
2 इतिहास · IRV-HI
2 इतिहास
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बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
तब देश के लोगों ने योशिय्याह के पुत्र यहोआहाज को लेकर उसके पिता के स्थान पर यरूशलेम में राजा बनाया। यह भी देखें: यिर्मयाह 22:112 इतिहास 26:12 इतिहास 33:25जब यहोआहाज राज्य करने लगा, तब वह तेईस वर्ष का था, और तीन महीने तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। तब मिस्र के राजा ने उसको यरूशलेम में राजगद्दी से उतार दिया, और देश पर सौ किक्कार चाँदी और किक्कार भर सोना जुर्माने में दण्ड लगाया। यह भी देखें: 2 राजाओं 23:33तब मिस्र के राजा ने उसके भाई एलयाकीम को यहूदा और यरूशलेम का राजा बनाया और उसका नाम बदलकर यहोयाकीम रखा; परन्तु नको उसके भाई यहोआहाज को मिस्र में ले गया। यह भी देखें: यिर्मयाह 22:10-12यहेजकेल 19:3-41 इतिहास 3:15जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पच्चीस वर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। उसने वह काम किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है। यह भी देखें: 2 राजाओं 23:36-37यिर्मयाह 26:1यिर्मयाह 22:13-19उस पर बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने चढ़ाई की, और बाबेल ले जाने के लिये उसको पीतल की बेड़ियाँ पहना दीं। यह भी देखें: 2 इतिहास 33:11दानिय्येल 1:1-2यहेजकेल 19:5-9फिर नबूकदनेस्सर ने यहोवा के भवन के कुछ पात्र बाबेल ले जाकर, अपने मन्दिर में जो बाबेल में था, रख दिए। यह भी देखें: 2 राजाओं 24:13यिर्मयाह 28:3यिर्मयाह 27:16-18यहोयाकीम के और काम और उसने जो-जो घिनौने काम किए, और उसमें जो-जो बुराइयाँ पाई गईं, वह इस्राएल और यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखी हैं; और उसका पुत्र यहोयाकीन उसके स्थान पर राज्य करने लगा। यह भी देखें: 2 राजाओं 24:5-61 इतिहास 3:16-17मत्ती 1:11-12जब यहोयाकीन राज्य करने लगा, तब वह आठ वर्ष का था, और तीन महीने और दस दिन तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। उसने वह किया, जो परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है। यह भी देखें: 2 राजाओं 24:8-17नये वर्ष के लगते ही नबूकदनेस्सर ने लोगों को भेजकर, उसे और यहोवा के भवन के मनभावने पात्रों को बाबेल में मँगवा लिया, और उसके भाई सिदकिय्याह को यहूदा और यरूशलेम पर राजा नियुक्त किया। (मत्ती 1:11) यह भी देखें: यिर्मयाह 37:12 इतिहास 36:7यिर्मयाह 27:18-22जब सिदकिय्याह राज्य करने लगा, तब वह इक्कीस वर्ष का था, और यरूशलेम में ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा। यह भी देखें: 2 राजाओं 24:18-20यिर्मयाह 52:1-3यिर्मयाह 27:1उसने वही किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है। यद्यपि यिर्मयाह नबी यहोवा की ओर से बातें कहता था, तो भी वह उसके सामने दीन न हुआ। यह भी देखें: 2 इतिहास 33:23यिर्मयाह 38:14-28यिर्मयाह 37:2-21फिर नबूकदनेस्सर जिसने उसे परमेश्वर की शपथ खिलाई थी, उससे उसने बलवा किया, और उसने हठ किया और अपना मन कठोर किया, कि वह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर न फिरे। यह भी देखें: यहेजकेल 17:11-20यिर्मयाह 52:2-32 इतिहास 30:8सब प्रधान याजकों ने और लोगों ने भी अन्यजातियों के से घिनौने काम करके बहुत बड़ा विश्वासघात किया, और यहोवा के भवन को जो उसने यरूशलेम में पवित्र किया था, अशुद्ध कर डाला। यह भी देखें: यहेजकेल 22:6दानिय्येल 9:8यहेजकेल 22:26-28उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने बड़ा यत्न करके अपने दूतों से उनके पास कहला भेजा, क्योंकि वह अपनी प्रजा और अपने धाम पर तरस खाता था; यह भी देखें: यिर्मयाह 7:13यिर्मयाह 35:15यिर्मयाह 25:3-4परन्तु वे परमेश्वर के दूतों को उपहास में उड़ाते, उसके वचनों को तुच्छ जानते, और उसके नबियों की हँसी करते थे। अतः यहोवा अपनी प्रजा पर ऐसा झुँझला उठा, कि बचने का कोई उपाय न रहा। (प्रेरि. 13:41) यह भी देखें: यिर्मयाह 5:12-13लूकस 22:63-642 इतिहास 30:10तब उसने उन पर कसदियों के राजा से चढ़ाई करवाई, और इसने उनके जवानों को उनके पवित्र भवन ही में तलवार से मार डाला; और क्या जवान, क्या कुँवारी, क्या बूढ़े, क्या पक्के बाल वाले, किसी पर भी कोमलता न की; यहोवा ने सभी को उसके हाथ में कर दिया। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 74:20एज्रा 9:7यहेजकेल 9:5-7क्या छोटे, क्या बड़े, परमेश्वर के भवन के सब पात्र और यहोवा के भवन, और राजा, और उसके हाकिमों के खजाने, इन सभी को वह बाबेल में ले गया। यह भी देखें: 2 इतिहास 36:72 इतिहास 36:10जकर्याह 1:6कसदियों ने परमेश्वर का भवन फूँक दिया, और यरूशलेम की शहरपनाह को तोड़ डाला, और आग लगाकर उसके सब भवनों को जलाया, और उसमें का सारा बहुमूल्य सामान नष्ट कर दिया। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 79:1यिर्मयाह 7:4विलापगीत 4:1जो तलवार से बच गए, उन्हें वह बाबेल को ले गया, और फारस के राज्य के प्रबल होने तक वे उसके और उसके बेटों-पोतों के अधीन रहे। यह भी देखें: यिर्मयाह 27:7एज्रा 1:1-112 राजाओं 25:11यह सब इसलिए हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुँह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्रामकालों में सुख भोगता रहे। इसलिए जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला। यह भी देखें: यिर्मयाह 29:10लैव्यव्यवस्था 26:34-35यिर्मयाह 25:11-12फारस के राजा कुस्रू के पहले वर्ष में यहोवा ने उसके मन को उभारा कि जो वचन यिर्मयाह के मुँह से निकला था, वह पूरा हो। इसलिए उसने अपने समस्त राज्य में यह प्रचार करवाया, और इस आशय की चिट्ठियाँ लिखवाईं: यह भी देखें: यिर्मयाह 25:12एज्रा 1:1-3यिर्मयाह 29:10“फारस का राजा कुस्रू कहता है, ‘स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा ने पृथ्वी भर का राज्य मुझे दिया है, और उसी ने मुझे आज्ञा दी है कि यरूशलेम जो यहूदा में है उसमें मेरा एक भवन बनवा; इसलिए हे उसकी प्रजा के सब लोगों, तुम में से जो कोई चाहे, उसका परमेश्वर यहोवा उसके साथ रहे, वह वहाँ रवाना हो जाए।’” यह भी देखें: दानिय्येल 2:37जकर्याह 2:6-7दानिय्येल 4:35
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)15 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
2 इतिहास 36:3
Ver. 3. Him. Joachaz had attempted to defend himself, and had been conducted prisoner to Reblatha. 4 K. xxiii. 33. and Ezec. xix. 4. He was now deposed in from, and a tribute laid upon the people. C.
↑ 32 इतिहास 36:4
Ver. 4. Brother. From the time of David, the son had always succeeded his father. W.
↑ 42 इतिहास 36:6
Ver. 6. Babylon, but sent him back soon after; (T.) unless he altered his first design, (D.) and slew him disgracefully at Jerusalem. Lyran. E. C. 4 K. xxiii. 5.
--- He allowed him to reign as a vassal other three years, but took Daniel, &c.
captives. The seventy years of Jeremias, (xxv. 11.) are to be dated from this event. A. 3402. Usher.
↑ 62 इतिहास 36:7
Ver. 7. The vessels. Heb. and Sept. "a part of the vessels;" probably the most precious, (v. 10) breaking the rest in pieces, as he left none behind, v. 18. ---
Temple of his God. Dan. i. 2.
↑ 72 इतिहास 36:8
Ver. 8. In him. The Jews explain this of the diabolical characters forbidden, Lev.
xix. 28.
Carthusian. R. Sal. &c. --- But it may simply denote the hidden sins of the king, which God will bring to light, or his rebellious conduct. Amama. Gen. xliv. 16.
C.
↑ 82 इतिहास 36:9
Ver. 9. Eight years old. He was associated by his father to the kingdom, when he was but eight years old; but after his father's death, when he reigned alone, he was eighteen years old. 4 K.
xxiv. 8. Ch. --- He only enjoyed the throne three months and ten days. T. --- We must however observe, (H.) that the Alex. Sept. the Syr. and Arab. read here, eighteen. C. --- "It is, in my opinion, a pity that the translators have not mended such apparent errata of the scribe of the present Heb. out of 2 K. xxiv. 8, or out of Sept. or out of common sense." Wall. Kennicott. ---
These eight years may be dated from the captivity, and not from the king's birth. Usher. D.
↑ 92 इतिहास 36:10
Ver. 10. Year, in spring, when kings go out to war. C. --- Uncle. Sept. "brother of his father,"
which comes to the same sense, and was certainly the case. Heb. "his brother." Abraham indeed gives the title to his nephew. Gen. xiii. 8. C.
↑ 102 इतिहास 36:13
Ver. 13. By God, to be faithful. T. --- This enhances his crime. C.
↑ 132 इतिहास 36:15
Ver. 15. Early. Prot. "betimes, and sending: because," &c. H. --- Like a good master, God (T.) sent his servants to work at day-break, (H.) omitting nothing to induce them to return to him, that he might not be forced to punish them with severity. C.
↑ 152 इतिहास 36:16
Ver. 16. Remedy. All attempts to convert them proved in vain; (T.) and God, perceiving that they even despised his calls, became inexorable. C.
↑ 162 इतिहास 36:18
Ver. 18. Vessels. Only a few remained, to be restored by Cyrus, v. 19. C.
↑ 182 इतिहास 36:20
Ver. 20. Sons; Evilmerodac and Baltassar. --- Persia; Cyrus, who subdued the country.
↑ 202 इतिहास 36:21
Ver. 21. Sabbaths, every seventh year. Lev. xxv. 2. and xxvi. 43. Jer. xxv. 11. and xxix. 10. ---
Expired: not that the earth was quite neglected, all that time, from the third year of Joakim, A.M.
3398 till 3468. C. --- But it was almost: particularly after the murder of Godolias, (M.) the public worship was at a stand, &c. H. --- During this fifth age, the true religion subsisted invariable, not only in the kingdom of Juda, but also in that of Israel. See Worthington. H.
↑ 212 इतिहास 36:22
Ver. 22. First. Cyrus had ruled over Persia from A. 3444. He was now emperor of the east. A.
3468. C. --- These two verses are repeated by Esdras, which evinces that he was the author of this work also, (T.) adding them when he restored (W.) or revised (H.) the holy scriptures. W.
↑ 222 इतिहास 36:23
यह 19वीं सदी की टिप्पणी विवादात्मक भाषा का उपयोग करती है; इसे इस पैनल के शीर्ष पर दी गई टिप्पणी के प्रकाश में पढ़ें।
Ver. 23. The Lord, ( Jehova. ) In Esdras we find yehi, "Let," his God. H. --- Up.
The sentence is completed in the following book, which makes it probable that these verses are here inserted improperly, by some transcriber. The book of Chronicles, though for many ages the last in the Heb. MSS. was, perhaps, once followed by Ezra, as in Camb. MS. 1. (Kennicott) and as it is now in the Protestant version, taken from the Heb. H.
↑ 23लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस