
1 इतिहास · IRV-HI
1 इतिहास
16
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
तब परमेश्वर का सन्दूक ले आकर उस तम्बू में रखा गया जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और परमेश्वर के सामने होमबलि और मेलबलि चढ़ाए गए। यह भी देखें: 1 इतिहास 15:1एज्रा 6:16-182 शमूएल 6:17-19जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा चुका, तब उसने यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया। यह भी देखें: उत्पत्ति 47:10यहोशू 22:62 इतिहास 30:27और उसने क्या पुरुष, क्या स्त्री, सब इस्राएलियों को एक-एक रोटी और एक-एक टुकड़ा माँस और किशमिश की एक-एक टिकिया बँटवा दी। यह भी देखें: यहेजकेल 45:17नहेम्याह 8:101 पतरस 4:9तब उसने कई लेवियों को इसलिए ठहरा दिया, कि यहोवा के सन्दूक के सामने सेवा टहल किया करें, और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की चर्चा और उसका धन्यवाद और स्तुति किया करें। यह भी देखें: 1 इतिहास 24:3स्तोत्र ग्रन्थ 105:5स्तोत्र ग्रन्थ 103:2उनका मुखिया तो आसाप था, और उसके नीचे जकर्याह था, फिर यीएल, शमीरामोत, यहीएल, मत्तित्याह, एलीआब, बनायाह, ओबेदेदोम और यीएल थे; ये तो सारंगियाँ और वीणाएँ लिये हुए थे, और आसाप झाँझ पर राग बजाता था। यह भी देखें: 1 इतिहास 6:391 इतिहास 15:16-241 इतिहास 25:1-6बनायाह और यहजीएल नामक याजक परमेश्वर की वाचा के सन्दूक के सामने नित्य तुरहियां बजाने के लिए नियुक्त किए गए। यह भी देखें: 2 इतिहास 29:26-282 इतिहास 13:122 इतिहास 5:12-13तब उसी दिन दाऊद ने यहोवा का धन्यवाद करने का काम आसाप और उसके भाइयों को सौंप दिया। यह भी देखें: 2 शमूएल 22:1स्तोत्र ग्रन्थ 18:12 शमूएल 23:1-2यहोवा का धन्यवाद करो, उससे प्रार्थना करो; देश-देश में उसके कामों का प्रचार करो। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 105:1-15यशायाह 12:42 राजाओं 19:19उसका गीत गाओ, उसका भजन करो, उसके सब आश्चर्यकर्मों का ध्यान करो। यह भी देखें: कुलुस्सियों 3:16याकूब 5:13स्तोत्र ग्रन्थ 96:1-3उसके पवित्र नाम पर घमण्ड करो; यहोवा के खोजियों का हृदय आनन्दित हो। यह भी देखें: मत्ती 7:7-8यिर्मयाह 29:13नीतिवचन 8:17यहोवा और उसकी सामर्थ्य की खोज करो; उसके दर्शन के लिए लगातार खोज करो। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 27:8-9सपन्याह 2:2-3स्तोत्र ग्रन्थ 68:35उसके किए हुए आश्चर्यकर्म, उसके चमत्कार और न्यायवचन स्मरण करो। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 111:4स्तोत्र ग्रन्थ 119:20स्तोत्र ग्रन्थ 103:2हे उसके दास इस्राएल के वंश, हे याकूब की सन्तान तुम जो उसके चुने हुए हो! यह भी देखें: 1 पतरस 2:9निर्गमन 19:5-6स्तोत्र ग्रन्थ 135:4वही हमारा परमेश्वर यहोवा है, उसके न्याय के काम पृथ्वी भर में होते हैं। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 48:10-11यशायाह 26:9निर्गमन 15:2उसकी वाचा को सदा स्मरण रखो, यह वही वचन है जो उसने हजार पीढ़ियों के लिये ठहरा दिया। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 105:8व्यवस्थाविवरण 7:9मलाकी 4:4वह वाचा उसने अब्राहम के साथ बाँधी और उसी के विषय उसने इसहाक से शपथ खाई, यह भी देखें: उत्पत्ति 17:2उत्पत्ति 26:3उत्पत्ति 35:11और उसी को उसने याकूब के लिये विधि करके और इस्राएल के लिये सदा की वाचा बाँधकर यह कहकर दृढ़ किया, यह भी देखें: उत्पत्ति 17:7-8उत्पत्ति 35:11-12यहोशू 24:11-13“मैं कनान देश तुझी को दूँगा, वह बाँट में तुम्हारा निज भाग होगा।” यह भी देखें: उत्पत्ति 13:15व्यवस्थाविवरण 32:8गिनती 26:53-56उस समय तो तुम गिनती में थोड़े थे, बल्कि बहुत ही थोड़े और उस देश में परदेशी थे। यह भी देखें: उत्पत्ति 34:30व्यवस्थाविवरण 7:7इब्रानियों 11:13और वे एक जाति से दूसरी जाति में, और एक राज्य से दूसरे में फिरते तो रहे, यह भी देखें: उत्पत्ति 46:3उत्पत्ति 46:6उत्पत्ति 12:10परन्तु उसने किसी मनुष्य को उन पर अंधेर करने न दिया; और वह राजाओं को उनके निमित्त यह धमकी देता था, यह भी देखें: उत्पत्ति 20:3उत्पत्ति 12:17उत्पत्ति 31:29“मेरे अभिषिक्तों को मत छुओ, और न मेरे नबियों की हानि करो।” यह भी देखें: उत्पत्ति 20:7स्तोत्र ग्रन्थ 105:15उत्पत्ति 49:8-10हे समस्त पृथ्वी के लोगों यहोवा का गीत गाओ। प्रतिदिन उसके किए हुए उद्धार का शुभ समाचार सुनाते रहो। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 96:1-13स्तोत्र ग्रन्थ 71:15यशायाह 51:6-8अन्यजातियों में उसकी महिमा का, और देश-देश के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो। यह भी देखें: यशायाह 12:2-6स्तोत्र ग्रन्थ 22:27दानिय्येल 4:1-3क्योंकि यहोवा महान और स्तुति के अति योग्य है, वह तो सब देवताओं से अधिक भययोग्य है। यह भी देखें: प्रकाशितवाक्य 15:3-4स्तोत्र ग्रन्थ 66:3-5यिर्मयाह 10:6-10क्योंकि देश-देश के सब देवता मूर्तियाँ ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 102:25यशायाह 42:5यशायाह 44:24उसके चारों ओर वैभव और ऐश्वर्य है; उसके स्थान में सामर्थ्य और आनन्द है। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 96:6स्तोत्र ग्रन्थ 16:11स्तोत्र ग्रन्थ 43:2-4हे देश-देश के कुलों, यहोवा का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को मानो। यह भी देखें: 1 कुरिन्थियों 15:10फिलिप्पियों 4:13स्तोत्र ग्रन्थ 100:1-2यहोवा के नाम की महिमा ऐसी मानो जो उसके नाम के योग्य है। भेंट लेकर उसके सम्मुख आओ, पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत् करो। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 100:4स्तोत्र ग्रन्थ 96:9यशायाह 6:3हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके सामने थरथराओ! जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 33:9इब्रानियों 1:3स्तोत्र ग्रन्थ 148:5-6आकाश आनन्द करे और पृथ्वी मगन हो, और जाति-जाति में लोग कहें, “यहोवा राजा हुआ है।” यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 96:10स्तोत्र ग्रन्थ 99:1प्रकाशितवाक्य 19:6समुद्र और उसमें की सब वस्तुएँ गरज उठें, मैदान और जो कुछ उसमें है सो प्रफुल्लित हों। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 98:7-8यशायाह 44:23स्तोत्र ग्रन्थ 93:4उसी समय वन के वृक्ष यहोवा के सामने जयजयकार करें, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 96:12-13स्तोत्र ग्रन्थ 98:92 पतरस 3:14यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; उसकी करुणा सदा की है। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 106:12 इतिहास 7:3एज्रा 3:11और यह कहो, “हे हमारे उद्धार करनेवाले परमेश्वर हमारा उद्धार कर, और हमको इकट्ठा करके अन्यजातियों से छुड़ा, कि हम तेरे पवित्र नाम का धन्यवाद करें, और तेरी स्तुति करते हुए तेरे विषय बड़ाई करें। (भज. 106:47) यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 106:47-481 पतरस 2:9स्तोत्र ग्रन्थ 79:9-10अनादिकाल से अनन्तकाल तक इस्राएल का परमेश्वर यहोवा धन्य है।” तब सब प्रजा ने “आमीन” कहा: और यहोवा की स्तुति की। (भज. 106:48) यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 72:18-191 राजाओं 8:151 राजाओं 8:56तब उसने वहाँ अर्थात् यहोवा की वाचा के सन्दूक के सामने आसाप और उसके भाइयों को छोड़ दिया, कि प्रतिदिन के प्रयोजन के अनुसार वे सन्दूक के सामने नित्य सेवा टहल किया करें, यह भी देखें: 2 इतिहास 8:14एज्रा 3:41 इतिहास 25:1-6और अड़सठ भाइयों समेत ओबेदेदोम को, और द्वारपालों के लिये यदूतून के पुत्र ओबेदेदोम और होसा को छोड़ दिया। यह भी देखें: 1 इतिहास 26:101 इतिहास 13:141 इतिहास 26:4-8फिर उसने सादोक याजक और उसके भाई याजकों को यहोवा के निवास के सामने, जो गिबोन के ऊँचे स्थान में था, ठहरा दिया, यह भी देखें: 1 राजाओं 3:41 इतिहास 15:111 इतिहास 12:28कि वे नित्य सवेरे और साँझ को होमबलि की वेदी पर यहोवा को होमबलि चढ़ाया करें, और उन सब के अनुसार किया करें, जो यहोवा की व्यवस्था में लिखा है, जिसे उसने इस्राएल को दिया था। यह भी देखें: गिनती 28:3-8निर्गमन 29:38-422 इतिहास 2:4और उनके संग उसने हेमान और यदूतून और दूसरों को भी जो नाम लेकर चुने गए थे ठहरा दिया, कि यहोवा की सदा की करुणा के कारण उसका धन्यवाद करें। यह भी देखें: 2 इतिहास 5:131 इतिहास 25:1-62 इतिहास 20:21और उनके संग उसने हेमान और यदूतून को बजानेवालों के लिये तुरहियां और झाँझें और परमेश्वर के गीत गाने के लिये बाजे दिए, और यदूतून के बेटों को फाटक की रखवाली करने को ठहरा दिया। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 84:10स्तोत्र ग्रन्थ 150:3-61 इतिहास 25:6-7तब प्रजा के सब लोग अपने-अपने घर चले गए, और दाऊद अपने घराने को आशीर्वाद देने लौट गया। यह भी देखें: 2 शमूएल 6:19-201 राजाओं 8:66उत्पत्ति 18:19
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
इस अंश के लिए अभी कोई समीक्षित मनन नहीं।
टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)16 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
1 इतिहास 16:2
Ver. 2. Lord, wishing them all felicity, and making them presents, like the master of a family, v.
43, and 2 K. vi. 18. C. --- Any superior may bless. W.
↑ 21 इतिहास 16:3
Ver. 3. Oil. The precise signification of the Heb. Ashisha, is not known. C. ---
Prot. "a flagon of wine. " H. --- It denotes any thing "exhilarating." T. D.
↑ 31 इतिहास 16:4
Ver. 4. Appointed, as a prophet, (H.) or by dispensation. The high priest has supreme spiritual power. Deut. xvii. 18. &c. W.
↑ 41 इतिहास 16:5
Ver. 5. Zacharias, at the head of the second band. These played on the nable and kinnor, as the women did not sing in the tabernacle. Jahiel should be Oziel, (C. xv. 18, &c. C.) unless he be the same person. C. xv. 18. H. ---
Instruments. Lit. "organs." H. --- Heb. "the instruments of nables." Vat. M.
↑ 51 इतिहास 16:6
Ver. 6. Jaziel. We read Eliezer, &c. C. xv. 24. --- Continually. At the appointed times.
↑ 61 इतिहास 16:7
Ver. 7. Made. Heb. "gave first, to thank the Lord, into the hand of Asaph and his brethren this psalm, " (H.) in order the 104th; and from v. 23 we find the 95th in the Psalter, with some improvements. T.
↑ 71 इतिहास 16:11
Ver. 11. Power. The ark was frequently the instrument of God's power; and his people are exhorted to present themselves to pray before it. C. --- God seemed to dwell there, and often displayed his wonders. D.
↑ 111 इतिहास 16:13
Ver. 13. Israel. In Ps. civ. Abraham.
↑ 131 इतिहास 16:22
Ver. 22. Prophets. The ancient patriarchs ruled their families as kings, and directed them by word and example, like the most holy prophets. C. --- Both are frequently styled anointed. H.
↑ 221 इतिहास 16:27
Ver. 27. Place. In Ps. xcv. 6. holiness and majesty in his sanctuary. Heb.
"strength and beauty in," &c. God is served in his tabernacle with piety.
↑ 271 इतिहास 16:29
Ver. 29. Sacrifice, of flour and wine. --- Beauty. Heb. "in the beauty of his sanctuary." Ps.
Come into his courts: adore ye the Lord in his holy court.
↑ 291 इतिहास 16:30
Ver. 30. Presence. Here the psalm adds, say ye among, as v. 31.
↑ 301 इतिहास 16:35
Ver. 35. And say, &c. is not in the psalm; and it seems not to agree with the flourishing state of David's kingdom: yet he might speak with the spirit of prophecy, or with that all his subjects might live in happiness and concord under him. C. --- Others think that Esdras inserted these verses to be sung in the second temple, (Lyran. E.) when many still remained in captivity. Yet them may refer to the time of Christ. D.
↑ 351 इतिहास 16:36
Ver. 36. And sing. Heb. "and Alleluia," or, "all...said, (or shall say) truth and praise be to the Lord."
↑ 361 इतिहास 16:39
Ver. 39. Sadoc was to minister at Gabaon, with Heman, Idithun, &c. while Abiathar, Asaph, &c.
officiated at Jerusalem. C. --- This regulation continued till towards the end of David's reign, (H.) when fresh orders were given. C. xxiii. &c. We find Abiathar and Sadoc were both at Jerusalem, when David was obliged to flee. 2 K. xv. 24.
and 3 K. i. 7. The altar at Gabaon continued some time longer. 3 K. iii. 3.
↑ 391 इतिहास 16:43
Ver. 43. Bless, or feast, (D.) with his family, on part of the sacred victims. H.
↑ 43लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस