
उत्पत्ति · IRV-HI
उत्पत्ति
39
बाइबल पाठकृत्रिम आवाज़ (AI)
जब यूसुफ मिस्र में पहुँचाया गया, तब पोतीपर नामक एक मिस्री ने, जो फ़िरौन का हाकिम, और अंगरक्षकों का प्रधान था, उसको इश्माएलियों के हाथ से जो उसे वहाँ ले गए थे, मोल लिया। यह भी देखें: उत्पत्ति 37:28स्तोत्र ग्रन्थ 105:17उत्पत्ति 37:36यूसुफ अपने मिस्री स्वामी के घर में रहता था, और यहोवा उसके संग था; इसलिए वह सफल पुरुष हो गया। (प्रेरि. 7:9) यह भी देखें: 1 शमूएल 18:14स्तोत्र ग्रन्थ 91:15यिर्मयाह 15:20और यूसुफ के स्वामी ने देखा, कि यहोवा उसके संग रहता है, और जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सफल कर देता है। (प्रेरि. 7:9) यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 1:3उत्पत्ति 30:272 इतिहास 26:5तब उसकी अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई, और वह उसकी सेवा टहल करने के लिये नियुक्त किया गया; फिर उसने उसको अपने घर का अधिकारी बनाकर अपना सब कुछ उसके हाथ में सौंप दिया। यह भी देखें: उत्पत्ति 39:21-22प्रेरित-चरित 20:28उत्पत्ति 24:2जब से उसने उसको अपने घर का और अपनी सारी सम्पत्ति का अधिकारी बनाया, तब से यहोवा यूसुफ के कारण उस मिस्री के घर पर आशीष देने लगा; और क्या घर में, क्या मैदान में, उसका जो कुछ था, सब पर यहोवा की आशीष होने लगी। यह भी देखें: उत्पत्ति 30:272 शमूएल 6:11-12प्रेरित-चरित 27:24इसलिए उसने अपना सब कुछ यूसुफ के हाथ में यहाँ तक छोड़ दिया कि अपने खाने की रोटी को छोड़, वह अपनी सम्पत्ति का हाल कुछ न जानता था। यूसुफ सुन्दर और रूपवान था। यह भी देखें: 1 शमूएल 16:12लूकस 19:17उत्पत्ति 29:17इन बातों के पश्चात् ऐसा हुआ, कि उसके स्वामी की पत्नी ने यूसुफ की ओर आँख लगाई और कहा, “मेरे साथ सो।” यह भी देखें: यहेजकेल 16:342 शमूएल 13:112 पतरस 2:14पर उसने अस्वीकार करते हुए अपने स्वामी की पत्नी से कहा, “सुन, जो कुछ इस घर में है मेरे हाथ में है; उसे मेरा स्वामी कुछ नहीं जानता, और उसने अपना सब कुछ मेरे हाथ में सौंप दिया है। यह भी देखें: नीतिवचन 22:14नीतिवचन 23:26-28नीतिवचन 1:10इस घर में मुझसे बड़ा कोई नहीं; और उसने तुझे छोड़, जो उसकी पत्नी है; मुझसे कुछ नहीं रख छोड़ा; इसलिए भला, मैं ऐसी बड़ी दुष्टता करके परमेश्वर का अपराधी क्यों बनूँ?” यह भी देखें: 2 शमूएल 12:13उत्पत्ति 42:18उत्पत्ति 20:6और ऐसा हुआ कि वह प्रतिदिन यूसुफ से बातें करती रही, पर उसने उसकी न मानी कि उसके पास लेटे या उसके संग रहे। यह भी देखें: 1 पतरस 2:112 तीमुथियुस 2:221 कुरिन्थियों 6:18एक दिन क्या हुआ कि यूसुफ अपना काम-काज करने के लिये घर में गया, और घर के सेवकों में से कोई भी घर के अन्दर न था। यह भी देखें: इफिसियों 5:12इफिसियों 5:3यिर्मयाह 23:24तब उस स्त्री ने उसका वस्त्र पकड़कर कहा, “मेरे साथ सो,” पर वह अपना वस्त्र उसके हाथ में छोड़कर भागा, और बाहर निकल गया। यह भी देखें: 2 तीमुथियुस 2:22नीतिवचन 7:13-27नीतिवचन 6:5यह देखकर कि वह अपना वस्त्र मेरे हाथ में छोड़कर बाहर भाग गया, उस स्त्री ने अपने घर के सेवकों को बुलाकर कहा, “देखो, वह एक इब्री मनुष्य को हमारा तिरस्कार करने के लिये हमारे पास ले आया है। वह तो मेरे साथ सोने के मतलब से मेरे पास अन्दर आया था और मैं ऊँचे स्वर से चिल्ला उठी। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 35:11यशायाह 54:17मत्ती 5:11और मेरी बड़ी चिल्लाहट सुनकर वह अपना वस्त्र मेरे पास छोड़कर भागा, और बाहर निकल गया।” और वह उसका वस्त्र उसके स्वामी के घर आने तक अपने पास रखे रही। यह भी देखें: स्तोत्र ग्रन्थ 37:32स्तोत्र ग्रन्थ 37:12यिर्मयाह 4:22तब उसने उससे इस प्रकार की बातें कहीं, “वह इब्री दास जिसको तू हमारे पास ले आया है, वह मुझसे हँसी करने के लिये मेरे पास आया था; यह भी देखें: निर्गमन 23:1नीतिवचन 19:9मत्ती 26:65और जब मैं ऊँचे स्वर से चिल्ला उठी, तब वह अपना वस्त्र मेरे पास छोड़कर बाहर भाग गया।” अपनी पत्नी की ये बातें सुनकर कि तेरे दास ने मुझसे ऐसा-ऐसा काम किया, यूसुफ के स्वामी का कोप भड़का। यह भी देखें: 2 थिस्सलुनीकियों 2:11नीतिवचन 18:17श्रेष्ठगीत 8:7और यूसुफ के स्वामी ने उसको पकड़कर बन्दीगृह में, जहाँ राजा के कैदी बन्द थे, डलवा दिया; अतः वह उस बन्दीगृह में रहा। यह भी देखें: उत्पत्ति 40:15दानिय्येल 3:21-22यशायाह 53:8पर यहोवा यूसुफ के संग-संग रहा, और उस पर करुणा की, और बन्दीगृह के दरोगा के अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई। यह भी देखें: यशायाह 41:10निर्गमन 3:211 पतरस 3:17इसलिए बन्दीगृह के दरोगा ने उन सब बन्दियों को, जो कारागार में थे, यूसुफ के हाथ में सौंप दिया; और जो-जो काम वे वहाँ करते थे, वह उसी की आज्ञा से होता था। यह भी देखें: उत्पत्ति 39:4उत्पत्ति 40:3-4स्तोत्र ग्रन्थ 37:11यूसुफ के वश में जो कुछ था उसमें से बन्दीगृह के दरोगा को कोई भी वस्तु देखनी न पड़ती थी; क्योंकि यहोवा यूसुफ के साथ था; और जो कुछ वह करता था, यहोवा उसको उसमें सफलता देता था। यह भी देखें: यशायाह 43:2स्तोत्र ग्रन्थ 1:3उत्पत्ति 39:2-3
यह भी देखें: क्रॉस-संदर्भ OpenBible.info (CC BY) से, आंशिक रूप से Treasury of Scripture Knowledge (सार्वजनिक डोमेन) पर आधारित।
मनन
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टिप्पणियाँ · हेडॉक (1859, सार्वजनिक डोमेन)10 टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ अंग्रेज़ी में फ़ा. जॉर्ज लियो हेडॉक की 19वीं सदी की काथलिक टीका, जैसी प्रकाशित हुई।
ये टिप्पणियाँ अपने समय के विवादों को बनाए रखती हैं: कुछ यहूदी लोगों या अन्य ख्रीस्तीयों के बारे में कठोरता से बोलती हैं। आज कलीसिया कुछ और सिखाती है: ख्रीस्त की मृत्यु के लिए यहूदी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता (नोस्त्रा एताते 4; धर्मशिक्षा 597–598), और अन्य समुदायों के ख्रीस्तीय प्रभु में हमारे भाई-बहन हैं (उनितातिस रेदिन्तेग्रात्सियो 3)। ख्रीस्तीय एकता
उत्पत्ति 39:1
Ver. 1. Ismaelites. They are called Madianites. C. xxxvii. 36. H.
↑ 1उत्पत्ति 39:6
Ver. 6. Bread. A proverbial expression, to shew how entirely he reposed in Joseph's fidelity and prudence. M. --- He was so rich, that he knew not the extent of his wealth. So Petronius says, Nescit quid habeat, adeo Zaplutus est. It may also be understood as a commendation of Joseph's disinterestedness.
↑ 6उत्पत्ति 39:7
Ver. 7. Many days. About 10 years; as Joseph was 30, three years after this. C.
↑ 7उत्पत्ति 39:9
Ver. 9. His wife, and such things as could not be touched without sin; such as his daughter, if the woman, whom Joseph afterwards married, was the daughter of this man. C. xli. 45. ---
My God, Elohim; which might also be understood of his lord and master. The sin against the latter would be resented by God, who is offended by every transgression. H.
↑ 9उत्पत्ति 39:10
Ver. 10. Both the woman was importunate, &c. Heb. does not express this so fully. D.
↑ 10उत्पत्ति 39:12
Ver. 12. Out. He could easily have wrested it from her. But he would not do any thing that might seem disrespectful, nor claim what her impure hands had touched. M.
↑ 12उत्पत्ति 39:16
Ver. 16. A proof of her fidelity, or an argument to gain credit, argumentum fidei. Ch. --- Love neglected, turns to fury. She wishes to take away Joseph's life, according to the laws of Egypt against adulterers. Diodorus says Sesostris burnt some women taken in the crime; and we must attribute it to divine Providence, that the enraged husband did not inflict instant death upon his slave. Perhaps he did not altogether believe him guilty. H.
↑ 16उत्पत्ति 39:17
Ver. 17. Thou hast, &c. As if her husband were guilty of an indiscretion. M.
↑ 17उत्पत्ति 39:19
Ver. 19. Too much. The proof was of an ambiguous nature. But Putiphar perhaps thought it unbecoming to distrust his wife, or to interrogate his slave. H.
↑ 19उत्पत्ति 39:21
Ver. 21. Keeper. Pererius thinks this was the same Putiphar, who, recognizing the innocence of Joseph, allows him every indulgence in prison; but does not liberate him, for fear of the dishonour and resentment of his wife. C. --- He had before put him in irons. Ps. civ. 18. Wis. x. 13. Joseph here exercises at once the four cardinal virtues. Prudence, in keeping out of the company of his mistress, as the Hebrew express it, v. 10. "He yielded not to lie with her, or to be in her company." H. ---
Justice, in regard to his master. Fortitude, in bearing with all sorts of hardships, loss of character, &c. And Temperance, by refusing to gratify the most violent of all passions, at an age when it is the most insidious and ungovernable. This makes the fathers exclaim, We wonder more at the conduct of Joseph, than at the delivery of the three children from the Babylonian furnace. For, like them, Joseph continues unhurt, and more shining, in the midst of the flames. S. Chrys. T. ---
The stories of Hippolitus, Bel erophon, &c. seem to be copied from this. C.
↑ 21लाइसेंस: Notes by Fr. George Leo Haydock (1774–1849), from the Douay-Rheims Bible with Haydock's commentary (first ed. Thomas Haydock, Manchester/Dublin, 1811–1814; New York: Edward Dunigan & Brother, 1859); New Testament notes compiled with Fr. Benedict Rayment. Public domain. Digital text: "The Haydock Bible", Internet Archive (archive.org/details/TheHaydockBible), uploaded 2011 under the Public Domain Mark. · आभार और लाइसेंस