
1 इतिहास · IRV-HI
1 इतिहास
17
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
जब दाऊद अपने भवन में रहने लगा, तब दाऊद ने नातान नबी से कहा, “देख, मैं तो देवदार के बने हुए घर में रहता हूँ, परन्तु यहोवा की वाचा का सन्दूक तम्बू में रहता है।” यह भी देखें: 1 इतिहास 15:12 इतिहास 6:7-91 इतिहास 17:5नातान ने दाऊद से कहा, “जो कुछ तेरे मन में हो उसे कर, क्योंकि परमेश्वर तेरे संग है।” यह भी देखें: 1 इतिहास 28:21 कुरिन्थियों 13:91 शमूएल 10:7उसी दिन-रात को परमेश्वर का यह वचन नातान के पास पहुँचा, “जाकर मेरे दास दाऊद से कह, यह भी देखें: आमोस 3:7यशायाह 30:212 राजाओं 20:1-5‘यहोवा यह कहता है: मेरे निवास के लिये तू घर बनवाने न पाएगा। यह भी देखें: 1 इतिहास 28:2-32 शमूएल 7:4-5यशायाह 55:8-9क्योंकि जिस दिन से मैं इस्राएलियों को मिस्र से ले आया, आज के दिन तक मैं कभी घर में नहीं रहा; परन्तु एक तम्बू से दूसरे तम्बू को और एक निवास से दूसरे निवास को आया-जाया करता हूँ। यह भी देखें: 2 शमूएल 7:6यशायाह 66:1-21 राजाओं 8:16जहाँ-जहाँ मैंने सब इस्राएलियों के बीच आना-जाना किया, क्या मैंने इस्राएल के न्यायियों में से जिनको मैंने अपनी प्रजा की चरवाही करने को ठहराया था, किसी से ऐसी बात कभी कही कि तुम लोगों ने मेरे लिये देवदार का घर क्यों नहीं बनवाया? यह भी देखें: 2 शमूएल 7:7गिनती 10:33-361 इतिहास 11:2अत: अब तू मेरे दास दाऊद से ऐसा कह, कि सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि मैंने तो तुझको भेड़शाला से और भेड़-बकरियों के पीछे-पीछे फिरने से इस मनसा से बुला लिया, कि तू मेरी प्रजा इस्राएल का प्रधान हो जाए; यह भी देखें: 2 शमूएल 6:21निर्गमन 3:1-10स्तोत्र ग्रन्थ 78:70-71और जहाँ कहीं तू आया और गया, वहाँ मैं तेरे संग रहा, और तेरे सब शत्रुओं को तेरे सामने से नष्ट किया है। अब मैं तेरे नाम को पृथ्वी के बड़े-बड़े लोगों के नामों के समान बड़ा कर दूँगा। यह भी देखें: 1 शमूएल 18:141 इतिहास 17:2स्तोत्र ग्रन्थ 113:7-8और मैं अपनी प्रजा इस्राएल के लिये एक स्थान ठहराऊँगा, और उसको स्थिर करूँगा कि वह अपने ही स्थान में बसी रहे और कभी चलायमान न हो; और कुटिल लोग उनको नाश न करने पाएँगे, जैसे कि पहले दिनों में करते थे, यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 21:4यहेजकेल 36:14-15इफिसियों 5:6वरन् उस समय भी जब मैं अपनी प्रजा इस्राएल के ऊपर न्यायी ठहराता था; अतः मैं तेरे सब शत्रुओं को दबा दूँगा। फिर मैं तुझे यह भी बताता हूँ, कि यहोवा तेरा घर बनाए रखेगा। यह भी देखें: 2 शमूएल 7:11स्तोत्र ग्रन्थ 89:23स्तोत्र ग्रन्थ 18:40-50जब तेरी आयु पूरी हो जाएगी और तुझे अपने पितरों के संग जाना पड़ेगा, तब मैं तेरे बाद तेरे वंश को जो तेरे पुत्रों में से होगा, खड़ा करके उसके राज्य को स्थिर करूँगा। (1 राजा. 2:10,11, 2 शमू. 7:12) यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 132:112 शमूएल 7:12-13यिर्मयाह 23:5-6मेरे लिये एक घर वही बनाएगा, और मैं उसकी राजगद्दी को सदैव स्थिर रखूँगा। यह भी देखें: दानिय्येल 2:44यशायाह 9:71 राजाओं 5:5मैं उसका पिता ठहरूँगा और वह मेरा पुत्र ठहरेगा; और जैसे मैंने अपनी करुणा उस पर से जो तुझ से पहले था हटाई, वैसे मैं उस पर से न हटाऊँगा, (2 शमू. 7:14) यह भी देखें: इब्रानियों 1:5स्तोत्र ग्रन्थ 2:71 शमूएल 15:28वरन् मैं उसको अपने घर और अपने राज्य में सदैव स्थिर रखूँगा और उसकी राजगद्दी सदैव अटल रहेगी।’” (2 शमू. 7:16) यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 89:36लूकस 1:32-33स्तोत्र ग्रन्थ 72:17इन सब बातों और इस दर्शन के अनुसार नातान ने दाऊद को समझा दिया। यह भी देखें: 2 शमूएल 7:17प्रेरित-चरित 20:27यिर्मयाह 23:28तब दाऊद राजा भीतर जाकर यहोवा के सम्मुख बैठा, और कहने लगा, “हे यहोवा परमेश्वर! मैं क्या हूँ? और मेरा घराना क्या है? कि तूने मुझे यहाँ तक पहुँचाया है? यह भी देखें: 2 शमूएल 7:18इफिसियों 3:8उत्पत्ति 32:10हे परमेश्वर! यह तेरी दृष्टि में छोटी सी बात हुई, क्योंकि तूने अपने दास के घराने के विषय भविष्य के बहुत दिनों तक की चर्चा की है, और हे यहोवा परमेश्वर! तूने मुझे ऊँचे पद का मनुष्य सा जाना है। यह भी देखें: यशायाह 49:6फिलिप्पियों 2:8-111 इतिहास 17:11-15जो महिमा तेरे दास पर दिखाई गई है, उसके विषय दाऊद तुझ से और क्या कह सकता है? तू तो अपने दास को जानता है। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 139:11 शमूएल 16:7प्रकाशितवाक्य 2:23हे यहोवा! तूने अपने दास के निमित्त और अपने मन के अनुसार यह बड़ा काम किया है, कि तेरा दास उसको जान ले। यह भी देखें: यशायाह 37:35यशायाह 49:5-6इफिसियों 1:9-11हे यहोवा! जो कुछ हमने अपने कानों से सुना है, उसके अनुसार तेरे तुल्य कोई नहीं, और न तुझे छोड़ और कोई परमेश्वर है। यह भी देखें: यशायाह 44:6निर्गमन 15:11इफिसियों 3:20फिर तेरी प्रजा इस्राएल के भी तुल्य कौन है? वह तो पृथ्वी भर में एक ही जाति है, उसे परमेश्वर ने जाकर अपनी निज प्रजा करने को छुड़ाया, इसलिए कि तू बड़े और डरावने काम करके अपना नाम करे, और अपनी प्रजा के सामने से जो तूने मिस्र से छुड़ा ली थी, जाति-जाति के लोगों को निकाल दे। यह भी देखें: यहेजकेल 20:9-10यशायाह 48:9स्तोत्र ग्रन्थ 77:15क्योंकि तूने अपनी प्रजा इस्राएल को अपनी सदा की प्रजा होने के लिये ठहराया, और हे यहोवा! तू आप उसका परमेश्वर ठहरा। यह भी देखें: निर्गमन 19:5-61 पतरस 2:9उत्पत्ति 17:7इसलिए, अब हे यहोवा, तूने जो वचन अपने दास के और उसके घराने के विषय दिया है, वह सदैव अटल रहे, और अपने वचन के अनुसार ही कर। यह भी देखें: यिर्मयाह 11:5स्तोत्र ग्रन्थ 119:49उत्पत्ति 32:12और तेरा नाम सदैव अटल रहे, और यह कहकर तेरी बड़ाई सदा की जाए, कि सेनाओं का यहोवा इस्राएल का परमेश्वर है, वरन् वह इस्राएल ही के लिये परमेश्वर है, और तेरे दास दाऊद का घराना तेरे सामने स्थिर रहे। यह भी देखें: योहन 17:1इब्रानियों 11:16योहन 12:28क्योंकि हे मेरे परमेश्वर, तूने यह कहकर अपने दास पर प्रगट किया है कि मैं तेरा घर बनाए रखूँगा, इस कारण तेरे दास को तेरे सम्मुख प्रार्थना करने का हियाव हुआ है। यह भी देखें: यहेजकेल 36:371 योहन 5:14-151 शमूएल 9:15और अब हे यहोवा तू ही परमेश्वर है, और तूने अपने दास को यह भलाई करने का वचन दिया है; यह भी देखें: तीतुस 1:2इब्रानियों 6:18निर्गमन 34:6-7और अब तूने प्रसन्न होकर, अपने दास के घराने पर ऐसी आशीष दी है, कि वह तेरे सम्मुख सदैव बना रहे, क्योंकि हे यहोवा, तू आशीष दे चुका है, इसलिए वह सदैव आशीषित बना रहे।” यह भी देखें: इफिसियों 1:3रोमियों 11:29स्तोत्र ग्रन्थ 72:17
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)9 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
1 इतिहास 17:1
Ver. 1. Cedar. Such were esteemed the most magnificent, v. 6. See 2 K. vii.
↑ 11 इतिहास 17:9
Ver. 9. A place permanent and secure, while I have had no fixed abode. C. ---
No more, for a long time: and unless they provoke me by their crimes, as they did afterwards, and were exposed to more severe chastisements. Constant rest is not always expedient. T.
↑ 91 इतिहास 17:11
Ver. 11. Seed, even till Christ shall be born of the Blessed Virgin, of the family of David.
↑ 111 इतिहास 17:12
Ver. 12. Ever often means only a long duration. The dominion of Christ shall have no end. C.
--- The Church founded by this true David, (H.) falls heir to these promises. D.
↑ 121 इतिहास 17:13
Ver. 13. Thee. The posterity of Saul lost the throne. H. --- If Solomon was reprobated, his children were permitted to reign. It is also presumed that he did penance; though this is not certain.
↑ 131 इतिहास 17:17
Ver. 17. Men. Who was ever more favoured by God than David? Heb. "Thou hast regarded me according to the estate of a man of high degree." Prot. H.
↑ 171 इतिहास 17:18
Ver. 18. Known him. Treating him with love and tenderness, as a friend. How can David sufficiently testify his gratitude?
↑ 181 इतिहास 17:21
Ver. 21. Himself. Heb. adds, "and to make thee a name."
↑ 211 इतिहास 17:27
Ver. 27. Begun. Heb. "be pleased, (H.) or thou hast had the goodness to bless."
Syr. "I pray thee bless."
↑ 27लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस