्ध करना चाहता था, परन्तु तू शुद्ध नहीं हुई, इस कारण जब तक मैं अपनी जलजलाहट तुझ पर शान्त न कर लूँ, तब तक तू फिर शुद्ध न की जाएगी। यह भी देखें: यहेजकेल 22:24यहेजकेल 5:13यहेजकेल 16:42मुझ यहोवा ही ने यह कहा है; और वह हो जाएगा, मैं ऐसा ही करूँगा, मैं तुझे न छोड़ूँगा, न तुझ पर तरस खाऊँगा, न पछताऊँगा; तेरे चाल चलन और कामों ही के अनुसार तेरा न्याय किया जाएगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।” यह भी देखें: मत्ती 16:27यशायाह 3:11यहेजकेल 18:30यहोवा का यह भी वचन मेरे पास पहुँचा: “हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं तेरी आँखों की प्रिय को मारकर तेरे पास से ले लेने पर हूँ; परन्तु न तू रोना-पीटना और न आँसू बहाना। यह भी देखें: यिर्मयाह 22:10यिर्मयाह 13:17यहेजकेल 24:18लम्बी साँसें ले तो ले, परन्तु वे सुनाई न पड़ें; मरे हुओं के लिये भी विलाप न करना। सिर पर पगड़ी बाँधे और पाँवों में जूती पहने रहना; और न तो अपने होंठ को ढाँपना न शोक के योग्य रोटी खाना।” यह भी देखें: होशे 9:42 शमूएल 15:30लैव्यव्यवस्था 10:6तब मैं सवेरे लोगों से बोला, और साँझ को मेरी स्त्री मर गई। तब सवेरे मैंने आज्ञा के अनुसार किया। यह भी देखें: 1 कुरिन्थियों 7:29-30तब लोग मुझसे कहने लगे, “क्या तू हमें न बताएगा कि यह जो तू करता है, इसका हम लोगों के लिये क्या अर्थ है?” यह भी देखें: यहेजकेल 12:9यहेजकेल 37:18मलाकी 3:7-8मैंने उनको उत्तर दिया, “यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा, ‘तू इस्राएल के घराने से कह, प्रभु यहोवा यह कहता है: देखो, मैं अपने पवित्रस्थान को जिसके गढ़ होने पर तुम फूलते हो, और जो तुम्हारी आँखों का चाहा हुआ है, और जिसको तुम्हारा मन चाहता है, उसे मैं अपवित्र करने पर हूँ; और अपने जिन बेटे-बेटियों को तुम वहाँ छोड़ आए हो, वे तलवार से मारे जाएँगे। यह भी देखें: यहेजकेल 23:47यहेजकेल 23:25स्तोत्र ग्रन्थ 27:4जैसा मैंने किया है वैसा ही तुम लोग करोगे, तुम भी अपने होंठ न ढाँपोगे, न शोक के योग्य रोटी खाओगे। यह भी देखें: यिर्मयाह 16:4-7यहेजकेल 24:16-17अय्यूब 27:15तुम सिर पर पगड़ी बाँधे और पाँवों में जूती पहने रहोगे, न तुम रोओगे, न छाती पीटोगे, वरन् अपने अधर्म के कामों में फँसे हुए गलते जाओगे और एक दूसरे की ओर कराहते रहोगे। यह भी देखें: यहेजकेल 4:17यहेजकेल 33:10लैव्यव्यवस्था 26:39इस रीति यहेजकेल तुम्हारे लिये चिन्ह ठहरेगा; जैसा उसने किया, ठीक वैसा ही तुम भी करोगे। और जब यह हो जाए, तब तुम जान लोगे कि मैं परमेश्वर यहोवा हूँ।’ यह भी देखें: यहेजकेल 4:3यशायाह 20:3यहेजकेल 6:7“हे मनुष्य के सन्तान, क्या यह सच नहीं, कि जिस दिन मैं उनका दृढ़ गढ़, उनकी शोभा, और हर्ष का कारण, और उनके बेटे-बेटियाँ जो उनकी शोभा, उनकी आँखों का आनन्द, और मन की चाह हैं, उनको मैं उनसे ले लूँगा, यह भी देखें: यहेजकेल 24:21स्तोत्र ग्रन्थ 48:2स्तोत्र ग्रन्थ 50:2उसी दिन जो भागकर बचेगा, वह तेरे पास आकर तुझे समाचार सुनाएगा। यह भी देखें: अय्यूब 1:15-19यहेजकेल 33:21-221 शमूएल 4:12-18उसी दिन तेरा मुँह खुलेगा, और तू फिर चुप न रहेगा परन्तु उस बचे हुए के साथ बातें करेगा। इस प्रकार तू इन लोगों के लिये चिन्ह ठहरेगा; और ये जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।” यह भी देखें: यहेजकेल 33:22यहेजकेल 29:21लूकस 21:15
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)12 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
यहेजकेल 24:1
Ver. 1. Month; Jan. 30, A. 3414. Usher. --- Ezechiel was then in Mesopotamia, when the news of the siege commencing on that very day, should arrive; it would make a great impression upon the people, so that they would have confidence in him, (C.) as the certainty of the prediction would appear. 4 K.
xxv. 1. W.
↑ 1यहेजकेल 24:2
Ver. 2. Pot, to denote Jerusalem: the flesh boiled and consumed in the fire with the bones, would shew the future dismal condition of its chiefs and inhabitants. H. --- The hardened Jews turned such things to ridicule. C. xi. 3.
↑ 2यहेजकेल 24:4
Ver. 4. Choice. Heb. "the choice of the bones," or the finest pieces separated from the bones, as the Sept. and the sequel seem to require. C. --- The bones might serve to burn. v. 5. H. See S.
Jer. Vat. &c. C.
↑ 4यहेजकेल 24:5
Ver. 5. The, &c. Lit. "its boiling has grown hot;" the citizens suffer terribly. ---
Bones. Heb.
hatsamim, (H.) may denote the more solid meat.
↑ 5यहेजकेल 24:6
Ver. 6. Rust: the inveterate malice of the city. v. 12. --- Upon it. Hurl the pieces of meat out of the pot, without any choice. C. --- All the people shall feel my indignation, the rich as well as the poor. v. 13. H.
↑ 6यहेजकेल 24:7
Ver. 7. She hath. Sept. "I have let it corrupt upon. I have not," &c. (v. 8. H.) as if God spoke.
The Jews had committed murder without fear. They had naturally a horror for blood, and the law ordered even that of beasts to be covered. Lev. xvii. 13.
Now innocent blood cries for vengeance. Gen. iv. 10. The punishment shall be as visible as the crime. v. 8.
↑ 7यहेजकेल 24:10
Ver. 10. And the. Heb. "put in the seasoning and the bones," &c.
↑ 10यहेजकेल 24:13
Ver. 13. Thy. Heb. "In thy crime there is design," or malice. This rendered the Jews so hateful (C.) and irreclaimable. H. --- God had given them abundant instructions (C.) and graces; but all was contemned. H. --- When the fire of tribulation does not amend sinners, they are sentenced to hell fire. W.
↑ 13यहेजकेल 24:16
Ver. 16. Stroke; pestilence, or sudden death. This would make the loss of a dear wife still more afflicting. Yet such distress will fall upon the whole nation, (C.) and misery shall increase so much, that a private loss will be almost forgotten. H. --- Curæ leves loquuntur, graviores silent.
Sen. Troad. --- When a loss is foreseen, it is more easily borne. Private calamities sink in public ones. W.
↑ 16यहेजकेल 24:17
Ver. 17. Silence, for such manifold calamities, if thou canst screen thyself from the enemy, who will otherwise take offence, as he has brought them on. H. ---
Dead. Priests were allowed to mourn only for father or mother, and their unmarried brothers and sisters. Lev. xxi. 1. Ezechiel (xliv. 25.) adds, Son and daughter. Many think the wife must also be understood, as she is nearer than a brother. The reasons for these prohibitions did not then subsist, as no sacrifice could be offered in Chaldea; and therefore God here specifies what the prophet was not to do, (C.) though lawful on other occasions. Sanct. ---
Tire. Lit. "crown," bandage, (C.) or parchment, on which parts of the law were written. Sept. "Let (Rom. ed. adds, not) the hair of thy head be curled (or ruffed; sumpeplegmenon) upon thee." H. --- It was usually cut in mourning. S.
Jer. --- Feet.
They were bare, at funerals, and in times of sorrow. 2 K. xv. 30. --- Face, like David. Heb. "the upper lip," which mourners and lepers covered. Lev. xiii. 45.
C. --- Mourners. Feasts were prepared by the relations, (Jos. Bel. ii. 1.) and friends sent some food, but no delicacies, to those who mourned. Lev. v. 9.
↑ 17यहेजकेल 24:21
Ver. 21. Profane, or esteem it no more, (H.) but abandon it to the Gentiles. C. ---
Feareth to lose; or on which it rests. v. 25. H.
↑ 21यहेजकेल 24:27
Ver. 27. No more, if thou darest to speak before the Chaldeans. v. 17. Reserve thy tears and lamentations for that time. C.
↑ 27लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस