
लैव्यव्यवस्था · IRV-HI
लैव्यव्यवस्था
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बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा, यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 25:14इब्रानियों 1:1लैव्यव्यवस्था 11:1“इस्राएलियों से कहो कि जिस-जिस पुरुष के प्रमेह हो, तो वह प्रमेह के कारण से अशुद्ध ठहरे। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 22:4गिनती 5:22 शमूएल 3:29वह चाहे बहता रहे, चाहे बहना बन्द भी हो, तो भी उसकी अशुद्धता बनी रहेगी। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 12:3यहेजकेल 23:20यहेजकेल 16:26जिसके प्रमेह हो वह जिस-जिस बिछौने पर लेटे वह अशुद्ध ठहरे, और जिस-जिस वस्तु पर वह बैठे वह भी अशुद्ध ठहरे। यह भी देखें: 1 कुरिन्थियों 15:33तीतुस 1:15इफिसियों 5:11और जो कोई उसके बिछौने को छूए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध ठहरा रहे। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 11:25लैव्यव्यवस्था 17:15लैव्यव्यवस्था 16:26और जिसके प्रमेह हो और वह जिस वस्तु पर बैठा हो, उस पर जो कोई बैठे वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध ठहरा रहे। यह भी देखें: यशायाह 1:16याकूब 4:8और जिसके प्रमेह हो उससे जो कोई छू जाए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे और साँझ तक अशुद्ध रहे। और जिसके प्रमेह हो यदि वह किसी शुद्ध मनुष्य पर थूके, तो वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे। यह भी देखें: यहूदा 1:4गलातियों 1:8-9यशायाह 1:16और जिसके प्रमेह हो वह सवारी की जिस वस्तु पर बैठे वह अशुद्ध ठहरे। यह भी देखें: उत्पत्ति 31:34और जो कोई किसी वस्तु को जो उसके नीचे रही हो छूए, वह साँझ तक अशुद्ध रहें; और जो कोई ऐसी किसी वस्तु को उठाए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 26:6लैव्यव्यवस्था 15:8लैव्यव्यवस्था 15:5और जिसके प्रमेह हो वह जिस किसी को बिना हाथ धोए छूए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे। और जिसके प्रमेह हो वह मिट्टी के जिस किसी पात्र को छूए वह तोड़ डाला जाए, और काठ के सब प्रकार के पात्र जल से धोए जाएँ। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 6:28लैव्यव्यवस्था 11:32-33नीतिवचन 1:23“फिर जिसके प्रमेह हो वह जब अपने रोग से चंगा हो जाए, तब से शुद्ध ठहरने के सात दिन गिन ले, और उनके बीतने पर अपने वस्त्रों को धोकर बहते हुए जल से स्नान करे; तब वह शुद्ध ठहरेगा। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 8:33लैव्यव्यवस्था 14:8लैव्यव्यवस्था 15:28और आठवें दिन वह दो पंडुक या कबूतरी के दो बच्चे लेकर मिलापवाले तम्बू के द्वार पर यहोवा के सम्मुख जाकर उन्हें याजक को दे। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 12:8इब्रानियों 10:14गिनती 6:10तब याजक उनमें से एक को पापबलि; और दूसरे को होमबलि के लिये भेंट चढ़ाए; और याजक उसके लिये उसके प्रमेह के कारण यहोवा के सामने प्रायश्चित करे। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 4:26लैव्यव्यवस्था 14:30-31गिनती 25:13“फिर यदि किसी पुरुष का वीर्य स्खलित हो जाए, तो वह अपने सारे शरीर को जल से धोए, और साँझ तक अशुद्ध रहे। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 23:10-11लैव्यव्यवस्था 22:4लैव्यव्यवस्था 15:5और जिस किसी वस्त्र या चमड़े पर वह वीर्य पड़े वह जल से धोया जाए, और साँझ तक अशुद्ध रहे। और जब कोई पुरुष स्त्री से प्रसंग करे तो वे दोनों जल से स्नान करें, और साँझ तक अशुद्ध रहें। (इब्रा. 9:10) यह भी देखें: 2 तीमुथियुस 2:221 कुरिन्थियों 6:12लैव्यव्यवस्था 15:5“फिर जब कोई स्त्री ऋतुमती रहे, तो वह सात दिन तक अशुद्ध ठहरी रहे, और जो कोई उसको छूए वह साँझ तक अशुद्ध रहे। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 12:2मत्ती 15:19मारकुस 5:25और जब तक वह अशुद्ध रहे तब तक जिस-जिस वस्तु पर वह लेटे, और जिस-जिस वस्तु पर वह बैठे वे सब अशुद्ध ठहरें। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 15:4-9नीतिवचन 9:13-18नीतिवचन 22:27और जो कोई उसके बिछौने को छूए वह अपने वस्त्र धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे। यह भी देखें: यशायाह 22:142 कुरिन्थियों 7:1प्रकाशितवाक्य 7:14और जो कोई किसी वस्तु को छूए जिस पर वह बैठी हो वह अपने वस्त्र धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे। और यदि बिछौने या और किसी वस्तु पर जिस पर वह बैठी हो छूने के समय उसका रूधिर लगा हो, तो छूनेवाले साँझ तक अशुद्ध रहे। और यदि कोई पुरुष उससे प्रसंग करे, और उसका रूधिर उसके लग जाए, तो वह पुरुष सात दिन तक अशुद्ध रहे, और जिस-जिस बिछौने पर वह लेटे वे सब अशुद्ध ठहरें। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 20:181 पतरस 2:11लैव्यव्यवस्था 18:19“फिर यदि किसी स्त्री के अपने मासिक धर्म के नियुक्त समय से अधिक दिन तक रूधिर बहता रहे, या उस नियुक्त समय से अधिक समय तक ऋतुमती रहे, तो जब तक वह ऐसी दशा में रहे तब तक वह अशुद्ध ठहरी रहे। (मत्ती 9:20) यह भी देखें: मत्ती 9:20लूकस 8:43मारकुस 5:25उसके ऋतुमती रहने के सब दिनों में जिस-जिस बिछौने पर वह लेटे वे सब उसके मासिक धर्म के बिछौने के समान ठहरें; और जिस-जिस वस्तु पर वह बैठे वे भी उसके ऋतुमती रहने के दिनों के समान अशुद्ध ठहरें। और जो कोई उन वस्तुओं को छूए वह अशुद्ध ठहरे, इसलिए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे। यह भी देखें: 1 पतरस 1:18-19लैव्यव्यवस्था 15:13लैव्यव्यवस्था 15:5-8और जब वह स्त्री अपने ऋतुमती से शुद्ध हो जाए, तब से वह सात दिन गिन ले, और उन दिनों के बीतने पर वह शुद्ध ठहरे। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 15:13-15गलातियों 4:41 कुरिन्थियों 1:30फिर आठवें दिन वह दो पंडुक या कबूतरी के दो बच्चे लेकर मिलापवाले तम्बू के द्वार पर याजक के पास जाए। तब याजक एक को पापबलि और दूसरे को होमबलि के लिये चढ़ाए; और याजक उसके लिये उसके मासिक धर्म की अशुद्धता के कारण यहोवा के सामने प्रायश्चित करे। “इस प्रकार से तुम इस्राएलियों को उनकी अशुद्धता से अलग रखा करो, कहीं ऐसा न हो कि वे यहोवा के निवास को जो उनके बीच में है अशुद्ध करके अपनी अशुद्धता में फँसकर मर जाएँ।” यह भी देखें: गिनती 19:20गिनती 19:13यहेजकेल 5:11जिसके प्रमेह हो और जो पुरुष वीर्य स्खलित होने से अशुद्ध हो; यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 11:46यहेजकेल 43:12गिनती 6:13और जो स्त्री ऋतुमती हो; और क्या पुरुष क्या स्त्री, जिस किसी के धातुरोग हो, और जो पुरुष अशुद्ध स्त्री के साथ प्रसंग करे, इन सभी के लिये यही व्यवस्था है। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 15:19लैव्यव्यवस्था 20:18लैव्यव्यवस्था 15:24-25
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)12 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
लैव्यव्यवस्था 15:2
Ver. 2. Issue of seed, shall be unclean. These legal uncleannesses were instituted in order to give the people a horror of carnal impurities. Ch. --- If the gonorrhœa, and the lawful act of marriage, (v. 16,) and nocturnal delusions, (Deut. xxiii. 10,) induce a kind of uncleanness---surely to imitate Onan is most detestable, Gen. xxviii. 9. T. --- The Jews rank the latter crime with murder, and so does Tertullian. See Ex. xxi. 22.
↑ 2लैव्यव्यवस्था 15:3
Ver. 3. At every moment, is not in Heb., but something like it occurs in the Sam.
and Sept.
According to the Heb. the uncleanness subsists for some time after the issue has ceased. Grotius pretends that these disorders were contagious; but the reason why God requires such purity in his people, is given v. 31. He dwelt among them, and would not allow of any disrespectful behaviour. There were to live like priests in his temple. The pagans in Egypt, Greece, and Italy, required the like attention to cleanliness in their priests. Herod. ii. --- Noctem flumine purgas.
Persius ii. C.
↑ 3लैव्यव्यवस्था 15:11
Ver. 11. Such a one; the person under the disorder, unless he have washed his hands.
↑ 11लैव्यव्यवस्था 15:12
Ver. 12. Broken, after he is perfectly healed. C.
↑ 12लैव्यव्यवस्था 15:15
Ver. 15. Offer, (faciet) "shall sacrifice." D. --- For sin. Legal, or any other that he may have incurred.
↑ 15लैव्यव्यवस्था 15:16
Ver. 16. Evening, whether the action were lawful or not. M. --- Some explain this verse, of nocturnal inconveniences; and v. 18, of the act of marriage. The latter rendered unclean only in as much as it hindered a person from partaking of any thing sacred, though he might perform the duties of life. C. --- This law was to lay some restraint on the too frequent use of marriage.
Theodoret. D.
↑ 16लैव्यव्यवस्था 15:19
Ver. 19. At...month. The Heb. and other versions omit this. C. --- But " her issue in her flesh, "
implies as much. H. --- Naturalists anciently deemed this very contagious.
Solin c. i. Plin. ix.
15. C. --- Days, not out of the camp, but from the company of men.
↑ 19लैव्यव्यवस्था 15:20
Ver. 20. One, except infants, &c.
↑ 20लैव्यव्यवस्था 15:24
Ver. 24. Days, supposing the case was not brought before the judge, and the man did it through ignorance: otherwise it was death. C. xx. 18.
↑ 24लैव्यव्यवस्था 15:25
Ver. 25. Blood, hæmorrhoids. M. --- Flowers. Heb. "all the days of the issue of her uncleanness shall be as the days of her separation. She shall be unclean."
↑ 25लैव्यव्यवस्था 15:28
Ver. 28. Run. Then she might act as usual, without defiling what she touched. It seems from v.
13, that this law regarded only the time while the tabernacle was in the camp. It would have been very difficult to observe it, when the people were dispersed throughout the land of Chanaan. C.
↑ 28लैव्यव्यवस्था 15:31
Ver. 31. Teach. So the Sept. also read. Heb. "Thus you shall remove...from their filth." Houbig.
--- Filth. God threatens to kill them, if they approach unclean. M. --- S. Jerom (in Gal. v.) understands this of those abominable sins, which ought not to be mentioned. W.
↑ 31लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस