
यिर्मयाह · IRV-HI
यिर्मयाह
26
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के आरम्भ में, यहोवा की ओर से यह वचन पहुँचा, यह भी देखें: 2 इतिहास 36:4-5यिर्मयाह 27:12 राजाओं 23:34-36“यहोवा यह कहता है: यहोवा के भवन के आँगन में खड़ा होकर, यहूदा के सब नगरों के लोगों के सामने जो यहोवा के भवन में दण्डवत् करने को आएँ, ये वचन जिनके विषय उनसे कहने की आज्ञा मैं तुझे देता हूँ कह दे; उनमें से कोई वचन मत रख छोड़। यह भी देखें: व्यवस्थाविवरण 4:2प्रेरित-चरित 20:27मत्ती 28:20सम्भव है कि वे सुनकर अपनी-अपनी बुरी चाल से फिरें और मैं उनकी हानि करने से पछताऊँ जो उनके बुरे कामों के कारण मैंने ठाना था। यह भी देखें: यिर्मयाह 36:3यिर्मयाह 18:7-10यशायाह 1:16-19इसलिए तू उनसे कह, ‘यहोवा यह कहता है: यदि तुम मेरी सुनकर मेरी व्यवस्था के अनुसार जो मैंने तुम को सुनवा दी है न चलो, यह भी देखें: 1 राजाओं 9:6यिर्मयाह 44:10यशायाह 1:20और न मेरे दास भविष्यद्वक्ताओं के वचनों पर कान लगाओ, (जिन्हें मैं तुम्हारे पास बड़ा यत्न करके भेजता आया हूँ, परन्तु तुम ने उनकी नहीं सुनी), यह भी देखें: यिर्मयाह 11:7यिर्मयाह 7:13एज्रा 9:11तो मैं इस भवन को शीलो के समान उजाड़ दूँगा, और इस नगर का ऐसा सत्यानाश कर दूँगा कि पृथ्वी की सारी जातियों के लोग उसकी उपमा दे देकर श्राप दिया करेंगे।’” यह भी देखें: 2 राजाओं 22:19यिर्मयाह 24:9यशायाह 65:15जब यिर्मयाह ये वचन यहोवा के भवन में कह रहा था, तब याजक और भविष्यद्वक्ता और सब साधारण लोग सुन रहे थे। यह भी देखें: मीका 3:11यिर्मयाह 5:31यहेजकेल 22:25-26जब यिर्मयाह सब कुछ जिसे सारी प्रजा से कहने की आज्ञा यहोवा ने दी थी कह चुका, तब याजकों और भविष्यद्वक्ताओं और सब साधारण लोगों ने यह कहकर उसको पकड़ लिया, “निश्चय तुझे प्राणदण्ड मिलेगा! यह भी देखें: विलापगीत 4:13-14मत्ती 21:35-39मत्ती 26:3-4तूने क्यों यहोवा के नाम से यह भविष्यद्वाणी की ‘यह भवन शीलो के समान उजाड़ हो जाएगा, और यह नगर ऐसा उजड़ेगा कि उसमें कोई न रह जाएगा’?” इतना कहकर सब साधारण लोगों ने यहोवा के भवन में यिर्मयाह के विरुद्ध भीड़ लगाई। यह भी देखें: प्रेरित-चरित 4:17-19आमोस 5:10मत्ती 21:23यहूदा के हाकिम ये बातें सुनकर, राजा के भवन से यहोवा के भवन में चढ़ आए और उसके नये फाटक में बैठ गए। यह भी देखें: यिर्मयाह 36:10यहेजकेल 22:27यिर्मयाह 36:25तब याजकों और भविष्यद्वक्ताओं ने हाकिमों और सब लोगों से कहा, “यह मनुष्य प्राणदण्ड के योग्य है, क्योंकि इसने इस नगर के विरुद्ध ऐसी भविष्यद्वाणी की है जिसे तुम भी अपने कानों से सुन चुके हो।” (प्रेरि. 6:11-14) यह भी देखें: यिर्मयाह 38:4मत्ती 26:66व्यवस्थाविवरण 18:20तब यिर्मयाह ने सब हाकिमों और सब लोगों से कहा, “जो वचन तुम ने सुने हैं, उसे यहोवा ही ने मुझे इस भवन और इस नगर के विरुद्ध भविष्यद्वाणी की रीति पर कहने के लिये भेज दिया है। यह भी देखें: यिर्मयाह 26:15प्रेरित-चरित 4:19प्रेरित-चरित 5:29इसलिए अब अपना चाल चलन और अपने काम सुधारो, और अपने परमेश्वर यहोवा की बात मानो; तब यहोवा उस विपत्ति के विषय में जिसकी चर्चा उसने तुम से की है, पछताएगा। यह भी देखें: यशायाह 1:19योना 4:2योना 3:9देखो, मैं तुम्हारे वश में हूँ; जो कुछ तुम्हारी दृष्टि में भला और ठीक हो वही मेरे साथ करो। यह भी देखें: यहोशू 9:25यिर्मयाह 38:52 शमूएल 15:26पर यह निश्चय जानो, कि यदि तुम मुझे मार डालोगे, तो अपने को और इस नगर को और इसके निवासियों को निर्दोष के हत्यारे बनाओगे; क्योंकि सचमुच यहोवा ने मुझे तुम्हारे पास यह सब वचन सुनाने के लिये भेजा है।” यह भी देखें: गिनती 35:33नीतिवचन 6:17प्रेरित-चरित 7:60तब हाकिमों और सब लोगों ने याजकों और नबियों से कहा, “यह मनुष्य प्राणदण्ड के योग्य नहीं है क्योंकि उसने हमारे परमेश्वर यहोवा के नाम से हम से कहा है।” यह भी देखें: प्रेरित-चरित 23:9प्रेरित-चरित 5:34-39प्रेरित-चरित 23:29तब देश के पुरनियों में से कितनों ने उठकर प्रजा की सारी मण्डली से कहा, यह भी देखें: प्रेरित-चरित 5:34मीका 1:1“यहूदा के राजा हिजकिय्याह के दिनों में मोरेशेतवासी मीका भविष्यद्वाणी कहता था, उसने यहूदा के सारे लोगों से कहा: ‘सेनाओं का यहोवा यह कहता है कि सिय्योन जोतकर खेत बनाया जाएगा और यरूशलेम खण्डहर हो जाएगा, और भवनवाला पर्वत जंगली स्थान हो जाएगा।’ यह भी देखें: जकर्याह 8:3नहेम्याह 4:2मीका 1:1क्या यहूदा के राजा हिजकिय्याह ने या किसी यहूदी ने उसको कहीं मरवा डाला? क्या उस राजा ने यहोवा का भय न माना ओर उससे विनती न की? तब यहोवा ने जो विपत्ति उन पर डालने के लिये कहा था, उसके विषय क्या वह न पछताया? ऐसा करके हम अपने प्राणों की बड़ी हानि करेंगे।” यह भी देखें: निर्गमन 32:142 शमूएल 24:16यशायाह 37:15-20फिर शमायाह का पुत्र ऊरिय्याह नामक किर्यत्यारीम का एक पुरुष जो यहोवा के नाम से भविष्यद्वाणी कहता था उसने भी इस नगर और इस देश के विरुद्ध ठीक ऐसी ही भविष्यद्वाणी की जैसी यिर्मयाह ने अभी की है। यह भी देखें: 1 शमूएल 7:2यहोशू 9:17यहोशू 15:60जब यहोयाकीम राजा और उसके सब वीरों और सब हाकिमों ने उसके वचन सुने, तब राजा ने उसे मरवा डालने का यत्न किया; और ऊरिय्याह यह सुनकर डर के मारे मिस्र को भाग गया। यह भी देखें: मत्ती 10:23मत्ती 14:5यिर्मयाह 36:26तब यहोयाकीम राजा ने मिस्र को लोग भेजे अर्थात् अकबोर के पुत्र एलनातान को कितने और पुरुषों के साथ मिस्र को भेजा। यह भी देखें: 2 राजाओं 22:142 राजाओं 22:12यिर्मयाह 36:12वे ऊरिय्याह को मिस्र से निकालकर यहोयाकीम राजा के पास ले आए; और उसने उसे तलवार से मरवाकर उसकी लोथ को साधारण लोगों की कब्रों में फिंकवा दिया। यह भी देखें: यिर्मयाह 2:30प्रकाशितवाक्य 11:7प्रेरित-चरित 12:1-3परन्तु शापान का पुत्र अहीकाम यिर्मयाह की सहायता करने लगा और वह लोगों के वश में वध होने के लिये नहीं दिया गया। यह भी देखें: 2 राजाओं 22:12-141 राजाओं 18:4यिर्मयाह 39:14
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)12 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
यिर्मयाह 26:1
Ver. 1. Beginning, after Joakim had reigned some time. v. 21.
↑ 1यिर्मयाह 26:2
Ver. 2. Word. This example all pastors should follow, in the midst of dangers.
C.
↑ 2यिर्मयाह 26:3
Ver. 3. If. God is not ignorant, (C.) but he preserves man's free-will. S. Jer. --- He threatens conditionally, if people persist in evil. W.
↑ 3यिर्मयाह 26:6
Ver. 6. Silo. C. vii. 12. C. --- Curse. No greater punishment could be threatened or endured in this world. H.
↑ 6यिर्मयाह 26:8
Ver. 8. Death. The pretext was plausible, as God seemed to have promised the temple an eternal duration. 3 K. ix. 3. The Jews accused Christ of the like crime. Mat. xxvi. 61. Such questions were brought before the sanhedrim and priests. C. xxvi. 57. But the latter are here (C.) the chief accusers with "the false prophets." Sept. H. --- The princes, moved by the elders, (v. 17.) acquit the prophet, (C.) at the persuasion of Ahicam. v. 24. Several priests would probably judge along with the other princes, as the examination of impostors belonged chiefly to their tribunal. H. ---
All is often used for most part. W.
↑ 8यिर्मयाह 26:15
Ver. 15. Sent me. This was a complete justification. C. --- None could deny but Jeremias had all the characters of a true prophet. v. 16. H.
↑ 15यिर्मयाह 26:16
Ver. 16. All. The populace easily changes either for better or for worse. W.
↑ 16यिर्मयाह 26:17
Ver. 17. Ancients. They declare what happened about 100 years before, respecting Micheas. iii.
12. C.
↑ 17यिर्मयाह 26:18
Ver. 18. Mountain. Sion, on which the house of the Lord was built. Conquerors have sometimes ploughed up cities. C. --- Jam seges est ubi Troja fuit. Ovid, ep. i.
↑ 18यिर्मयाह 26:20
Ver. 20. There was. The adversaries make this reply, or the others contrast the conduct of Joakim with the piety of Ezechias.
↑ 20यिर्मयाह 26:23
Ver. 23. Egypt, as a seditious person...Joakim was tributary to Pharao.
↑ 23यिर्मयाह 26:24
Ver. 24. Ahicam. A man employed under Josias, (4 K. xxii. 12.) and father of Godolias, who was also the protector of Jeremias. C. xxxix. 14. and 4 K. xxv.
22. C.
↑ 24लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस