
जकर्याह · IRV-HI
जकर्याह
8
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
फिर सेनाओं के यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा, “सेनाओं का यहोवा यह कहता है: सिय्योन के लिये मुझे बड़ी जलन हुई वरन् बहुत ही जलजलाहट मुझ में उत्पन्न हुई है। यह भी देखें: योएल 2:18जकर्याह 1:14-16स्तोत्र ग्रन्थ 78:58-59यहोवा यह कहता है: मैं सिय्योन में लौट आया हूँ, और यरूशलेम के बीच में वास किए रहूँगा, और यरूशलेम सच्चाई का नगर कहलाएगा, और सेनाओं के यहोवा का पर्वत, पवित्र पर्वत कहलाएगा। यह भी देखें: योहन 1:14जकर्याह 1:16यशायाह 1:26सेनाओं का यहोवा यह कहता है, यरूशलेम के चौकों में फिर बूढ़े और बूढ़ियाँ बहुत आयु की होने के कारण, अपने-अपने हाथ में लाठी लिए हुए बैठा करेंगी। यह भी देखें: यशायाह 65:20-22अय्यूब 42:171 शमूएल 2:31और नगर के चौक खेलनेवाले लड़कों और लड़कियों से भरे रहेंगे। यह भी देखें: यिर्मयाह 31:13जकर्याह 2:4यिर्मयाह 30:19-20सेनाओं का यहोवा यह कहता है: चाहे उन दिनों में यह बात इन बचे हुओं की दृष्टि में अनोखी ठहरे, परन्तु क्या मेरी दृष्टि में भी यह अनोखी ठहरेगी, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है? (भज. 118:23) यह भी देखें: यिर्मयाह 32:27लूकस 18:27लूकस 1:37सेनाओं का यहोवा यह कहता है, देखो, मैं अपनी प्रजा का उद्धार करके उसे पूरब से और पश्चिम से ले आऊँगा; यह भी देखें: यिर्मयाह 31:8आमोस 9:14-15मलाकी 1:11और मैं उन्हें ले आकर यरूशलेम के बीच में बसाऊँगा; और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे और मैं उनका परमेश्वर ठहरूँगा, यह तो सच्चाई और धार्मिकता के साथ होगा।” यह भी देखें: यहेजकेल 36:28यहेजकेल 11:20यिर्मयाह 31:33सेनाओं का यहोवा यह कहता है, “तुम इन दिनों में ये वचन उन भविष्यद्वक्ताओं के मुख से सुनते हो जो सेनाओं के यहोवा के भवन की नींव डालने के समय अर्थात् मन्दिर के बनने के समय में थे। यह भी देखें: यशायाह 35:4एज्रा 5:1-2इफिसियों 6:10उन दिनों के पहले, न तो मनुष्य की मजदूरी मिलती थी और न पशु का भाड़ा, वरन् सतानेवालों के कारण न तो आनेवाले को चैन मिलता था और न जानेवाले को; क्योंकि मैं सब मनुष्यों से एक दूसरे पर चढ़ाई कराता था। यह भी देखें: हाग्गै 1:6-11यशायाह 19:2आमोस 9:4परन्तु अब मैं इस प्रजा के बचे हुओं से ऐसा बर्ताव न करूँगा जैसा कि पिछले दिनों में करता था, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है। यह भी देखें: यशायाह 12:1हाग्गै 2:19स्तोत्र ग्रन्थ 103:9क्योंकि अब शान्ति के समय की उपज अर्थात् दाखलता फला करेगी, पृथ्वी अपनी उपज उपजाया करेगी, और आकाश से ओस गिरा करेगी; क्योंकि मैं अपनी इस प्रजा के बचे हुओं को इन सब का अधिकारी कर दूँगा। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 26:4-5व्यवस्थाविवरण 33:13मत्ती 6:33हे यहूदा के घराने, और इस्राएल के घराने, जिस प्रकार तुम अन्यजातियों के बीच श्राप के कारण थे उसी प्रकार मैं तुम्हारा उद्धार करूँगा, और तुम आशीष के कारण होगे। इसलिए तुम मत डरो, और न तुम्हारे हाथ ढीले पड़ने पाएँ।” यह भी देखें: 1 कुरिन्थियों 16:13उत्पत्ति 12:2-3सपन्याह 3:20क्योंकि सेनाओं का यहोवा यह कहता है: “जिस प्रकार जब तुम्हारे पुरखा मुझे क्रोध दिलाते थे, तब मैंने उनकी हानि करने की ठान ली थी और फिर न पछताया, यह भी देखें: यहेजकेल 24:14यिर्मयाह 31:28यिर्मयाह 4:28उसी प्रकार मैंने इन दिनों में यरूशलेम की और यहूदा के घराने की भलाई करने की ठान ली है; इसलिए तुम मत डरो। यह भी देखें: जकर्याह 8:13मीका 7:18-20लूकस 12:32जो-जो काम तुम्हें करना चाहिये, वे ये हैं: एक दूसरे के साथ सत्य बोला करना, अपनी कचहरियों में सच्चाई का और मेल मिलाप की नीति का न्याय करना, (इफि. 4:25) यह भी देखें: इफिसियों 4:25जकर्याह 7:9स्तोत्र ग्रन्थ 15:2और अपने-अपने मन में एक दूसरे की हानि की कल्पना न करना, और झूठी शपथ से प्रीति न रखना, क्योंकि इन सब कामों से मैं घृणा करता हूँ, यहोवा की यही वाणी है।” यह भी देखें: नीतिवचन 6:16-19मलाकी 3:5मीका 2:1-3फिर सेनाओं के यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा, “सेनाओं का यहोवा यह कहता है: चौथे, पाँचवें, सातवें और दसवें महीने में जो-जो उपवास के दिन होते हैं, वे यहूदा के घराने के लिये हर्ष और आनन्द और उत्सव के पर्वों के दिन हो जाएँगे; इसलिए अब तुम सच्चाई और मेल मिलाप से प्रीति रखो। यह भी देखें: यिर्मयाह 39:2जकर्याह 8:16जकर्याह 7:5“सेनाओं का यहोवा यह कहता है: ऐसा समय आनेवाला है कि देश-देश के लोग और बहुत नगरों के रहनेवाले आएँगे। यह भी देखें: यशायाह 2:2-3जकर्याह 2:11मीका 4:1-2और एक नगर के रहनेवाले दूसरे नगर के रहनेवालों के पास जाकर कहेंगे, ‘यहोवा से विनती करने और सेनाओं के यहोवा को ढूँढ़ने के लिये चलो; मैं भी चलूँगा।’ यह भी देखें: जकर्याह 7:2स्तोत्र ग्रन्थ 146:1-2होशे 6:3बहुत से देशों के वरन् सामर्थी जातियों के लोग यरूशलेम में सेनाओं के यहोवा को ढूँढ़ने और यहोवा से विनती करने के लिये आएँगे। यह भी देखें: जकर्याह 8:21यशायाह 25:7प्रकाशितवाक्य 21:24सेनाओं का यहोवा यह कहता है: उन दिनों में भाँति-भाँति की भाषा बोलनेवाली सब जातियों में से दस मनुष्य, एक यहूदी पुरुष के वस्त्र की छोर को यह कहकर पकड़ लेंगे, ‘हम तुम्हारे संग चलेंगे, क्योंकि हमने सुना है कि परमेश्वर तुम्हारे साथ है।’” यह भी देखें: यशायाह 55:5यशायाह 45:141 कुरिन्थियों 14:25
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
इस अंश के लिए अभी कोई समीक्षित मनन नहीं।
टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)12 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
जकर्याह 8:2
Ver. 2. Jealous for her, treating her as a spouse, (C.) and not neglecting her as one incorrigible.
H.
↑ 2जकर्याह 8:3
यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।
Ver. 3. Truth. Idols and infidelity shall reign there no more. The Jews were more faithful after the captivity. But the Church of Christ is alone perfectly chaste. C.
↑ 3जकर्याह 8:6
Ver. 6. Days. If no prospect of such happiness now appear, is any thing difficult to Omnipotence? H. Lu. i. 37.
↑ 6जकर्याह 8:7
Ver. 7. Sun, from Chaldea and the islands. This chiefly regards the Christian Church. C. ---
Assyria and Chaldea lay to the north. The promises are too great for the synagogue. W.
↑ 7जकर्याह 8:8
Ver. 8. Justice. I will fulfil my promises, if they adhere to virtue. C.
↑ 8जकर्याह 8:10
Ver. 10. Hire, or "reward;" merces. H. --- All their toils proved useless: (C.) the land would not yield her fruit. H. See Agg. ii. 16. --- The temple had now been building two years, and then God sent his prophets and many blessings. ---
Neighbour. Civil broils and the enemy rendered all wretched. 1 Esd. iv.
↑ 10जकर्याह 8:13
Ver. 13. Blessing. As the nations could wish no greater curse than what you have experienced, so you shall now be regarded as a most happy people.
↑ 13जकर्याह 8:16
Ver. 16. Of peace, or perfect. Shew no partiality.
↑ 16जकर्याह 8:17
Ver. 17. Friend means every neighbour, or all mankind. Lu. x. 27. 36. Even thoughts must be guarded. C.
↑ 17जकर्याह 8:19
Ver. 19. Fast. They fasted on the ninth day of the fourth month, because on that day Nabuchodonosor took Jerusalem. Jer. lii. 6. On the tenth day of the fifth month, because on that day the temple was burnt. Jer. lii. 12. On the third day of the seventh month, for the murder of Godolias. Jer. xli. 2. And on the tenth day of the tenth month, because on that day the Chaldeans began to besiege Jerusalem. 4 K. xxv. 1. All these fasts, if they will be obedient for the future, shall be changed (as is here promised) into joyful solemnities. Ch. --- They had only inquired about the fasts of the fifth and seventh months but the two others were also to be omitted in times of joy. W. --- The Jews still observe all four. Basnage v. 16. --- They fast on the seventeenth of the fourth month, because the breach was then made in the walls, (C.) and Moses broke the tables of the law, according to the Jews, in S. Jer. The ninth of the fifth month is also kept instead of the tenth, on which day the city was taken by the Chaldees; (C.) and the Romans burnt the temple in the same month, as the Israelites had then formerly been sentenced to wander in the desert. S.
Jer. --- It would be difficult for the Jews to prove all these assertions.
↑ 19जकर्याह 8:22
Ver. 22. Lord. Many were converted in the days of Esther, (viii. 17.) and the Pharisees were eager to make proselytes in all parts, when Christ preached.
Mat. xxiii. 15. Acts ii. 11. Yet we must go to the Church to see this fully accomplished. C.
↑ 22जकर्याह 8:23
Ver. 23. Ten men, &c. Many of the Gentiles became proselytes to the Jewish religion before Christ; but many more were converted to Christ by the apostles and other preachers of the Jewish nation. Ch. --- Skirt, or hem, by which the Jews were distinguished. Num. xv. 38. Mat. ix. 20.
C.
↑ 23लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस