
यशायाह · IRV-HI
यशायाह
24
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
सुनों, यहोवा पृथ्वी को निर्जन और सुनसान करने पर है, वह उसको उलटकर उसके रहनेवालों को तितर-बितर करेगा। यह भी देखें: नहूम 2:10यशायाह 2:19यशायाह 24:20और जैसी यजमान की वैसी याजक की; जैसी दास की वैसी स्वामी की; जैसी दासी की वैसी स्वामिनी की; जैसी लेनेवाले की वैसी बेचनेवाले की; जैसी उधार देनेवाले की वैसी उधार लेनेवाले की; जैसी ब्याज लेनेवाले की वैसी ब्याज देनेवाले की; सभी की एक ही दशा होगी। यह भी देखें: होशे 4:9यहेजकेल 7:12-13विलापगीत 5:12-14पृथ्वी शून्य और सत्यानाश हो जाएगी; क्योंकि यहोवा ही ने यह कहा है। यह भी देखें: यशायाह 24:1यशायाह 6:11यशायाह 22:25पृथ्वी विलाप करेगी और मुर्झाएगी, जगत कुम्हलाएगा और मुर्झा जाएगा; पृथ्वी के महान लोग भी कुम्हला जाएँगे। यह भी देखें: होशे 4:3यशायाह 33:9यशायाह 3:26पृथ्वी अपने रहनेवालों के कारण अशुद्ध हो गई है, क्योंकि उन्होंने व्यवस्था का उल्लंघन किया और विधि को पलट डाला, और सनातन वाचा को तोड़ दिया है। यह भी देखें: इब्रानियों 13:20रोमियों 8:20-21दानिय्येल 7:25इस कारण पृथ्वी को श्राप ग्रसेगा और उसमें रहनेवाले दोषी ठहरेंगे; और इसी कारण पृथ्वी के निवासी भस्म होंगे और थोड़े ही मनुष्य रह जाएँगे। यह भी देखें: मलाकी 4:1मत्ती 7:14जकर्याह 5:3-4नया दाखमधु जाता रहेगा, दाखलता मुर्झा जाएगी, और जितने मन में आनन्द करते हैं सब लम्बी-लम्बी साँस लेंगे। यह भी देखें: यशायाह 16:10यशायाह 16:8योएल 1:10-12डफ का सुखदाई शब्द बन्द हो जाएगा, प्रसन्न होनेवालों का कोलाहल जाता रहेगा वीणा का सुखदाई शब्द शान्त हो जाएगा। (यहे. 26:13, प्रका. 18:22) यह भी देखें: होशे 2:11प्रकाशितवाक्य 18:22यहेजकेल 26:13वे गाकर फिर दाखमधु न पीएँगे; पीनेवाले को मदिरा कड़वी लगेगी। यह भी देखें: सभोपदेशक 9:7यशायाह 5:22आमोस 8:10गड़बड़ी मचानेवाली नगरी नाश होगी, उसका हर एक घर ऐसा बन्द किया जाएगा कि कोई घुस न सकेगा। यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 18:2प्रकाशितवाक्य 17:5-6यशायाह 23:1सड़कों में लोग दाखमधु के लिये चिल्लाएँगे; आनन्द मिट जाएगा: देश का सारा हर्ष जाता रहेगा। यह भी देखें: होशे 7:14यशायाह 9:19यशायाह 24:7-9नगर उजाड़ ही उजाड़ रहेगा, और उसके फाटक तोड़कर नाश किए जाएँगे। यह भी देखें: विलापगीत 5:18विलापगीत 1:4मीका 1:12क्योंकि पृथ्वी पर देश-देश के लोगों में ऐसा होगा जैसा कि जैतून के झाड़ने के समय, या दाख तोड़ने के बाद कोई-कोई फल रह जाते हैं। यह भी देखें: यशायाह 1:9रोमियों 11:2-6यशायाह 6:13वे लोग गला खोलकर जयजयकार करेंगे, और यहोवा के माहात्म्य को देखकर समुद्र से ललकारेंगे। यह भी देखें: यशायाह 35:2यशायाह 25:1यशायाह 44:23इस कारण पूर्व में यहोवा की महिमा करो, और समुद्र के द्वीपों में इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम का गुणानुवाद करो। (मला. 1:11, यशा. 42:10) यह भी देखें: मलाकी 1:11यशायाह 42:10यशायाह 42:4पृथ्वी की छोर से हमें ऐसे गीत की ध्वनि सुन पड़ती है, कि धर्मी की महिमा और बड़ाई हो। परन्तु मैंने कहा, “हाय, हाय! मैं नाश हो गया, नाश! क्योंकि विश्वासघाती विश्वासघात करते, वे बड़ा ही विश्वासघात करते हैं।” यह भी देखें: यशायाह 21:2यशायाह 33:1यिर्मयाह 3:20हे पृथ्वी के रहनेवालों तुम्हारे लिये भय और गड्ढा और फंदा है! (लूका 21:35) यह भी देखें: यिर्मयाह 48:43-44लैव्यव्यवस्था 26:21-221 राजाओं 19:17जो कोई भय के शब्द से भागे वह गड्ढे में गिरेगा, और जो कोई गड्ढे में से निकले वह फंदे में फँसेगा। क्योंकि आकाश के झरोखे खुल जाएँगे, और पृथ्वी की नींव डोल उठेगी। यह भी देखें: उत्पत्ति 7:11स्तोत्र ग्रन्थ 18:7आमोस 5:19पृथ्वी फटकर टुकड़े-टुकड़े हो जाएगी पृथ्वी अत्यन्त कम्पायमान होगी। (नहू. 1:5) यह भी देखें: यशायाह 34:4-10व्यवस्थाविवरण 11:6यिर्मयाह 4:23-28वह मतवाले के समान बहुत डगमगाएगी और मचान के समान डोलेगी; वह अपने पाप के बोझ से दबकर गिरेगी और फिर न उठेगी। यह भी देखें: यशायाह 19:14दानिय्येल 11:19यशायाह 29:9उस समय ऐसा होगा कि यहोवा आकाश की सेना को आकाश में और पृथ्वी के राजाओं को पृथ्वी ही पर दण्ड देगा। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 76:12जकर्याह 14:12-19यशायाह 34:2-17वे बन्दियों के समान गड्ढे में इकट्ठे किए जाएँगे और बन्दीगृह में बन्द किए जाएँगे; और बहुत दिनों के बाद उनकी सुधि ली जाएगी। यह भी देखें: जकर्याह 9:11यशायाह 42:22यिर्मयाह 38:6-13तब चन्द्रमा संकुचित हो जाएगा और सूर्य लज्जित होगा; क्योंकि सेनाओं का यहोवा सिय्योन पर्वत पर और यरूशलेम में अपनी प्रजा के पुरनियों के सामने प्रताप के साथ राज्य करेगा। यह भी देखें: यशायाह 60:19यशायाह 13:10प्रकाशितवाक्य 21:23
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)14 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
यशायाह 24:1
Ver. 1. Earth. After the ten preceding threats, the prophet denounces destruction to the whole world, (W.) at the day of judgment; though he may also allude to the desolation of the promised land, as our Saviour joins both in the same prediction. Mat. xxiv. C.
↑ 1यशायाह 24:2
Ver. 2. Priest. All distinctions shall be disregarded. W. --- When Jerusalem was taken, all became captives.
↑ 2यशायाह 24:4
Ver. 4. Weakened: Joakim, &c. are made prisoners. The greatest monarchs must come before God's tribunal.
↑ 4यशायाह 24:6
Ver. 6. Sin. Towards the end of the world iniquity will abound, and men shall rage against each other. Mat. xxiv. W. --- They will also feel the effects of sin. ---
Mad: abandoned to their passions, (Deut. xxviii. 28.) excepting only the elect.
M. --- Few. The Chaldees permitted only a few of the poorest sort to remain. 2
Par. xxix. 10.
↑ 6यशायाह 24:9
Ver. 9. The drink. Heb. shecar, "palm wine."
↑ 9यशायाह 24:10
Ver. 10. Vanity. Jerusalem, (C.) or any other city, will be all in confusion. H. ---
In, as was the case in times of mourning. Jer. ix. 21. C.
↑ 10यशायाह 24:14
Ver. 14. Sea. The few elect (v. 13.) being rescued from the misery of the world, shall praise God.
H. --- They are exhorted to lift up their heads. Lu. xxi. 28. M.
↑ 14यशायाह 24:15
Ver. 15. Instruction. The Church is like an island, compared with the rest of the world; or it preaches the gospel to all nations, and to the islands, like Great Britain. W. --- Apostolic men are required to preach incessantly to all sorts of people. Heb. "in light;" or Pagn. "in vales." M.
↑ 15यशायाह 24:16
Ver. 16. I said. The prophet, or any other, may speak thus in the latter days. C.
--- Myself. I cannot recount what horrid pains I beheld. S. Jer. M. 2 Cor. xii. 4.
↑ 16यशायाह 24:17
Ver. 17. Snare. He alludes to the methods of taking wild beasts. Job xviii. 11. ---
Opened, as they were in the days of Noe. C. --- All sorts of misery hang over us.
↑ 17यशायाह 24:20
Ver. 20. Night, unexpectedly, (H.) and with the utmost speed. C.
↑ 20यशायाह 24:21
Ver. 21. High. The stars, which in many places of the Scripture are so called.
Some commentators explain that these words here signify the demons of the air. Ch. --- The apostate angels will be judged. 1 Cor. vi. 6. Mat. xxiv. 29.
↑ 21यशायाह 24:22
Ver. 22. Visited. Hence Origen (Prin. iii. 6. &c.) took occasion to assert, that the damned would one day be released, though the Scripture so often declares the contrary. The prophet speaks of the future liberation of the Jews; (C.) or he intimates that after many days, yea throughout eternity, the reprobate will still be punished. M.
↑ 22यशायाह 24:23
Ver. 23. Blush: he turned into blood. Joel ii. 10. Dreadful calamities shall ensue, to usher in the great day of judgment. C.
↑ 23लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस