
नीतिवचन · IRV-HI
नीतिवचन
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बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
कल के दिन के विषय में डींग मत मार, क्योंकि तू नहीं जानता कि दिन भर में क्या होगा। (याकू. 4:13,14) यह भी देखें: याकूब 4:13-16लूकस 12:19-202 कुरिन्थियों 6:2तेरी प्रशंसा और लोग करें तो करें, परन्तु तू आप न करना; दूसरा तुझे सराहे तो सराहे, परन्तु तू अपनी सराहना न करना। यह भी देखें: 2 कुरिन्थियों 10:18नीतिवचन 25:272 कुरिन्थियों 10:12पत्थर तो भारी है और रेत में बोझ है, परन्तु मूर्ख का क्रोध, उन दोनों से भी भारी है। यह भी देखें: दानिय्येल 3:191 योहन 3:12नीतिवचन 17:12क्रोध की क्रूरता और प्रकोप की बाढ़, परन्तु ईर्ष्या के सामने कौन ठहर सकता है? यह भी देखें: नीतिवचन 6:34नीतिवचन 14:30याकूब 3:14-16खुली हुई डाँट गुप्त प्रेम से उत्तम है। यह भी देखें: नीतिवचन 28:231 तीमुथियुस 5:20गलातियों 2:14जो घाव मित्र के हाथ से लगें वह विश्वासयोग्य हैं परन्तु बैरी अधिक चुम्बन करता है। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 141:5प्रकाशितवाक्य 3:19अय्यूब 5:17-18सन्तुष्ट होने पर मधु का छत्ता भी फीका लगता है, परन्तु भूखे को सब कड़वी वस्तुएँ भी मीठी जान पड़ती हैं। यह भी देखें: लूकस 15:16-17गिनती 21:5गिनती 11:18-20स्थान छोड़कर घूमनेवाला मनुष्य उस चिड़िया के समान है, जो घोंसला छोड़कर उड़ती फिरती है। यह भी देखें: नीतिवचन 21:16योना 1:31 कुरिन्थियों 7:20जैसे तेल और सुगन्ध से, वैसे ही मित्र के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है। यह भी देखें: नीतिवचन 16:23-24स्तोत्र ग्रन्थ 23:5नीतिवचन 16:21जो तेरा और तेरे पिता का भी मित्र हो उसे न छोड़ना; और अपनी विपत्ति के दिन, अपने भाई के घर न जाना। प्रेम करनेवाला पड़ोसी, दूर रहनेवाले भाई से कहीं उत्तम है। यह भी देखें: नीतिवचन 18:24नीतिवचन 17:171 राजाओं 12:6-8हे मेरे पुत्र, बुद्धिमान होकर मेरा मन आनन्दित कर, तब मैं अपने निन्दा करनेवाले को उत्तर दे सकूँगा। यह भी देखें: नीतिवचन 10:1स्तोत्र ग्रन्थ 119:42नीतिवचन 23:15-16बुद्धिमान मनुष्य विपत्ति को आती देखकर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़े चले जाते और हानि उठाते हैं। यह भी देखें: नीतिवचन 22:3नीतिवचन 18:10इब्रानियों 11:7जो पराए का उत्तरदायी हो उसका कपड़ा, और जो अनजान का उत्तरदायी हो उससे बन्धक की वस्तु ले ले। यह भी देखें: नीतिवचन 20:16नीतिवचन 6:1-4नीतिवचन 22:26-27जो भोर को उठकर अपने पड़ोसी को ऊँचे शब्द से आशीर्वाद देता है, उसके लिये यह श्राप गिना जाता है। यह भी देखें: 2 शमूएल 16:16-19प्रेरित-चरित 12:22-23यिर्मयाह 28:2-4झड़ी के दिन पानी का लगातार टपकना, और झगड़ालू पत्नी दोनों एक से हैं; यह भी देखें: नीतिवचन 19:13नीतिवचन 21:9नीतिवचन 21:19जो उसको रोक रखे, वह वायु को भी रोक रखेगा और दाहिने हाथ से वह तेल पकड़ेगा। यह भी देखें: योहन 12:3जैसे लोहा लोहे को चमका देता है, वैसे ही मनुष्य का मुख अपने मित्र की संगति से चमकदार हो जाता है। यह भी देखें: इब्रानियों 10:24नीतिवचन 27:9अय्यूब 4:3-4जो अंजीर के पेड़ की रक्षा करता है वह उसका फल खाता है, इसी रीति से जो अपने स्वामी की सेवा करता उसकी महिमा होती है। यह भी देखें: 1 कुरिन्थियों 9:72 तीमुथियुस 2:6श्रेष्ठगीत 8:12जैसे जल में मुख की परछाई मुख को प्रगट करती है, वैसे ही मनुष्य का मन मनुष्य को प्रगट करती है। यह भी देखें: याकूब 1:22-25स्तोत्र ग्रन्थ 33:15मारकुस 7:21जैसे अधोलोक और विनाशलोक, वैसे ही मनुष्य की आँखें भी तृप्त नहीं होती। यह भी देखें: सभोपदेशक 1:81 योहन 2:16नीतिवचन 30:15-16जैसे चाँदी के लिये कुठाली और सोने के लिये भट्ठी हैं, वैसे ही मनुष्य के लिये उसकी प्रशंसा है। यह भी देखें: नीतिवचन 17:3जकर्याह 13:9स्तोत्र ग्रन्थ 66:10चाहे तू मूर्ख को अनाज के बीच ओखली में डालकर मूसल से कूटे, तो भी उसकी मूर्खता नहीं जाने की। यह भी देखें: यिर्मयाह 5:3नीतिवचन 23:35यशायाह 1:5अपनी भेड़-बकरियों की दशा भली भाँति मन लगाकर जान ले, और अपने सब पशुओं के झुण्डों की देख-भाल उचित रीति से कर; यह भी देखें: 1 पतरस 5:2योहन 21:15-17उत्पत्ति 33:13क्योंकि सम्पत्ति सदा नहीं ठहरती; और क्या राजमुकुट पीढ़ी से पीढ़ी तक बना रहता है? यह भी देखें: नीतिवचन 23:51 तीमुथियुस 6:17-18सपन्याह 1:18कटी हुई घास उठा ली जाती और नई घास दिखाई देती है और पहाड़ों की हरियाली काटकर इकट्ठी की जाती है; यह भी देखें: नीतिवचन 10:5स्तोत्र ग्रन्थ 104:14तब भेड़ों के बच्चे तेरे वस्त्र के लिये होंगे, और बकरों के द्वारा खेत का मूल्य दिया जाएगा; यह भी देखें: अय्यूब 31:20और बकरियों का इतना दूध होगा कि तू अपने घराने समेत पेट भरकर पिया करेगा, और तेरी दासियों का भी जीवन निर्वाह होता रहेगा। यह भी देखें: मत्ती 6:33नीतिवचन 30:8-9
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)21 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
नीतिवचन 27:2
Ver. 2. Lips. All hate affectation and vanity. Jo. v. 51.
↑ 2नीतिवचन 27:3
Ver. 3. Both. He is insupportable to himself and to others. Eccli. xxii. 17.
↑ 3नीतिवचन 27:4
Ver. 4. And who. Sept. "but envy (zeal) beareth nothing." The more we yield to the envious, the more he is offended at our good behaviour.
↑ 4नीतिवचन 27:5
Ver. 5. Love. Which can be of no service to us, while reproof may cause us to amend.
↑ 5नीतिवचन 27:6
Ver. 6. Enemy. Joab slew Amasa, while he kissed him. 2 K. xx. 9. Matt. xxvi. 48.
True friendship is not attentive to outward appearances.
↑ 6नीतिवचन 27:8
Ver. 8. Place, or vocation, like the prodigal son, Lu. xv. The Israelites were much attached to their own country, where they might practise the true religion. C.
↑ 8नीतिवचन 27:9
Ver. 9. And. Sept. add, " wine and incense...but accidents tear the soul." H.
↑ 9नीतिवचन 27:10
Ver. 10. Affliction. He will be less compassionate than a tried friend. --- Better,
&c. This daily experience evinces. "Those who purchase land, should consider if there be plenty of water, and a neighbour." Pliny xviii. 5. --- The Persians honour most those who live nearest to them. Herod. i.
134.
↑ 10नीतिवचन 27:11
Ver. 11. Thou. Heb. Complut. and Sixtus V. "I may," &c. Sept. "and cast reproaches from thee."
↑ 11नीतिवचन 27:14
Ver. 14. In the night. Or "early in the morning," de nocte, as the Heb. implies. ---
Curseth. His importunity will be equally displeasing. H. --- Flattery is dangerous, (C.) and unworthy of a free man. Cic. de Amic.
↑ 14नीतिवचन 27:16
Ver. 16. Hand. As it will flow away, such as woman is commonly incorrigible. C.
↑ 16नीतिवचन 27:17
Ver. 17. Sharpeneth. Or instructeth. Fungar vice cotis. Hor. Art.
↑ 17नीतिवचन 27:18
Ver. 18. Glorified. He who serves his master well shall be promoted.
↑ 18नीतिवचन 27:19
Ver. 19. Are. Heb. "to men." Our hearts have all something similar. C. --- Sept.
"as faces are not like each other, so neither are the hearts of men." They have all come peculiarity. H. --- But this agrees not with the original.
↑ 19नीतिवचन 27:20
Ver. 20. Destruction. Heb. abaddo, or abadon. C. xv. 11. Apoc. ix. 11. People die, and are plunged in hell daily. --- Eyes. Avarice and ambition. Eccli. xiv. 9.
↑ 20नीतिवचन 27:21
Ver. 21. Praiseth. If he be not puffed up, or if all agree in his praises, we may conclude that they are well founded. --- The, &c. is not in Heb. Comp. S. Jer. or Chal. and destroys the connection.
↑ 21नीतिवचन 27:22
Ver. 22. Mortar. Such were used by those who could not afford handmills. C.
↑ 22नीतिवचन 27:23
Ver. 23. Flocks. Jo. x. 3. Eccli. vii. 24. This may be applied to pastors.
↑ 23नीतिवचन 27:24
Ver. 24. Generation. Thou wilt be cited as an example of prudence, if thou hast forseen the change of thy affairs, and provided for it. In the east it was not unusual to see a general of an army reduced to the meanest condition, and economy is necessary for all.
↑ 24नीतिवचन 27:26
Ver. 26. Field. If thou wishest to purchase, or to pay the workmen.
↑ 26नीतिवचन 27:27
Ver. 27. Milk. We cannot but admire such frugality. Sept. are rather different. C.
v. 25, "Be careful of the grass of thy field...that thou mayst have lambs for thy clothing. Honour the field, that there may be lambs for thee. 27 Son, thou hast from me solid instructions for thy life, and for that of thy servants." H.
↑ 27लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस