
यहेजकेल · IRV-HI
यहेजकेल
38
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा: “हे मनुष्य के सन्तान, अपना मुँह मागोग देश के गोग की ओर करके, जो रोश, मेशेक और तूबल का प्रधान है, उसके विरुद्ध भविष्यद्वाणी कर। (यहे. 39:1) यह भी देखें: यहेजकेल 39:1यहेजकेल 27:13यहेजकेल 38:3और यह कह, हे गोग, हे रोश, मेशेक, और तूबल के प्रधान, परमेश्वर यहोवा यह कहता है: देख, मैं तेरे विरुद्ध हूँ। यह भी देखें: यहेजकेल 13:8यहेजकेल 35:3यहेजकेल 39:1-10मैं तुझे घुमा ले आऊँगा, और तेरे जबड़ों में नकेल डालकर तुझे निकालूँगा; और तेरी सारी सेना को भी अर्थात् घोड़ों और सवारों को जो सब के सब कवच पहने हुए एक बड़ी भीड़ हैं, जो फरी और ढाल लिए हुए सब के सब तलवार चलानेवाले होंगे; यह भी देखें: दानिय्येल 11:40यहेजकेल 29:4यहेजकेल 38:15और उनके संग फारस, कूश और पूत को, जो सब के सब ढाल लिए और टोप लगाए होंगे; यह भी देखें: यहेजकेल 27:10उत्पत्ति 10:6यहेजकेल 30:5और गोमेर और उसके सारे दलों को, और उत्तर दिशा के दूर-दूर देशों के तोगर्मा के घराने, और उसके सारे दलों को निकालूँगा; तेरे संग बहुत से देशों के लोग होंगे। यह भी देखें: यहेजकेल 27:14उत्पत्ति 10:2-31 इतिहास 1:5-6“इसलिए तू तैयार हो जा; तू और जितनी भीड़ तेरे पास इकट्ठी हों, तैयार रहना, और तू उनका अगुआ बनना। यह भी देखें: 2 इतिहास 25:8योएल 3:9-12जकर्याह 14:2-3बहुत दिनों के बीतने पर तेरी सुधि ली जाएगी; और अन्त के वर्षों में तू उस देश में आएगा, जो तलवार के वश से छूटा हुआ होगा, और जिसके निवासी बहुत सी जातियों में से इकट्ठे होंगे; अर्थात् तू इस्राएल के पहाड़ों पर आएगा जो निरन्तर उजाड़ रहे हैं; परन्तु वे देश-देश के लोगों के वश से छुड़ाए जाकर सब के सब निडर रहेंगे। यह भी देखें: यशायाह 24:22यहेजकेल 38:16यहेजकेल 38:11-12तू चढ़ाई करेगा, और आँधी के समान आएगा, और अपने सारे दलों और बहुत देशों के लोगों समेत मेघ के समान देश पर छा जाएगा। यह भी देखें: यशायाह 28:2यिर्मयाह 4:13योएल 2:2“परमेश्वर यहोवा यह कहता है, उस दिन तेरे मन में ऐसी-ऐसी बातें आएँगी कि तू एक बुरी युक्ति भी निकालेगा; यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 36:4मीका 2:1मारकुस 7:21और तू कहेगा कि मैं बिन शहरपनाह के गाँवों के देश पर चढ़ाई करूँगा; मैं उन लोगों के पास जाऊँगा जो चैन से निडर रहते हैं; जो सब के सब बिना शहरपनाह और बिना बेड़ों और पल्लों के बसे हुए हैं; यह भी देखें: जकर्याह 2:4-5न्यायियों 18:7नीतिवचन 3:29-30ताकि छीनकर तू उन्हें लूटे और अपना हाथ उन खण्डहरों पर बढ़ाए जो फिर बसाए गए, और उन लोगों के विरुद्ध जाए जो जातियों में से इकट्ठे हुए थे और पृथ्वी की नाभि पर बसे हुए पशु और अन्य सम्पत्ति रखते हैं। यह भी देखें: यशायाह 10:6यहेजकेल 38:8यहेजकेल 29:19शेबा और ददान के लोग और तर्शीश के व्यापारी अपने देश के सब जवान सिंहों समेत तुझ से कहेंगे, ‘क्या तू लूटने को आता है? क्या तूने धन छीनने, सोना-चाँदी उठाने, पशु और सम्पत्ति ले जाने, और बड़ी लूट अपना लेने को अपनी भीड़ इकट्ठी की है?’ यह भी देखें: यहेजकेल 27:15यहेजकेल 32:2यहेजकेल 27:22-23“इस कारण, हे मनुष्य के सन्तान, भविष्यद्वाणी करके गोग से कह, परमेश्वर यहोवा यह कहता है, जिस समय मेरी प्रजा इस्राएल निडर बसी रहेगी, क्या तुझे इसका समाचार न मिलेगा? यह भी देखें: जकर्याह 2:5यहेजकेल 38:8यिर्मयाह 23:6तू उत्तर दिशा के दूर-दूर स्थानों से आएगा; तू और तेरे साथ बहुत सी जातियों के लोग, जो सब के सब घोड़ों पर चढ़े हुए होंगे, अर्थात् एक बड़ी भीड़ और बलवन्त सेना। यह भी देखें: यहेजकेल 39:2यहेजकेल 38:6प्रकाशितवाक्य 20:8जैसे बादल भूमि पर छा जाता है, वैसे ही तू मेरी प्रजा इस्राएल के देश पर ऐसे चढ़ाई करेगा। इसलिए हे गोग, अन्त के दिनों में ऐसा ही होगा, कि मैं तुझ से अपने देश पर इसलिए चढ़ाई कराऊँगा, कि जब मैं जातियों के देखते तेरे द्वारा अपने को पवित्र ठहराऊँ, तब वे मुझे पहचान लेंगे। यह भी देखें: यहेजकेल 39:21यहेजकेल 38:23होशे 3:5“परमेश्वर यहोवा यह कहता है, क्या तू वही नहीं जिसकी चर्चा मैंने प्राचीनकाल में अपने दासों के, अर्थात् इस्राएल के उन भविष्यद्वक्ताओं द्वारा की थी, जो उन दिनों में वर्षों तक यह भविष्यद्वाणी करते गए, कि यहोवा गोग से इस्राएलियों पर चढ़ाई कराएगा? यह भी देखें: दानिय्येल 11:40-45योएल 3:9-14यशायाह 63:1-6जिस दिन इस्राएल के देश पर गोग चढ़ाई करेगा, उसी दिन मेरी जलजलाहट मेरे मुख से प्रगट होगी, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। यह भी देखें: यहेजकेल 36:5-6नहूम 1:2स्तोत्र ग्रन्थ 89:46मैंने जलजलाहट और क्रोध की आग में कहा कि निःसन्देह उस दिन इस्राएल के देश में बड़ा भूकम्प होगा। यह भी देखें: हाग्गै 2:6-7हाग्गै 2:21-22इब्रानियों 12:26और मेरे दर्शन से समुद्र की मछलियाँ और आकाश के पक्षी, मैदान के पशु और भूमि पर जितने जीव-जन्तु रेंगते हैं, और भूमि के ऊपर जितने मनुष्य रहते हैं, सब काँप उठेंगे; और पहाड़ गिराए जाएँगे; और चढ़ाइयाँ नाश होंगी, और सब दीवारें गिरकर मिट्टी में मिल जाएँगी। (होशे 4:3) यह भी देखें: होशे 4:3नहूम 1:4-6जकर्याह 14:4-5परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है कि मैं उसके विरुद्ध तलवार चलाने के लिये अपने सब पहाड़ों को पुकारूँगा और हर एक की तलवार उसके भाई के विरुद्ध उठेगी। यह भी देखें: हाग्गै 2:22न्यायियों 7:22यहेजकेल 14:17मैं मरी और खून के द्वारा उससे मुकद्दमा लड़ूँगा; और उस पर और उसके दलों पर, और उन बहुत सी जातियों पर जो उसके पास होंगी, मैं बड़ी झड़ी लगाऊँगा, और ओले और आग और गन्धक बरसाऊँगा। (यशा. 66:16) यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 11:6यशायाह 66:16प्रकाशितवाक्य 16:21इस प्रकार मैं अपने को महान और पवित्र ठहराऊँगा और बहुत सी जातियों के सामने अपने को प्रगट करूँगा। तब वे जान लेंगी कि मैं यहोवा हूँ।” यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 9:16यहेजकेल 38:16यहेजकेल 37:28
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)10 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
यहेजकेल 38:2
Ver. 2. Gog. This name, which signifies hidden, or covered, is taken in this place either for the persecutors of the Church of God in general, or some arch persecutor in particular; such as Antichrist shall be in the latter days. See Apoc. xx. 8. And what is said of the punishment of God, is verified by the unhappy end of persecutors. --- Magog. Scythia or Tartary, whence the Turks and other enemies of the Church of Christ originally sprung. Ch. --- These are supposed to be the princes of some northern and barbarous country, (W.) peopled by the son of Japhet. S. Jer.
--- S. Aug. (de Civ. Dei. xx. 11.) observes, that as the Church is spread everywhere, so also are persecutors. But Christ will overcome them all. W. ---
This prophecy is very difficult. It seems literally to refer to Cambyses, who invaded Judea about seventy years after the temple had been destroyed, and perished by the hand of God, at Ecbatana, upon Mount Carmel. It is very usual with the prophets to give fictitious names; as the king of Tyre is called a cherub, and Jerusalem Ooliba. Cambyses ruled over Scythia, in Iberia; styled Gogarene, by Strabo. xi. C. --- The proper Scythia withstood all the attempts of his successors, and defeated Darius. H.
↑ 2यहेजकेल 38:4
Ver. 4. Jaws. Thus Cambyses treated the son of Psammenites. God has the most absolute dominion over all monarchs. v. 7.
↑ 4यहेजकेल 38:8
Ver. 8. Visited, or rather "shall visit" Judea. Chal. Grot. --- Cambyses invaded Egypt twelve years after the Jews had returned, and came upon them two years later, designing to plunder them, at the instigation of their malevolent neighbours. He had sustained great losses in Egypt, and was arrived at Carmel when news was brought that the false Smerdis had declared himself king. See Herod. iii. 61.
↑ 8यहेजकेल 38:12
यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।
Ver. 12. Midst. Lit. "navel." Heb. "Thabor," intimating a mountain rising in a plain. Judg. ix. 7.
C. --- Alluding to this intended blunder of the Jews lately returned, he speaks of Antichrist and of all heretics, who seek to pervert or suppress Catholics rescued from the power of the devil, by the sacraments of Christ. W.
↑ 12यहेजकेल 38:13
Ver. 13. Tharsis. Sept. "Carthage, and all their villages." The merchants or naval forces of Cambyses spurred him forward, (see Ps. lxxvii. 6.) as well as the Arabs, Cuthites, &c. 1 Esd. iv.
8. C.
↑ 13यहेजकेल 38:16
Ver. 16. Latter. Cambyses had punished Egypt, his turn came, and all his designs were baffled.
↑ 16यहेजकेल 38:17
Ver. 17. Prophets. See Is. xiv. & xvi. 21. and xxvi. 1. Jer. xxx. 3. and 23. Joel ii.
30. iii. 1. &c.
↑ 17यहेजकेल 38:19
Ver. 19. Israel. The Jews shall be full of dismay, (v. 20.) as the tyrant will vent some threats; (C.) or this commotion was in his own army. H.
↑ 19यहेजकेल 38:21
Ver. 21. Sword. The Jews were not in a condition to make resistance. C. ---
Cambyses had his brother Smerdis slain. But another was set on the throne; whereupon, mounting his horse in a fury, he wounded himself with his sword in the thigh, which mortifying, caused his death after twenty days. Herod. iii.
21. &c. --- The historian does not mention what became of his army; but it seems to have perished by discord, as was very common among such a collection of nations.
See Jud. vii. 22. Judith xv. 1. and 1 K. xiv. 20. and 4 K. ii. 21. C. --- They were now without a head. H. --- In the whole universe, God will at last destroy Antichrist and all his adherents. W.
↑ 21यहेजकेल 38:22
Ver. 22. Pestilence. His wound might be thus described. --- Blood. Thus was he punished for shedding that of innocent people. C.
↑ 22लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस