
2 इतिहास · IRV-HI
2 इतिहास
26
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
तब सब यहूदी प्रजा ने उज्जियाह को लेकर जो सोलह वर्ष का था, उसके पिता अमस्याह के स्थान पर राजा बनाया। यह भी देखें: मत्ती 1:8-92 इतिहास 22:12 इतिहास 33:25जब राजा अमस्याह मरकर अपने पुरखाओं के संग जा मिला तब उज्जियाह ने एलोत नगर को दृढ़ करके यहूदा में फिर मिला लिया। यह भी देखें: 2 इतिहास 25:232 राजाओं 16:62 राजाओं 14:22जब उज्जियाह राज्य करने लगा, तब वह सोलह वर्ष का था। और यरूशलेम में बावन वर्ष तक राज्य करता रहा, उसकी माता का नाम यकोल्याह था, जो यरूशलेम की थी। यह भी देखें: 2 राजाओं 15:2-3आमोस 1:1जकर्याह 14:5जैसे उसका पिता अमस्याह, किया करता था वैसा ही उसने भी किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक था। यह भी देखें: 2 इतिहास 25:2जकर्याह के दिनों में जो परमेश्वर के दर्शन के विषय समझ रखता था, वह परमेश्वर की खोज में लगा रहता था; और जब तक वह यहोवा की खोज में लगा रहा, तब तक परमेश्वर ने उसको सफलता दी। यह भी देखें: 2 इतिहास 15:22 इतिहास 24:21 इतिहास 22:13तब उसने जाकर पलिश्तियों से युद्ध किया, और गत, यब्ने और अश्दोद की शहरपनाहें गिरा दीं, और अश्दोद के आस-पास और पलिश्तियों के बीच में नगर बसाए। यह भी देखें: यशायाह 14:292 इतिहास 21:161 शमूएल 5:1परमेश्वर ने पलिश्तियों और गूर्बालवासी, अरबियों और मूनियों के विरुद्ध उसकी सहायता की। यह भी देखें: 2 इतिहास 21:16प्रेरित-चरित 26:221 इतिहास 5:20अम्मोनी उज्जियाह को भेंट देने लगे, वरन् उसकी कीर्ति मिस्र की सीमा तक भी फैल गई, क्योंकि वह अत्यन्त सामर्थी हो गया था। यह भी देखें: उत्पत्ति 19:382 इतिहास 17:112 शमूएल 8:2फिर उज्जियाह ने यरूशलेम में कोने के फाटक और तराई के फाटक और शहरपनाह के मोड़ पर गुम्मट बनवाकर दृढ़ किए। यह भी देखें: नहेम्याह 3:132 इतिहास 25:232 राजाओं 14:13उसके बहुत जानवर थे इसलिए उसने जंगल में और नीचे के देश और चौरस देश में गुम्मट बनवाए और बहुत से हौद खुदवाए, और पहाड़ों पर और कर्मेल में उसके किसान और दाख की बारियों के माली थे, क्योंकि वह खेती किसानी करनेवाला था। यह भी देखें: यशायाह 29:17उत्पत्ति 26:18-212 राजाओं 3:4फिर उज्जियाह के योद्धाओं की एक सेना थी जिनकी गिनती यीएल मुंशी और मासेयाह सरदार, हनन्याह नामक राजा के एक हाकिम की आज्ञा से करते थे, और उसके अनुसार वह दल बाँधकर लड़ने को जाती थी। यह भी देखें: 2 राजाओं 5:2पितरों के घरानों के मुख्य-मुख्य पुरुष जो शूरवीर थे, उनकी पूरी गिनती दो हजार छः सौ थी। उनके अधिकार में तीन लाख साढ़े सात हजार की एक बड़ी सेना थी, जो शत्रुओं के विरुद्ध राजा की सहायता करने को बड़े बल से युद्ध करनेवाले थे। यह भी देखें: 2 इतिहास 14:82 इतिहास 25:52 इतिहास 13:3इनके लिये अर्थात् पूरी सेना के लिये उज्जियाह ने ढालें, भाले, टोप, झिलम, धनुष और गोफन के पत्थर तैयार किए। यह भी देखें: न्यायियों 20:161 शमूएल 17:49फिर उसने यरूशलेम में गुम्मटों और कंगूरों पर रखने को चतुर पुरुषों के निकाले हुए यन्त्र भी बनवाए जिनके द्वारा तीर और बड़े-बड़े पत्थर फेंके जाते थे। उसकी कीर्ति दूर-दूर तक फैल गई, क्योंकि उसे अद्भुत सहायता यहाँ तक मिली कि वह सामर्थी हो गया। यह भी देखें: मत्ती 4:24निर्गमन 31:42 इतिहास 2:14परन्तु जब वह सामर्थी हो गया, तब उसका मन फूल उठा; और उसने बिगड़कर अपने परमेश्वर यहोवा का विश्वासघात किया, अर्थात् वह धूप की वेदी पर धूप जलाने को यहोवा के मन्दिर में घुस गया। यह भी देखें: 2 इतिहास 32:25नीतिवचन 16:18हबक्कूक 2:4पर अजर्याह याजक उसके बाद भीतर गया, और उसके संग यहोवा के अस्सी याजक भी जो वीर थे गए। यह भी देखें: 1 इतिहास 6:101 इतिहास 12:281 इतिहास 26:6उन्होंने उज्जियाह राजा का सामना करके उससे कहा, “हे उज्जियाह यहोवा के लिये धूप जलाना तेरा काम नहीं, हारून की सन्तान अर्थात् उन याजकों ही का काम है, जो धूप जलाने को पवित्र किए गए हैं। तू पवित्रस्थान से निकल जा; तूने विश्वासघात किया है, यहोवा परमेश्वर की ओर से यह तेरी महिमा का कारण न होगा।” यह भी देखें: निर्गमन 30:7-8गिनती 18:7इब्रानियों 5:4तब उज्जियाह धूप जलाने को धूपदान हाथ में लिये हुए झुँझला उठा। वह याजकों पर झुँझला रहा था, कि याजकों के देखते-देखते यहोवा के भवन में धूप की वेदी के पास ही उसके माथे पर कोढ़ प्रगट हुआ। यह भी देखें: गिनती 12:102 इतिहास 25:162 राजाओं 5:25-27अजर्याह महायाजक और सब याजकों ने उस पर दृष्टि की, और क्या देखा कि उसके माथे पर कोढ़ निकला है! तब उन्होंने उसको वहाँ से झटपट निकाल दिया, वरन् यह जानकर कि यहोवा ने मुझे कोढ़ी कर दिया है, उसने आप बाहर जाने को उतावली की। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 14:34एस्तेर 6:12व्यवस्थाविवरण 28:22उज्जियाह राजा मरने के दिन तक कोढ़ी रहा, और कोढ़ के कारण अलग एक घर में रहता था, वह यहोवा के भवन में जाने न पाता था। और उसका पुत्र योताम राजघराने के काम पर नियुक्त किया गया और वह लोगों का न्याय भी करता था। यह भी देखें: लैव्यव्यवस्था 13:462 राजाओं 15:5-72 राजाओं 7:3आदि से अन्त तक उज्जियाह के और कामों का वर्णन तो आमोस के पुत्र यशायाह नबी ने लिखा है। यह भी देखें: यशायाह 1:1यशायाह 6:12 इतिहास 9:29अन्त में उज्जियाह मरकर अपने पुरखाओं के संग जा मिला, और उसको उसके पुरखाओं के निकट राजाओं के मिट्टी देने के खेत में मिट्टी दी गई क्योंकि उन्होंने कहा, “वह कोढ़ी है।” उसका पुत्र योताम उसके स्थान पर राज्य करने लगा। यह भी देखें: 2 इतिहास 21:202 इतिहास 28:27यशायाह 6:1
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मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)16 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
2 इतिहास 26:1
Ver. 1. Ozias, called Azarias (4 K. xiv. 21. C.) improperly. H.
↑ 12 इतिहास 26:2
Ver. 2. Juda, till the reign of Achaz. 4 K. xvi. 6. It had revolted under Joram. C.
↑ 22 इतिहास 26:4
Ver. 4. Done. And was successful, as long as he attended to the high priest.
Num. xxvii. 21. W.
↑ 42 इतिहास 26:5
Ver. 5. God, or who had the gift of intelligence and prophecy from God. Heb.
"who was intelligent in the visions of God." Others have read birath, with the Sept. "in the fear;" or Chal.
&c. "instructing in the fear of the Lord." The Jews childishly understand Zacharias to mean the king himself, in the early part of his reign. Others suppose the priest, who was slain by Joas, is designated. Lyran. --- But this was rather his son (T. Cajet. C.) and successor, as well as a prophet, who had therefore a more perfect knowledge of God; though none can comprehend his being. H.
↑ 52 इतिहास 26:6
Ver. 6. In. Prot. "about Ashdod." Sept. "he built (or repaired) the cities of Azotus," to keep under the Philistines, who had revolted under Joram. C. xxi.
16.
↑ 62 इतिहास 26:7
Ver. 7. Gurbaal. Gerera, (S. Jer. Trad.) or Gebal. Ps. lxxxii. 8. Sept. "the rock," or Petra, in Arabia, where Stephanus places the Gabalenes. --- Ammonites. Heb.
mehunim. Sept. "Mineans,"
(C. xx. 1. H.) upon the Red Sea, (Steph.) or Mediterranean, (Pliny vi. 28,) or in Arabia Felix.
Strabo. M.
↑ 72 इतिहास 26:8
Ver. 8. Gifts. Tribute. C. xxvii. 5. C. --- Victories. Prot. "the strengthened himself exceedingly."
H.
↑ 82 इतिहास 26:9
Ver. 9. Corner. Repairing what Joas had demolished. 4 K. xiv. 13. T.
↑ 92 इतिहास 26:10
Ver. 10. Wilderness, for the protection of shepherds. 4 K. xvii. 9. --- Plains. Heb.
"valleys, and in the plains husbandmen, and vinedressers in the mountains, and in Carmel; for he loved the earth, or husbandry," like David. 1 Par. xvii. 25.
&c. --- Carmel, means, "the vine of God;" as both the mount in Juda, where Nabal resided, and that on the Mediterranean Sea, were famous for wine. Ozias probably cultivated the former mountain. C.
↑ 102 इतिहास 26:11
Ver. 11. Doctor. Heb. shoter. Sept. "judge." Prot. "ruler." H. --- The term is commonly understood of one who executes the sentence of the judge. But this employment does not suit a general, (C.) though such a one might well command. It many denote any "officer." H.
↑ 112 इतिहास 26:15
Ver. 15. Engines. They are here mentioned for the first time. C. --- For the. Heb.
"for he was wonderfully helped till he was established." H. --- He invented may things for the defence of his kingdom. C.
↑ 152 इतिहास 26:17
Ver. 17. Azarias. The prophet, who had hitherto kept the king (H.) within bounds, was now no more, v. 5. T.
↑ 172 इतिहास 26:18
Ver. 18. To thee. For usurping spiritual authority, the king was opposed by the high priest; and God confirmed the sentence of the latter, by striking Ozias with the leprosy; on which account, the was not only cast out of the temple, but also lost his kingdom, being obliged to live apart; (Lev. xiii. 46,) and after death, he could not be buried with his ancestors. W.
↑ 182 इतिहास 26:19
Ver. 19. Forehead. So that it could not be concealed. According to the rigour of the law, such an offender was to be slain. Num. iii. 10. and xviii. 7. The leprosy was considered as equivalent, and is styled destruction, (v. 16,) and death.
Isai. vi. 1. M. See 4 K. xv. 6.
↑ 192 इतिहास 26:22
Ver. 22. Prophet. Yet we find little concerning him in the prophecy of Isaias; so that the work has been lost, except what Esdras hath preserved. C.
↑ 222 इतिहास 26:23
Ver. 23. Leper. So much was the disease abhorred, (C.) as well as the king's late conduct. H.
↑ 23लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस