
यहेजकेल · IRV-HI
यहेजकेल
34
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा: “हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएल के चरवाहों के विरुद्ध भविष्यद्वाणी करके उन चरवाहों से कह, परमेश्वर यहोवा यह कहता है: हाय इस्राएल के चरवाहों पर जो अपने-अपने पेट भरते हैं! क्या चरवाहों को भेड़-बकरियों का पेट न भरना चाहिए? यह भी देखें: यिर्मयाह 23:1यिर्मयाह 3:15यशायाह 40:11तुम लोग चर्बी खाते, ऊन पहनते और मोटे-मोटे पशुओं को काटते हो; परन्तु भेड़-बकरियों को तुम नहीं चराते। (जक. 11:16) यह भी देखें: जकर्याह 11:16विलापगीत 4:13यिर्मयाह 22:17तुम ने बीमारों को बलवान न किया, न रोगियों को चंगा किया, न घायलों के घावों को बाँधा, न निकाली हुई को लौटा लाए, न खोई हुई को खोजा, परन्तु तुम ने बल और जबरदस्ती से अधिकार चलाया है। यह भी देखें: मत्ती 18:12-13मत्ती 9:36यहेजकेल 34:16वे चरवाहे के न होने के कारण तितर-बितर हुई; और सब वन-पशुओं का आहार हो गई। यह भी देखें: 2 इतिहास 18:16मत्ती 9:36यिर्मयाह 23:2मेरी भेड़-बकरियाँ तितर-बितर हुई है; वे सारे पहाड़ों और ऊँचे-ऊँचे टीलों पर भटकती थीं; मेरी भेड़-बकरियाँ सारी पृथ्वी के ऊपर तितर-बितर हुई; और न तो कोई उनकी सुधि लेता था, न कोई उनको ढूँढ़ता था। (यहे. 34:8) यह भी देखें: 1 पतरस 2:25स्तोत्र ग्रन्थ 142:4योहन 10:16“इस कारण, हे चरवाहों, यहोवा का वचन सुनो: यह भी देखें: यहेजकेल 34:9मलाकी 2:1यिर्मयाह 13:18परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मेरी भेड़-बकरियाँ जो लुट गई, और मेरी भेड़-बकरियाँ जो चरवाहे के न होने के कारण सब वन-पशुओं का आहार हो गई; और इसलिए कि मेरे चरवाहों ने मेरी भेड़-बकरियों की सुधि नहीं ली, और मेरी भेड़-बकरियों का पेट नहीं, अपना ही अपना पेट भरा; यह भी देखें: 2 पतरस 2:131 कुरिन्थियों 9:15यहेजकेल 34:2-3इस कारण हे चरवाहों, यहोवा का वचन सुनो, परमेश्वर यहोवा यह कहता है: देखो, मैं चरवाहों के विरुद्ध हूँ; और मैं उनसे अपनी भेड़-बकरियों का लेखा लूँगा, और उनको फिर उन्हें चराने न दूँगा; वे फिर अपना-अपना पेट भरने न पाएँगे। मैं अपनी भेड़-बकरियाँ उनके मुँह से छुड़ाऊँगा कि आगे को वे उनका आहार न हों। यह भी देखें: यहेजकेल 34:2जकर्याह 10:3यहेजकेल 13:8“क्योंकि परमेश्वर यहोवा यह कहता है, देखो, मैं आप ही अपनी भेड़-बकरियों की सुधि लूँगा, और उन्हें ढूँढ़ूगा। (लूका 19:10) यह भी देखें: योहन 10:16लूकस 19:10यिर्मयाह 23:3जैसे चरवाहा अपनी भेड़-बकरियों में से भटकी हुई को फिर से अपने झुण्ड में बटोरता है, वैसे ही मैं भी अपनी भेड़-बकरियों को बटोरूँगा; मैं उन्हें उन सब स्थानों से निकाल ले आऊँगा, जहाँ-जहाँ वे बादल और घोर अंधकार के दिन तितर-बितर हो गई हों। यह भी देखें: योहन 10:11-12यशायाह 40:11लूकस 19:10मैं उन्हें देश-देश के लोगों में से निकालूँगा, और देश-देश से इकट्ठा करूँगा, और उन्हीं के निज भूमि में ले आऊँगा; और इस्राएल के पहाड़ों पर और नालों में और उस देश के सब बसे हुए स्थानों में चराऊँगा। यह भी देखें: यहेजकेल 28:25-26यहेजकेल 11:17यशायाह 11:11-16मैं उन्हें अच्छी चराई में चराऊँगा, और इस्राएल के ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों पर उनको चराई मिलेगी; वहाँ वे अच्छी हरियाली में बैठा करेंगी, और इस्राएल के पहाड़ों पर उत्तम से उत्तम चराई चरेंगी। यह भी देखें: योहन 10:9स्तोत्र ग्रन्थ 23:1-2यिर्मयाह 31:25मैं आप ही अपनी भेड़-बकरियों का चरवाहा होऊँगा, और मैं आप ही उन्हें बैठाऊँगा, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। (भज. 23:1,2) यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 23:1-2यिर्मयाह 3:15यहेजकेल 34:23मैं खोई हुई को ढूँढ़ूगा, और निकाली हुई को लौटा लाऊँगा, और घायल के घाव बाँधूँगा, और बीमार को बलवान करूँगा, और जो मोटी और बलवन्त हैं उन्हें मैं नाश करूँगा; मैं उनकी चरवाही न्याय से करूँगा। (लूका 15:4, लूका 19:10) यह भी देखें: लूकस 19:10यहेजकेल 34:4यहेजकेल 34:11“हे मेरे झुण्ड, तुम से परमेश्वर यहोवा यह कहता है, देखो, मैं भेड़-भेड़ के बीच और मेढ़ों और बकरों के बीच न्याय करता हूँ। (मत्ती 25:32) यह भी देखें: यहेजकेल 34:20-22जकर्याह 10:3मत्ती 25:32-33क्या तुम्हें यह छोटी बात जान पड़ती है कि तुम अच्छी चराई चर लो और शेष चराई को अपने पाँवों से रौंदो; और क्या तुम्हें यह छोटी बात जान पड़ती है कि तुम निर्मल जल पी लो और शेष जल को अपने पाँवों से गंदला करो? यह भी देखें: मत्ती 23:13लूकस 11:52गिनती 16:13क्या मेरी भेड़-बकरियों को तुम्हारे पाँवों से रौंदे हुए को चरना, और तुम्हारे पाँवों से गंदले किए हुए को पीना पड़ेगा? “इस कारण परमेश्वर यहोवा उनसे यह कहता है, देखो, मैं आप मोटी और दुबली भेड़-बकरियों के बीच न्याय करूँगा। यह भी देखें: मत्ती 25:31-46स्तोत्र ग्रन्थ 22:12-16यहेजकेल 34:10तुम जो सब बीमारों को बाजू और कंधे से यहाँ तक ढकेलते और सींग से यहाँ तक मारते हो कि वे तितर-बितर हो जाती हैं, यह भी देखें: जकर्याह 11:16-17व्यवस्थाविवरण 33:17जकर्याह 11:5इस कारण मैं अपनी भेड़-बकरियों को छुड़ाऊँगा, और वे फिर न लुटेंगी, और मैं भेड़-भेड़ के और बकरी-बकरी के बीच न्याय करूँगा। यह भी देखें: यिर्मयाह 23:2-3स्तोत्र ग्रन्थ 72:12-14यहेजकेल 34:10मैं उन पर ऐसा एक चरवाहा ठहराऊँगा जो उनकी चरवाही करेगा, वह मेरा दास दाऊद होगा, वही उनको चराएगा, और वही उनका चरवाहा होगा। (यहे. 37:24) यह भी देखें: यहेजकेल 37:24-25यिर्मयाह 30:9यशायाह 40:11मैं, यहोवा, उनका परमेश्वर ठहरूँगा, और मेरा दास दाऊद उनके बीच प्रधान होगा; मुझ यहोवा ही ने यह कहा है। यह भी देखें: यिर्मयाह 23:5-6यिर्मयाह 31:33यहेजकेल 36:28“मैं उनके साथ शान्ति की वाचा बाँधूँगा, और दुष्ट जन्तुओं को देश में न रहने दूँगा; अतः वे जंगल में निडर रहेंगे, और वन में सोएँगे। यह भी देखें: यशायाह 11:6-9यहेजकेल 37:26लैव्यव्यवस्था 26:6मैं उन्हें और अपनी पहाड़ी के आस-पास के स्थानों को आशीष का कारण बना दूँगा; और मेंह को मैं ठीक समय में बरसाया करूँगा; और वे आशीषों की वर्षा होंगी। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 28:12यशायाह 44:3लैव्यव्यवस्था 26:4मैदान के वृक्ष फलेंगे और भूमि अपनी उपज उपजाएगी, और वे अपने देश में निडर रहेंगे; जब मैं उनके जूए को तोड़कर उन लोगों के हाथ से छुड़ाऊँगा, जो उनसे सेवा कराते हैं, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। यह भी देखें: यिर्मयाह 30:8लैव्यव्यवस्था 26:13लैव्यव्यवस्था 26:4वे फिर जाति-जाति से लूटे न जाएँगे, और न वन पशु उन्हें फाड़ खाएँगे; वे निडर रहेंगे, और उनको कोई न डराएगा। (यिर्म. 46:27) यह भी देखें: यिर्मयाह 30:10यिर्मयाह 46:27यहेजकेल 39:26मैं उनके लिये उपजाऊ बारी उपजाऊँगा, और वे देश में फिर भूखे न मरेंगे, और न जाति-जाति के लोग फिर उनकी निन्दा करेंगे। (यहे. 36:29) यह भी देखें: यहेजकेल 36:29यशायाह 4:2यहेजकेल 34:26-27और वे जानेंगे कि मैं परमेश्वर यहोवा, उनके संग हूँ, और वे जो इस्राएल का घराना है, वे मेरी प्रजा हैं, मुझ परमेश्वर यहोवा की यही वाणी हैं। यह भी देखें: यहेजकेल 37:27यहेजकेल 34:24स्तोत्र ग्रन्थ 46:11तुम तो मेरी भेड़-बकरियाँ, मेरी चराई की भेड़-बकरियाँ हो, तुम तो मनुष्य हो, और मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।” यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 100:3योहन 10:16स्तोत्र ग्रन्थ 78:52
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)15 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
यहेजकेल 34:2
Ver. 2. Shepherds. That is, princes, magistrates, chief priests, and scribes. Ch.
--- Shepherds may lawfully take milk, (1 Cor. ix. 7.) but the sheep and its wool belong to the master. W. ---
Excellent instructions are here given for all in authority. C.
↑ 2यहेजकेल 34:3
Ver. 3. Fat. Pastors often disguise the truth to flatter the rich, or the more just souls are ruined by their negligence.
↑ 3यहेजकेल 34:4
Ver. 4. Healed. God alone can restore to life. But pastors will not be excused by ignorance if they know not the maladies and the remedies of their flock. ---
Hand. This was blamed in the Pharisees, and is contrary to the spirit of the gospel. Mat. xxiii. 4. 1 Pet. v. 2.
↑ 4यहेजकेल 34:5
Ver. 5. Field. The people being neglected, followed false prophets and idols.
Their teachers were so far from striving to reclaim them, that they perhaps shewed them the example. C.
↑ 5यहेजकेल 34:8
Ver. 8. No shepherd. Pastors who seek only their temporal advantage, (1 Tim.
vi. 5. Tit. i. 7. H.) are hirelings; and if they teach false doctrine, they are wolves.
John x. W.
↑ 8यहेजकेल 34:10
Ver. 10. Cease. Both the leaders and the people were led into captivity.
↑ 10यहेजकेल 34:12
Ver. 12. Day, in persecution. I will count my sheep, lest any be lost.
↑ 12यहेजकेल 34:13
Ver. 13. Land. All this cannot be understood of the synagogue alone.
↑ 13यहेजकेल 34:16
Ver. 16. Preserve, (Sept. Syr.) which seems more natural than Heb. and Chal.
"destroy." I will not eat them, like bad shepherds. v. 3. C. --- God and those whom he sends, will take care of the flock. Eph. iv. W.
↑ 16यहेजकेल 34:17
Ver. 17. Cattle. The crimes of the pastors do not excuse the flock. In it there are people of different dispositions. The rich often destroy, and these are brought to an account. v. 24. C.
↑ 17यहेजकेल 34:23
यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।
Ver. 23. David; Christ, who is of the house of David. C. --- That king had been dead long before, so that no Jew or heretic can deny but that the Messias is here meant, as C. xxxvii. 24. &c. W. ---
He possessed eminently all the virtues of David, and was of his seed.
Zorobabel, &c. cannot be understood, as we have no proof that the governors after the captivity were chosen from the tribe of Juda. C. xxi. 27.
↑ 23यहेजकेल 34:25
यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।
Ver. 25. Peace. Christ pacifies all. Rom. xv. 33. Mic. v. 5. Eph. vi. 15. --- Beasts: those who promote idolatry; or, speaking of Christians, who teach heretical doctrine and persecute the Church. C.
↑ 25यहेजकेल 34:26
Ver. 26. Make. Lit. "place." H. --- Sept. read not a blessing, which seems superfluous. C. ---
Yet Chal. has it, and the idea is more complete. H.
↑ 26यहेजकेल 34:29
Ver. 29. A bud of renown, ( germen nominatum. ) He speaks of Christ, our Lord, the illustrious bud of the house of David, renowned over all the earth. See Jer.
xxxiii. 15. Ch. --- Sept. Syr. "a plant of peace." Chal. "established." C.
↑ 29यहेजकेल 34:31
Ver. 31. Men. What has been said of sheep (M.) relates to you. --- Am the Lord.
This is not in Heb. or Prot. H. --- But it is found in one Heb. MS. and Sept. as this version is thus frequently confirmed. Kennicott, Dis. ii.
↑ 31लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस